पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 416 अब BNS धारा 319(1) है
धारा 416 - प्रतिरूपण द्वारा छल
पुराना कानून
IPC §416
धारा 416 - प्रतिरूपण द्वारा छल
प्रतिरूपण द्वारा छल
कोई व्यक्ति “प्रतिरूपण द्वारा छल करता है”, यह तब कहा जाता है, जब वह यह अपदेश करके कि वह कोई अन्य व्यक्ति है, या एक व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के रूप में जानते हुए प्रतिस्थापित करके, या यह व्यपदिष्ट करके कि वह या कोई अन्य व्यक्ति, कोई ऐसा व्यक्ति है, जो वस्तुतः उससे या अन्य व्यक्ति से भिन्न है, छल करता है ।
स्पष्टीकरण--यह अपराध हो जाता है चाहे वह व्यक्ति जिसका प्रतिरूपण किया गया है, वास्तविक व्यक्ति हो या काल्पनिक ।
दृष्टांत
(क) क उसी नाम का अमुक धनवान बैंकार है इस अपदेश द्वारा छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।
(ख) ख, जिसकी मॄत्यु हो चुकी है, होने का अपदेश करने द्वारा क छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।
पूरा पढ़ें: IPC §416कोई व्यक्ति “प्रतिरूपण द्वारा छल करता है”, यह तब कहा जाता है, जब वह यह अपदेश करके कि वह कोई अन्य व्यक्ति है, या एक व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के रूप में जानते हुए प्रतिस्थापित करके, या यह व्यपदिष्ट करके कि वह या कोई अन्य व्यक्ति, कोई ऐसा व्यक्ति है, जो वस्तुतः उससे या अन्य व्यक्ति से भिन्न है, छल करता है ।
स्पष्टीकरण--यह अपराध हो जाता है चाहे वह व्यक्ति जिसका प्रतिरूपण किया गया है, वास्तविक व्यक्ति हो या काल्पनिक ।
दृष्टांत
(क) क उसी नाम का अमुक धनवान बैंकार है इस अपदेश द्वारा छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।
(ख) ख, जिसकी मॄत्यु हो चुकी है, होने का अपदेश करने द्वारा क छल करता है । क प्रतिरूपण द्वारा छल करता है ।
नया कानून
BNS §319(1)
प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी।
(1) किसी व्यक्ति को प्रतिरूपण द्वारा धोखा देने वाला कहा जाता है यदि वह किसी अन्य व्यक्ति होने का ढोंग करके, या जानबूझकर किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर प्रतिस्थापित करके, या यह दर्शाकर कि वह या कोई अन्य व्यक्ति वास्तव में जो व्यक्ति है उससे भिन्न है, धोखा देता है।
स्पष्टीकरण। —यह अपराध तब भी होता है जब किसी व्यक्ति का प्रतिरूपण किया जाता है, चाहे वह वास्तविक व्यक्ति हो या काल्पनिक व्यक्ति।
चित्र।
(a) एक व्यक्ति उसी नाम के एक धनी बैंकर होने का ढोंग करके धोखा देता है। एक व्यक्ति प्रतिरूपण द्वारा धोखा देता है।
(ख) ए, बी नामक मृत व्यक्ति होने का दिखावा करके धोखा देता है। ए प्रतिरूपण द्वारा धोखा देता है।
(2) जो कोई प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पाँच वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, या जुर्माना, या दोनों।
पूरा पढ़ें: BNS §319(1)स्पष्टीकरण। —यह अपराध तब भी होता है जब किसी व्यक्ति का प्रतिरूपण किया जाता है, चाहे वह वास्तविक व्यक्ति हो या काल्पनिक व्यक्ति।
चित्र।
(a) एक व्यक्ति उसी नाम के एक धनी बैंकर होने का ढोंग करके धोखा देता है। एक व्यक्ति प्रतिरूपण द्वारा धोखा देता है।
(ख) ए, बी नामक मृत व्यक्ति होने का दिखावा करके धोखा देता है। ए प्रतिरूपण द्वारा धोखा देता है।
(2) जो कोई प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि पाँच वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, या जुर्माना, या दोनों।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
