पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IEA धारा 65B अब BSA धारा 63 है
इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की स्वीकार्यता।
पुराना कानून
IEA §65B
इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की स्वीकार्यता।
(1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, किसी इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख में निहित कोई भी सूचना, जो कागज पर मुद्रित हो, ऑप्टिकल या चुंबकीय माध्यमों में संग्रहीत, रिकॉर्ड की गई हो या कंप्यूटर द्वारा निर्मित किसी इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख में प्रतिलिपि हो (जिसे इसके बाद कंप्यूटर आउटपुट कहा जाएगा), उसे भी एक दस्तावेज माना जाएगा, यदि इस धारा में उल्लिखित शर्तें संबंधित सूचना और कंप्यूटर के संबंध में पूरी होती हैं, और यह किसी भी कार्यवाही में, बिना किसी और प्रमाण या मूल प्रति प्रस्तुत किए, साक्ष्य के रूप में या मूल प्रति की किसी भी सामग्री या उसमें वर्णित किसी भी तथ्य के साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य होगी, जिसके प्रत्यक्ष साक्ष्य स्वीकार्य होंगे।
(2) उपधारा (1) में कंप्यूटर आउटपुट के संबंध में निर्दिष्ट शर्तें निम्नलिखित होंगी, अर्थात्:--
(क) सूचना युक्त कंप्यूटर आउटपुट उस अवधि के दौरान कंप्यूटर द्वारा उत्पादित किया गया था, जिस अवधि में कंप्यूटर का उपयोग उस व्यक्ति द्वारा नियमित रूप से की जाने वाली किसी भी गतिविधि के प्रयोजनों के लिए सूचना को संग्रहीत या संसाधित करने के लिए किया जाता था, जिसका कंप्यूटर के उपयोग पर वैध नियंत्रण था;
(ख) उक्त अवधि के दौरान, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में निहित प्रकार की जानकारी या जिस प्रकार की जानकारी से ऐसी जानकारी प्राप्त की जाती है, उस प्रकार की जानकारी उक्त गतिविधियों के सामान्य क्रम में नियमित रूप से कंप्यूटर में फीड की जाती थी;
(ग) उक्त अवधि के अधिकांश भाग के दौरान, कंप्यूटर ठीक से काम कर रहा था या, यदि नहीं, तो उस अवधि के दौरान जब वह ठीक से काम नहीं कर रहा था या बंद था, तो वह स्थिति ऐसी नहीं थी जिससे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या उसकी सामग्री की सटीकता प्रभावित हो; और
(घ) इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में निहित जानकारी उक्त गतिविधियों के सामान्य क्रम में कंप्यूटर में डाली गई ऐसी जानकारी को पुन: प्रस्तुत करती है या उससे प्राप्त की जाती है।
(3) यदि किसी अवधि के दौरान, उपधारा (2) के खंड (क) में उल्लिखित किसी गतिविधि के प्रयोजनों के लिए सूचना को संग्रहित करने या संसाधित करने का कार्य नियमित रूप से कंप्यूटरों द्वारा किया जाता था, तो क्या—
(क) उस अवधि के दौरान संचालित होने वाले कंप्यूटरों के संयोजन द्वारा; या
(ख) उस अवधि के दौरान क्रमिक रूप से संचालित होने वाले विभिन्न कंप्यूटरों द्वारा; या
(ग) उस अवधि के दौरान क्रमिक रूप से संचालित होने वाले कंप्यूटरों के विभिन्न संयोजनों द्वारा; या
(घ) किसी अन्य तरीके से जिसमें उस अवधि के दौरान एक या एक से अधिक कंप्यूटर और कंप्यूटरों के एक या एक से अधिक संयोजनों का क्रमिक संचालन शामिल हो, चाहे किसी भी क्रम में हो।
उस अवधि के दौरान उस उद्देश्य के लिए उपयोग किए गए सभी कंप्यूटरों को इस धारा के प्रयोजनों के लिए एक ही कंप्यूटर माना जाएगा; और इस धारा में कंप्यूटर के संदर्भों को तदनुसार समझा जाएगा।
(4) किसी भी कार्यवाही में, जहाँ इस धारा के आधार पर साक्ष्य के रूप में कोई कथन प्रस्तुत करना वांछित हो, तो निम्नलिखित में से कोई भी कार्य करने वाला प्रमाण पत्र, अर्थात्, --
(क) बयान वाले इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पहचान करना और उसे तैयार करने के तरीके का वर्णन करना;
