पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 358 अब BNS धारा 136 है
धारा 358 - गम्भीर प्रकोपन मिलने पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
पुराना कानून
IPC §358
धारा 358 - गम्भीर प्रकोपन मिलने पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
गम्भीर प्रकोपन मिलने पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
जो कोई किसी व्यक्ति पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग उस व्यक्ति द्वारा दिए गए गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो सौ रुपए तक का हो सकेगा या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण - अंतिम धारा उसी स्पष्टीकरण के अध्यधीन है जिसके अध्यधीन की धारा 352 है ।
पूरा पढ़ें: IPC §358जो कोई किसी व्यक्ति पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग उस व्यक्ति द्वारा दिए गए गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर करेगा, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दो सौ रुपए तक का हो सकेगा या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण - अंतिम धारा उसी स्पष्टीकरण के अध्यधीन है जिसके अध्यधीन की धारा 352 है ।
नया कानून
BNS §136
गंभीर उकसावे पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग।
जो कोई भी किसी व्यक्ति द्वारा दिए गए गंभीर और अचानक उकसावे पर उस व्यक्ति पर हमला करता है या आपराधिक बल का प्रयोग करता है, उसे एक महीने तक की साधारण कारावास या एक हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण.—यह धारा धारा 131 के समान स्पष्टीकरण के अधीन है।
पूरा पढ़ें: BNS §136स्पष्टीकरण.—यह धारा धारा 131 के समान स्पष्टीकरण के अधीन है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
