पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IPC धारा 120A अब BNS धारा 61(1) है
आपराधिक षड्यंत्र की परिभाषा।
पुराना कानून
IPC §120A
आपराधिक षड्यंत्र की परिभाषा।
1 [120ए. आपराधिक षड्यंत्र की परिभाषा। -- जब दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी कार्य को करने या करवाने के लिए सहमत होते हैं,
(1) कोई अवैध कार्य, या
(2) यदि कोई ऐसा कार्य अवैध साधनों द्वारा किया जाता है जो अवैध नहीं है, तो ऐसे समझौते को आपराधिक षड्यंत्र कहा जाता है:
बशर्ते कि किसी अपराध को अंजाम देने के समझौते के अलावा कोई भी समझौता आपराधिक षड्यंत्र नहीं माना जाएगा, जब तक कि उस समझौते के एक या अधिक पक्षों द्वारा उसके अनुसरण में समझौते के अतिरिक्त कोई कार्य न किया जाए।
स्पष्टीकरण : यह अप्रासंगिक है कि अवैध कृत्य ऐसे समझौते का अंतिम उद्देश्य है या केवल उस उद्देश्य का एक आकस्मिक हिस्सा है।
पूरा पढ़ें: IPC §120A(1) कोई अवैध कार्य, या
(2) यदि कोई ऐसा कार्य अवैध साधनों द्वारा किया जाता है जो अवैध नहीं है, तो ऐसे समझौते को आपराधिक षड्यंत्र कहा जाता है:
बशर्ते कि किसी अपराध को अंजाम देने के समझौते के अलावा कोई भी समझौता आपराधिक षड्यंत्र नहीं माना जाएगा, जब तक कि उस समझौते के एक या अधिक पक्षों द्वारा उसके अनुसरण में समझौते के अतिरिक्त कोई कार्य न किया जाए।
स्पष्टीकरण : यह अप्रासंगिक है कि अवैध कृत्य ऐसे समझौते का अंतिम उद्देश्य है या केवल उस उद्देश्य का एक आकस्मिक हिस्सा है।
नया कानून
BNS §61(1)
आपराधिक साजिश।
(1) जब दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी सामान्य उद्देश्य से किसी कार्य को करने या करवाने के लिए सहमत हों—
(क) एक अवैध कार्य; या
(ख) यदि कोई ऐसा कार्य अवैध साधनों द्वारा किया जाता है जो अवैध नहीं है, तो ऐसे समझौते को आपराधिक षड्यंत्र कहा जाता है:
बशर्ते कि किसी अपराध को अंजाम देने के समझौते के अलावा कोई भी समझौता आपराधिक षड्यंत्र नहीं माना जाएगा, जब तक कि उस समझौते के एक या अधिक पक्षों द्वारा उसके अनुसरण में समझौते के अतिरिक्त कोई कार्य न किया जाए।
स्पष्टीकरण. —यह अप्रासंगिक है कि अवैध कृत्य ऐसे समझौते का अंतिम उद्देश्य है या केवल उस उद्देश्य का आकस्मिक हिस्सा है।
(2) जो कोई भी आपराधिक षड्यंत्र में भागीदार है,—
(क) मृत्युदंड, आजीवन कारावास या दो वर्ष या उससे अधिक की अवधि के कठोर कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए, यदि इस संहिता में ऐसे षड्यंत्र के दंड के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, तो उसे उसी प्रकार दंडित किया जाएगा जैसे कि उसने ऐसे अपराध में सहायता की हो;
(ख) उपर्युक्त दंडनीय अपराध करने के लिए आपराधिक षड्यंत्र के अलावा अन्य किसी भी अपराध के लिए छह महीने से अधिक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §61(1)(क) एक अवैध कार्य; या
(ख) यदि कोई ऐसा कार्य अवैध साधनों द्वारा किया जाता है जो अवैध नहीं है, तो ऐसे समझौते को आपराधिक षड्यंत्र कहा जाता है:
बशर्ते कि किसी अपराध को अंजाम देने के समझौते के अलावा कोई भी समझौता आपराधिक षड्यंत्र नहीं माना जाएगा, जब तक कि उस समझौते के एक या अधिक पक्षों द्वारा उसके अनुसरण में समझौते के अतिरिक्त कोई कार्य न किया जाए।
स्पष्टीकरण. —यह अप्रासंगिक है कि अवैध कृत्य ऐसे समझौते का अंतिम उद्देश्य है या केवल उस उद्देश्य का आकस्मिक हिस्सा है।
(2) जो कोई भी आपराधिक षड्यंत्र में भागीदार है,—
(क) मृत्युदंड, आजीवन कारावास या दो वर्ष या उससे अधिक की अवधि के कठोर कारावास से दंडनीय अपराध करने के लिए, यदि इस संहिता में ऐसे षड्यंत्र के दंड के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, तो उसे उसी प्रकार दंडित किया जाएगा जैसे कि उसने ऐसे अपराध में सहायता की हो;
(ख) उपर्युक्त दंडनीय अपराध करने के लिए आपराधिक षड्यंत्र के अलावा अन्य किसी भी अपराध के लिए छह महीने से अधिक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