(ख) उस इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के निर्माण में शामिल किसी भी उपकरण का ऐसा विवरण देना जो यह दर्शाने के लिए उपयुक्त हो कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड कंप्यूटर द्वारा निर्मित किया गया था;
(ग) उन मामलों से निपटना जिनसे उपधारा (2) में उल्लिखित शर्तें संबंधित हैं,
और यदि किसी प्रमाण पत्र पर संबंधित उपकरण के संचालन या संबंधित गतिविधियों के प्रबंधन (जो भी उपयुक्त हो) के संबंध में किसी जिम्मेदार आधिकारिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षर किए जाने का दावा किया जाता है, तो वह प्रमाण पत्र में उल्लिखित किसी भी बात का साक्ष्य होगा; और इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी बात को बताने वाले व्यक्ति के सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार ही उसे बताना पर्याप्त होगा।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,
(क) किसी कंप्यूटर को सूचना तब दी गई मानी जाएगी जब वह उसे किसी उपयुक्त रूप में दी जाए, चाहे वह सीधे तौर पर दी गई हो या (मानव हस्तक्षेप के साथ या उसके बिना) किसी उपयुक्त उपकरण के माध्यम से दी गई हो;
(ख) यदि किसी अधिकारी द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के दौरान, किसी कंप्यूटर द्वारा उन गतिविधियों के प्रयोजनों के लिए संग्रहीत या संसाधित किए जाने के उद्देश्य से कोई सूचना प्रदान की जाती है, जो उन गतिविधियों के दौरान संचालित नहीं होता है, तो वह सूचना, यदि विधिवत रूप से उस कंप्यूटर को प्रदान की गई है, तो उसे उन गतिविधियों के दौरान प्रदान की गई सूचना माना जाएगा;
(ग) कंप्यूटर आउटपुट को कंप्यूटर द्वारा उत्पादित माना जाएगा, चाहे वह सीधे कंप्यूटर द्वारा उत्पादित किया गया हो या (मानव हस्तक्षेप के साथ या उसके बिना) किसी उपयुक्त उपकरण के माध्यम से उत्पादित किया गया हो।
स्पष्टीकरण। -- इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए, किसी अन्य सूचना से प्राप्त सूचना के संदर्भ का अर्थ यह होगा कि वह सूचना गणना, तुलना या किसी अन्य प्रक्रिया द्वारा प्राप्त की गई है।
पूरा पढ़ें: IEA §65B(2) उपधारा (1) में कंप्यूटर आउटपुट के संबंध में निर्दिष्ट शर्तें निम्नलिखित होंगी, अर्थात्:--
(क) सूचना युक्त कंप्यूटर आउटपुट उस अवधि के दौरान कंप्यूटर द्वारा उत्पादित किया गया था, जिस अवधि में कंप्यूटर का उपयोग उस व्यक्ति द्वारा नियमित रूप से की जाने वाली किसी भी गतिविधि के प्रयोजनों के लिए सूचना को संग्रहीत या संसाधित करने के लिए किया जाता था, जिसका कंप्यूटर के उपयोग पर वैध नियंत्रण था;
(ख) उक्त अवधि के दौरान, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में निहित प्रकार की जानकारी या जिस प्रकार की जानकारी से ऐसी जानकारी प्राप्त की जाती है, उस प्रकार की जानकारी उक्त गतिविधियों के सामान्य क्रम में नियमित रूप से कंप्यूटर में फीड की जाती थी;
(ग) उक्त अवधि के अधिकांश भाग के दौरान, कंप्यूटर ठीक से काम कर रहा था या, यदि नहीं, तो उस अवधि के दौरान जब वह ठीक से काम नहीं कर रहा था या बंद था, तो वह स्थिति ऐसी नहीं थी जिससे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या उसकी सामग्री की सटीकता प्रभावित हो; और
(घ) इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में निहित जानकारी उक्त गतिविधियों के सामान्य क्रम में कंप्यूटर में डाली गई ऐसी जानकारी को पुन: प्रस्तुत करती है या उससे प्राप्त की जाती है।
(3) यदि किसी अवधि के दौरान, उपधारा (2) के खंड (क) में उल्लिखित किसी गतिविधि के प्रयोजनों के लिए सूचना को संग्रहित करने या संसाधित करने का कार्य नियमित रूप से कंप्यूटरों द्वारा किया जाता था, तो क्या—
