पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IEA धारा 91 अब BSA धारा 94 है
दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध संविदाओं, अनुदानों तथा संपत्ति के अन्य व्ययनों के निबंधनों का साक्ष्य
पुराना कानून
IEA §91
दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध संविदाओं, अनुदानों तथा संपत्ति के अन्य व्ययनों के निबंधनों का साक्ष्य
जब कि किसी संविदा के, या अनुदान के, या संपत्ति के किसी अन्य व्ययन के निबंधन दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध कर लिए गए हों, तब, तथा उन सब दशाओं में जिनमें विधि द्वारा यह अपेक्षित है कि कोई बात दस्तावेज के रूप में लेखबद्ध की जाए, ऐसी संविदा, अनुदान या संपत्ति के अन्य व्ययन के निबंधनों के, या ऐसी बात के, सबूत में स्वयं उस दस्तावेज के सिवाय, या उन दशाओं में जिनमें एतस्मिन्पूर्व अन्तर्विष्ट उपबंधों के अधीन द्वितीयक साक्ष्य ग्राह्य है, उसकी अन्तर्वस्तु के द्वितीयक साक्ष्य के सिवाय, कोई भी साक्ष्य नहीं दिया जाएगा ।
अपवाद १ :
जब कि विधि द्वारा यह अपेक्षित है कि किसी लोक ऑफिसर की नियुक्ति लिखित रूप में की जाए, और जब यह दर्शित कर दिया जाता है कि किसी विशिष्ट व्यक्ति ने ऐसे ऑफिसर के नाते कार्य किया है, तब उस लेख का, जिसके द्वारा वह नियुक्त किया गया था, साबित किया जाना आवश्यक नहीं है ।
अपवाद २ :
जिन विलों का भारत में प्रोबेट मिल चुका है, वे प्रोबेट द्वारा साबित की जा सकेंगी ।
स्पष्टीकरण १ :
यह धारा उन दशाओं को, जिनमें निर्दिष्ट संविदाएँ, अनुदान या संपत्ति के व्ययन एक ही दस्तावेज में अन्तर्विष्ट हैं, तथा उन दशाओं को, जिनमें वे एक से अधिक दस्तावेजों में अन्तर्विष्ट हैं, समान रूप से लागू है ।
स्पष्टीकरण २ :
जहाँ कि एक से अधिक मूल हैं, वहाँ केवल एक मूल का साबित किया जाना आवश्यक है ।
स्पष्टीकरण ३ :
इस धारा में निर्दिष्ट तथ्यों से भिन्न किसी तथ्य का किसी भी दस्तावेज में कथन, उसी तथ्य के बारे में मौखिक साक्ष्य की ग्राह्यता का प्रवारण नहीं करेगा ।
दृष्टांत :
क)यदि कोई संविदा कई पत्रों में अन्तर्विष्ट है, तो वे सब पत्र, जिनमें वह अन्तर्विष्ट है, साबित करने होंगे ।
ख)यदि कोई संविदा किसी विनिमय-पत्र में अन्तर्विष्ट है, तो वह विनिमय-पत्र साबित करना होगा ।
ग)यदि कोई विनिमय-पत्र तीन की परत में लिखा गया है, तो केवल एक का साबित किया जाना आवश्यक है ।
घ)ऐ, बी से कतिपय निबंधनों पर नील के परिदान के लिए लिखित संविदा करता है । वह संविदा इस तथ्य का वर्णन करती है कि बी ने ऐ को किसी अन्य अवसर पर मौखिक रूप से संविदाकृत अन्य नील का मूल्य चुका दिया था । यह मौखिक साक्ष्य पेश किया जाता है कि उस अन्य नील के लिए कोई संदाय नहीं किया गया था । यह साक्ष्य ग्राह्य है ।
ङ)ऐ, बी द्वारा दिए गए धन की रसीद बी को देता है । संदाय का मौखिक साक्ष्य पेश किया जाता है । यह साक्ष्य ग्राह्य है ।
पूरा पढ़ें: IEA §91अपवाद १ :
जब कि विधि द्वारा यह अपेक्षित है कि किसी लोक ऑफिसर की नियुक्ति लिखित रूप में की जाए, और जब यह दर्शित कर दिया जाता है कि किसी विशिष्ट व्यक्ति ने ऐसे ऑफिसर के नाते कार्य किया है, तब उस लेख का, जिसके द्वारा वह नियुक्त किया गया था, साबित किया जाना आवश्यक नहीं है ।
