पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 235 अब BNS धारा 181 है
धारा 235 - सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री उपयोग में लाने के प्रयोजन से उसे कब्जे में रखना
पुराना कानून
IPC §235
धारा 235 - सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री उपयोग में लाने के प्रयोजन से उसे कब्जे में रखना
सिक्के के कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री उपयोग में लाने के प्रयोजन से उसे कब्जे में रखना
जो कोई किसी उपकरण या सामग्री को सिक्के के कूटकरण में उपयोग में लाए जाने के प्रयोजन से या यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए वह उस प्रयोजन के लिए उपयोग में लाए जाने के लिए आशयित है, अपने कब्जे में रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ;
यदि भारतीय सिक्का हो - और यदि कूटकरण किया जाने वाला सिक्का भारतीय सिक्का हो, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §235जो कोई किसी उपकरण या सामग्री को सिक्के के कूटकरण में उपयोग में लाए जाने के प्रयोजन से या यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए वह उस प्रयोजन के लिए उपयोग में लाए जाने के लिए आशयित है, अपने कब्जे में रखेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ;
यदि भारतीय सिक्का हो - और यदि कूटकरण किया जाने वाला सिक्का भारतीय सिक्का हो, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से भी दंडनीय होगा ।
नया कानून
BNS §181
सिक्कों, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों की जालसाजी या नकली बनाने के लिए उपकरण या सामग्री बनाना या रखना।
जो कोई भी किसी सिक्के, सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी या नकली बनाने के उद्देश्य से किसी मशीनरी, डाई, उपकरण या सामग्री का निर्माण या मरम्मत करता है, या निर्माण या मरम्मत की प्रक्रिया का कोई भाग करता है, या उसे खरीदता या बेचता है या उसका निपटान करता है, या अपने कब्जे में रखता है, या यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि इसका उपयोग सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी या नकली बनाने के लिए किया जाना है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §1811 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