(क) उस अवधि के दौरान संचालित होने वाले कंप्यूटरों के संयोजन द्वारा; या
(ख) उस अवधि के दौरान क्रमिक रूप से संचालित होने वाले विभिन्न कंप्यूटरों द्वारा; या
(ग) उस अवधि के दौरान क्रमिक रूप से संचालित होने वाले कंप्यूटरों के विभिन्न संयोजनों द्वारा; या
(घ) किसी अन्य तरीके से जिसमें उस अवधि के दौरान एक या एक से अधिक कंप्यूटर और कंप्यूटरों के एक या एक से अधिक संयोजनों का क्रमिक संचालन शामिल हो, चाहे किसी भी क्रम में हो।
उस अवधि के दौरान उस उद्देश्य के लिए उपयोग किए गए सभी कंप्यूटरों को इस धारा के प्रयोजनों के लिए एक ही कंप्यूटर माना जाएगा; और इस धारा में कंप्यूटर के संदर्भों को तदनुसार समझा जाएगा।
(4) किसी भी कार्यवाही में, जहाँ इस धारा के आधार पर साक्ष्य के रूप में कोई कथन प्रस्तुत करना वांछित हो, तो निम्नलिखित में से कोई भी कार्य करने वाला प्रमाण पत्र, अर्थात्, --
(क) बयान वाले इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पहचान करना और उसे तैयार करने के तरीके का वर्णन करना;
(ख) उस इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के निर्माण में शामिल किसी भी उपकरण का ऐसा विवरण देना जो यह दर्शाने के लिए उपयुक्त हो कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड कंप्यूटर द्वारा निर्मित किया गया था;
(ग) उन मामलों से निपटना जिनसे उपधारा (2) में उल्लिखित शर्तें संबंधित हैं,
और यदि किसी प्रमाण पत्र पर संबंधित उपकरण के संचालन या संबंधित गतिविधियों के प्रबंधन (जो भी उपयुक्त हो) के संबंध में किसी जिम्मेदार आधिकारिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षर किए जाने का दावा किया जाता है, तो वह प्रमाण पत्र में उल्लिखित किसी भी बात का साक्ष्य होगा; और इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, किसी बात को बताने वाले व्यक्ति के सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार ही उसे बताना पर्याप्त होगा।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,
(क) किसी कंप्यूटर को सूचना तब दी गई मानी जाएगी जब वह उसे किसी उपयुक्त रूप में दी जाए, चाहे वह सीधे तौर पर दी गई हो या (मानव हस्तक्षेप के साथ या उसके बिना) किसी उपयुक्त उपकरण के माध्यम से दी गई हो;
(ख) यदि किसी अधिकारी द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के दौरान, किसी कंप्यूटर द्वारा उन गतिविधियों के प्रयोजनों के लिए संग्रहीत या संसाधित किए जाने के उद्देश्य से कोई सूचना प्रदान की जाती है, जो उन गतिविधियों के दौरान संचालित नहीं होता है, तो वह सूचना, यदि विधिवत रूप से उस कंप्यूटर को प्रदान की गई है, तो उसे उन गतिविधियों के दौरान प्रदान की गई सूचना माना जाएगा;
(ग) कंप्यूटर आउटपुट को कंप्यूटर द्वारा उत्पादित माना जाएगा, चाहे वह सीधे कंप्यूटर द्वारा उत्पादित किया गया हो या (मानव हस्तक्षेप के साथ या उसके बिना) किसी उपयुक्त उपकरण के माध्यम से उत्पादित किया गया हो।
स्पष्टीकरण। -- इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए, किसी अन्य सूचना से प्राप्त सूचना के संदर्भ का अर्थ यह होगा कि वह सूचना गणना, तुलना या किसी अन्य प्रक्रिया द्वारा प्राप्त की गई है।
नया कानून
BSA §63
इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की स्वीकार्यता।
