पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 199 अब BNS धारा 236 है
धारा 199 - ऐसी घोषणा में, जो साक्ष्य के रूप में विधि द्वारा ली जा सके, किया गया मिथ्या कथन
पुराना कानून
IPC §199
धारा 199 - ऐसी घोषणा में, जो साक्ष्य के रूप में विधि द्वारा ली जा सके, किया गया मिथ्या कथन
ऐसी घोषणा में, जो साक्ष्य के रूप में विधि द्वारा ली जा सके, किया गया मिथ्या कथन
जो कोई अपने द्वारा की गई या हस्ताक्षरित किसी घोषणा में, जिसकी किसी तथ्य के साक्ष्य के रूप में लेने के लिए कोई न्यायालय, या कोई लोक सेवक या अन्य व्यक्ति विधि द्वारा आबद्ध या प्राधिकॄत हो कोई ऐसा कथन करेगा, जो किसी ऐसी बात के संबध में, जो उस उद्देश्य के लिए तात्विक हो जिसके लिए वह घोषणा की जाए या उपयोग में लाई जाए, मिथ्या है और जिसके मिथ्या होने का उसे ज्ञान या विश्वास है, या जिसके सत्य होने का उसे विश्वास नहीं है, वह उसी प्रकार दंडित किया जाएगा, मानो उसने मिथ्या साक्ष्य दिया हो ।
पूरा पढ़ें: IPC §199जो कोई अपने द्वारा की गई या हस्ताक्षरित किसी घोषणा में, जिसकी किसी तथ्य के साक्ष्य के रूप में लेने के लिए कोई न्यायालय, या कोई लोक सेवक या अन्य व्यक्ति विधि द्वारा आबद्ध या प्राधिकॄत हो कोई ऐसा कथन करेगा, जो किसी ऐसी बात के संबध में, जो उस उद्देश्य के लिए तात्विक हो जिसके लिए वह घोषणा की जाए या उपयोग में लाई जाए, मिथ्या है और जिसके मिथ्या होने का उसे ज्ञान या विश्वास है, या जिसके सत्य होने का उसे विश्वास नहीं है, वह उसी प्रकार दंडित किया जाएगा, मानो उसने मिथ्या साक्ष्य दिया हो ।
नया कानून
BNS §236
घोषणापत्र में दिया गया झूठा बयान, जिसे कानून के अनुसार साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है।
जो कोई भी अपने द्वारा दिए गए या हस्ताक्षरित किसी भी घोषणापत्र में, जिसे कोई न्यायालय, कोई लोक सेवक या अन्य व्यक्ति किसी तथ्य के साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने के लिए कानून द्वारा बाध्य या अधिकृत है, कोई ऐसा कथन करता है जो झूठा है, और जिसे वह या तो झूठा मानता है या सत्य नहीं मानता है, और जो उस उद्देश्य से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण बिंदु से संबंधित है जिसके लिए घोषणापत्र दिया गया है या उपयोग किया गया है, उसे उसी प्रकार दंडित किया जाएगा जैसे कि उसने झूठी गवाही दी हो।
पूरा पढ़ें: BNS §2361 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
