पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 289 अब BNS धारा 291 है
धारा 289 - जीवजन्तु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण
पुराना कानून
IPC §289
धारा 289 - जीवजन्तु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण
जीवजन्तु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण
जो कोई अपने कब्जे में के किसी जीवजन्तु के संबंध में ऐसी व्यवस्था करने का, जो ऐसे जीवजन्तु से मानव जीवन को किसी अधिसम्भाव्य संकट या घोर उपहति के किसी अधिसंभाव्य संकट से बचाने के लिए पर्याप्त हो, जानते हुए या उपेक्षापूर्वक लोप करेगा, वह दोनों में से किसी भांति से कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §289जो कोई अपने कब्जे में के किसी जीवजन्तु के संबंध में ऐसी व्यवस्था करने का, जो ऐसे जीवजन्तु से मानव जीवन को किसी अधिसम्भाव्य संकट या घोर उपहति के किसी अधिसंभाव्य संकट से बचाने के लिए पर्याप्त हो, जानते हुए या उपेक्षापूर्वक लोप करेगा, वह दोनों में से किसी भांति से कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
नया कानून
BNS §291
धारा 291. जीव-जन्तु के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण ।
291. जो कोई अपने कब्जे में के किसी जीव-जन्तु के संबंध में ऐसे उपाय करने का, जो ऐसे जीव-जंतु से मानव जीवन को किसी अभिसम्भाव्य संकट या घोर उपहति के किसी अधिसंभाव्य संकट से बचाने के लिए पर्याप्त हो, जानते हुए या उपेक्षापूर्वक लोप करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: BNS §2911 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