अपवाद २ :
जिन विलों का भारत में प्रोबेट मिल चुका है, वे प्रोबेट द्वारा साबित की जा सकेंगी ।
स्पष्टीकरण १ :
यह धारा उन दशाओं को, जिनमें निर्दिष्ट संविदाएँ, अनुदान या संपत्ति के व्ययन एक ही दस्तावेज में अन्तर्विष्ट हैं, तथा उन दशाओं को, जिनमें वे एक से अधिक दस्तावेजों में अन्तर्विष्ट हैं, समान रूप से लागू है ।
स्पष्टीकरण २ :
जहाँ कि एक से अधिक मूल हैं, वहाँ केवल एक मूल का साबित किया जाना आवश्यक है ।
स्पष्टीकरण ३ :
इस धारा में निर्दिष्ट तथ्यों से भिन्न किसी तथ्य का किसी भी दस्तावेज में कथन, उसी तथ्य के बारे में मौखिक साक्ष्य की ग्राह्यता का प्रवारण नहीं करेगा ।
दृष्टांत :
क)यदि कोई संविदा कई पत्रों में अन्तर्विष्ट है, तो वे सब पत्र, जिनमें वह अन्तर्विष्ट है, साबित करने होंगे ।
ख)यदि कोई संविदा किसी विनिमय-पत्र में अन्तर्विष्ट है, तो वह विनिमय-पत्र साबित करना होगा ।
ग)यदि कोई विनिमय-पत्र तीन की परत में लिखा गया है, तो केवल एक का साबित किया जाना आवश्यक है ।
घ)ऐ, बी से कतिपय निबंधनों पर नील के परिदान के लिए लिखित संविदा करता है । वह संविदा इस तथ्य का वर्णन करती है कि बी ने ऐ को किसी अन्य अवसर पर मौखिक रूप से संविदाकृत अन्य नील का मूल्य चुका दिया था । यह मौखिक साक्ष्य पेश किया जाता है कि उस अन्य नील के लिए कोई संदाय नहीं किया गया था । यह साक्ष्य ग्राह्य है ।
ङ)ऐ, बी द्वारा दिए गए धन की रसीद बी को देता है । संदाय का मौखिक साक्ष्य पेश किया जाता है । यह साक्ष्य ग्राह्य है ।
नया कानून
BSA §94
अनुबंधों, अनुदानों और संपत्ति के अन्य निपटानों की शर्तों के साक्ष्य को दस्तावेज़ के रूप में दर्ज किया जाता है।
जब किसी अनुबंध, अनुदान या संपत्ति के किसी अन्य निपटान की शर्तों को दस्तावेज़ के रूप में दर्ज किया गया हो, और उन सभी मामलों में जिनमें कानून द्वारा किसी मामले को दस्तावेज़ के रूप में दर्ज करना आवश्यक हो, तो ऐसे अनुबंध, अनुदान या संपत्ति के अन्य निपटान की शर्तों या ऐसे मामले के प्रमाण में दस्तावेज़ के अलावा कोई साक्ष्य नहीं दिया जाएगा, या उन मामलों में जहां द्वितीयक साक्ष्य उपरोक्त प्रावधानों के तहत स्वीकार्य है, उसके विषयवस्तु का द्वितीयक साक्ष्य दिया जाएगा।
अपवाद 1.--जब किसी लोक अधिकारी को कानून द्वारा लिखित रूप में नियुक्त किया जाना आवश्यक हो, और जब यह सिद्ध हो जाए कि किसी विशेष व्यक्ति ने ऐसे अधिकारी के रूप में कार्य किया है, तो जिस लिखित दस्तावेज द्वारा उसे नियुक्त किया गया है, उसे सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है।
अपवाद 2.--भारत में प्रोबेट के लिए स्वीकृत वसीयतनामा प्रोबेट द्वारा सिद्ध किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण 1.--यह धारा उन मामलों पर समान रूप से लागू होती है जिनमें संदर्भित अनुबंध, अनुदान या संपत्ति का निपटान एक ही दस्तावेज़ में निहित है, और उन मामलों पर भी जिनमें वे एक से अधिक दस्तावेजों में निहित हैं।
