पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 277 अब BNS धारा 279 है
धारा 277 - लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना
पुराना कानून
IPC §277
धारा 277 - लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना
लोक जल-स्रोत या जलाशय का जल कलुषित करना
जो कोई किसी लोक जल-स्रोत या जलाशय के जल को स्वेच्छया इस प्रकार भ्रष्ट या कलुषित करेगा कि वह उस प्रयोजन के लिए, जिसके लिए वह मामूली तौर पर उपयोग में आता हो, कम उपयोगी हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §277जो कोई किसी लोक जल-स्रोत या जलाशय के जल को स्वेच्छया इस प्रकार भ्रष्ट या कलुषित करेगा कि वह उस प्रयोजन के लिए, जिसके लिए वह मामूली तौर पर उपयोग में आता हो, कम उपयोगी हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
नया कानून
BNS §279
सार्वजनिक जलस्रोत या जलाशय के पानी को प्रदूषित करना।
जो कोई भी स्वेच्छा से किसी सार्वजनिक झरने या जलाशय के पानी को दूषित या प्रदूषित करता है, जिससे वह उस उद्देश्य के लिए कम उपयुक्त हो जाता है जिसके लिए इसका सामान्यतः उपयोग किया जाता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §2791 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
