पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 171H अब BNS धारा 176 है
धारा 171H - निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय
पुराना कानून
IPC §171H
धारा 171H - निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय
निर्वाचन के सिलसिले में अवैध संदाय
जो कोई किसी अभ्यर्थी के साधारण या विशेष लिखित प्राधिकार के बिना ऐसे अभ्यर्थी का निर्वाचन अग्रसर करने या निर्वाचन करा देने के लिए कोई सार्वजनिक सभा करने में या किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन पर या किसी भी अन्य ढंग से व्यय करेगा या करना प्राधिकॄत करेगा, वह जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा :
परंतु यदि कोई व्यक्ति, जिसने प्राधिकार के बिना कोई ऐसे व्यय किए हों, जो कुल मिलाकर दस रुपए से अधिक न हों, उस तारीख को ऐसे व्यय किए गए हों, दस दिन के भीतर उस अभ्यर्थी का लिखित अनुमोदन अभिप्राप्त कर ले, तो यह समझा जाएगा कि उसने ऐसे व्यय उस अभ्यर्थी के प्राधिकार से किए हैं ।
पूरा पढ़ें: IPC §171Hजो कोई किसी अभ्यर्थी के साधारण या विशेष लिखित प्राधिकार के बिना ऐसे अभ्यर्थी का निर्वाचन अग्रसर करने या निर्वाचन करा देने के लिए कोई सार्वजनिक सभा करने में या किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन पर या किसी भी अन्य ढंग से व्यय करेगा या करना प्राधिकॄत करेगा, वह जुर्माने से, जो पांच सौ रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा :
परंतु यदि कोई व्यक्ति, जिसने प्राधिकार के बिना कोई ऐसे व्यय किए हों, जो कुल मिलाकर दस रुपए से अधिक न हों, उस तारीख को ऐसे व्यय किए गए हों, दस दिन के भीतर उस अभ्यर्थी का लिखित अनुमोदन अभिप्राप्त कर ले, तो यह समझा जाएगा कि उसने ऐसे व्यय उस अभ्यर्थी के प्राधिकार से किए हैं ।
नया कानून
BNS §176
चुनाव के संबंध में अवैध भुगतान।
जो कोई भी उम्मीदवार के लिखित सामान्य या विशेष प्राधिकरण के बिना किसी सार्वजनिक सभा के आयोजन, किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन, या किसी अन्य तरीके से ऐसे उम्मीदवार के चुनाव को बढ़ावा देने या सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यय करता है या अधिकृत करता है, उसे दस हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।
बशर्ते कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के दस रुपये से अधिक का कोई व्यय करता है और ऐसे व्यय किए जाने की तिथि से दस दिनों के भीतर उम्मीदवार की लिखित स्वीकृति प्राप्त कर लेता है, तो यह माना जाएगा कि उसने उम्मीदवार की अनुमति से ऐसा व्यय किया है।
पूरा पढ़ें: BNS §176बशर्ते कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के दस रुपये से अधिक का कोई व्यय करता है और ऐसे व्यय किए जाने की तिथि से दस दिनों के भीतर उम्मीदवार की लिखित स्वीकृति प्राप्त कर लेता है, तो यह माना जाएगा कि उसने उम्मीदवार की अनुमति से ऐसा व्यय किया है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