स्पष्टीकरण 2.--जहां एक से अधिक मूल वस्तुएं हों, वहां केवल एक मूल वस्तु को ही सिद्ध करना आवश्यक है।
स्पष्टीकरण 3.--इस धारा में निर्दिष्ट तथ्यों के अलावा किसी अन्य तथ्य का किसी भी दस्तावेज़ में दिया गया कथन, उसी तथ्य के संबंध में मौखिक साक्ष्य की स्वीकृति को बाधित नहीं करेगा।
चित्र।
(क) यदि कोई अनुबंध अनेक पत्रों में निहित हो, तो वे सभी पत्र जिनमें वह निहित है, सिद्ध किए जाने चाहिए।
(ख) यदि कोई अनुबंध विनिमय पत्र में निहित है, तो विनिमय पत्र को सिद्ध किया जाना चाहिए।
(घ) A और B के बीच नील की आपूर्ति के लिए कुछ शर्तों पर लिखित अनुबंध होता है। अनुबंध में उल्लेख है कि B ने A को दूसरे नील की कीमत का भुगतान कर दिया था, जिसका मौखिक अनुबंध किसी अन्य अवसर पर हुआ था। मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है कि उस दूसरे नील के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया था। यह साक्ष्य स्वीकार्य है।
(ई) ए, बी को उसके द्वारा भुगतान की गई राशि की रसीद देता है। भुगतान का मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है। साक्ष्य स्वीकार्य है।
पूरा पढ़ें: BSA §94अपवाद 1.--जब किसी लोक अधिकारी को कानून द्वारा लिखित रूप में नियुक्त किया जाना आवश्यक हो, और जब यह सिद्ध हो जाए कि किसी विशेष व्यक्ति ने ऐसे अधिकारी के रूप में कार्य किया है, तो जिस लिखित दस्तावेज द्वारा उसे नियुक्त किया गया है, उसे सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है।
अपवाद 2.--भारत में प्रोबेट के लिए स्वीकृत वसीयतनामा प्रोबेट द्वारा सिद्ध किया जा सकता है।
स्पष्टीकरण 1.--यह धारा उन मामलों पर समान रूप से लागू होती है जिनमें संदर्भित अनुबंध, अनुदान या संपत्ति का निपटान एक ही दस्तावेज़ में निहित है, और उन मामलों पर भी जिनमें वे एक से अधिक दस्तावेजों में निहित हैं।
स्पष्टीकरण 2.--जहां एक से अधिक मूल वस्तुएं हों, वहां केवल एक मूल वस्तु को ही सिद्ध करना आवश्यक है।
स्पष्टीकरण 3.--इस धारा में निर्दिष्ट तथ्यों के अलावा किसी अन्य तथ्य का किसी भी दस्तावेज़ में दिया गया कथन, उसी तथ्य के संबंध में मौखिक साक्ष्य की स्वीकृति को बाधित नहीं करेगा।
चित्र।
(क) यदि कोई अनुबंध अनेक पत्रों में निहित हो, तो वे सभी पत्र जिनमें वह निहित है, सिद्ध किए जाने चाहिए।
(ख) यदि कोई अनुबंध विनिमय पत्र में निहित है, तो विनिमय पत्र को सिद्ध किया जाना चाहिए।
(घ) A और B के बीच नील की आपूर्ति के लिए कुछ शर्तों पर लिखित अनुबंध होता है। अनुबंध में उल्लेख है कि B ने A को दूसरे नील की कीमत का भुगतान कर दिया था, जिसका मौखिक अनुबंध किसी अन्य अवसर पर हुआ था। मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है कि उस दूसरे नील के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया था। यह साक्ष्य स्वीकार्य है।
(ई) ए, बी को उसके द्वारा भुगतान की गई राशि की रसीद देता है। भुगतान का मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है। साक्ष्य स्वीकार्य है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