(1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, किसी इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख में निहित कोई भी सूचना, जो कागज पर मुद्रित हो, ऑप्टिकल या चुंबकीय माध्यमों में संग्रहित, अभिलेखित या प्रतिलिपि बनाई गई हो, या किसी कंप्यूटर या संचार उपकरण द्वारा निर्मित अर्धचालक मेमोरी में संग्रहित, अभिलेखित या प्रतिलिपि बनाई गई हो, या अन्यथा किसी इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहित, अभिलेखित या प्रतिलिपि बनाई गई हो (जिसे इसके बाद कंप्यूटर आउटपुट कहा जाएगा), उसे भी एक दस्तावेज माना जाएगा, यदि इस धारा में उल्लिखित शर्तें संबंधित सूचना और कंप्यूटर के संबंध में पूरी होती हैं, और यह किसी भी कार्यवाही में, बिना किसी और प्रमाण या मूल प्रति प्रस्तुत किए, साक्ष्य के रूप में या मूल प्रति की किसी भी सामग्री या उसमें वर्णित किसी भी तथ्य के साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य होगी, जिसके प्रत्यक्ष साक्ष्य स्वीकार्य होंगे।
(2) उपधारा (1) में कंप्यूटर आउटपुट के संबंध में निर्दिष्ट शर्तें निम्नलिखित होंगी, अर्थात्:---
(क) सूचना युक्त कंप्यूटर आउटपुट उस अवधि के दौरान कंप्यूटर या संचार उपकरण द्वारा उत्पन्न किया गया था, जिस अवधि में कंप्यूटर या संचार उपकरण का उपयोग उस व्यक्ति द्वारा नियमित रूप से की जाने वाली किसी गतिविधि के प्रयोजनों के लिए सूचना बनाने, संग्रहीत करने या संसाधित करने के लिए किया जाता था, जिसका कंप्यूटर या संचार उपकरण के उपयोग पर वैध नियंत्रण था;
(ख) उक्त अवधि के दौरान, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में निहित प्रकार की जानकारी या जिस प्रकार की जानकारी से ऐसी जानकारी प्राप्त की जाती है, उस प्रकार की जानकारी उक्त गतिविधियों के सामान्य क्रम में नियमित रूप से कंप्यूटर या संचार उपकरण में डाली जाती थी;
(ग) उक्त अवधि के अधिकांश भाग के दौरान, कंप्यूटर या संचार उपकरण ठीक से काम कर रहा था, या यदि नहीं, तो उस अवधि के दौरान जब वह ठीक से काम नहीं कर रहा था या बंद था, तो वह स्थिति ऐसी नहीं थी जिससे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या उसकी सामग्री की सटीकता प्रभावित हो; और
(घ) इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में निहित जानकारी उक्त गतिविधियों के सामान्य क्रम में कंप्यूटर या संचार उपकरण में डाली गई ऐसी जानकारी को पुन: प्रस्तुत करती है या उससे प्राप्त की जाती है।
(3) जहाँ किसी अवधि में, उपधारा (2) के खंड (क) में उल्लिखित किसी गतिविधि के प्रयोजनों के लिए सूचना सृजित करने, संग्रहित करने या संसाधित करने का कार्य नियमित रूप से एक या एक से अधिक कंप्यूटरों या संचार उपकरणों के माध्यम से किया जाता था, चाहे--
(क) स्टैंडअलोन मोड में; या
(ख) कंप्यूटर प्रणाली पर; या
(सी) कंप्यूटर नेटवर्क पर; या
(घ) सूचना सृजन को सक्षम करने वाले या सूचना प्रसंस्करण और भंडारण प्रदान करने वाले कंप्यूटर संसाधन पर; या
(ई) किसी मध्यस्थ के माध्यम से,
उस अवधि के दौरान उस उद्देश्य के लिए उपयोग किए गए सभी कंप्यूटर या संचार उपकरणों को इस धारा के प्रयोजनों के लिए एक ही कंप्यूटर या संचार उपकरण माना जाएगा; और इस धारा में कंप्यूटर या संचार उपकरण के संदर्भों को तदनुसार समझा जाएगा।
(4) किसी भी कार्यवाही में, जहाँ इस धारा के आधार पर साक्ष्य के रूप में कोई कथन प्रस्तुत करना वांछित हो, तो इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख के साथ, प्रत्येक बार जब उसे स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा रहा हो, निम्नलिखित में से कोई भी कार्य करने वाला प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) बयान वाले इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पहचान करना और उसे तैयार करने के तरीके का वर्णन करना;
(ख) उस इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख के उत्पादन में शामिल किसी भी उपकरण का ऐसा विवरण देना जो यह दर्शाने के लिए उपयुक्त हो कि इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख उपधारा (3) के खंड (क) से (ङ) में निर्दिष्ट कंप्यूटर या संचार उपकरण द्वारा उत्पादित किया गया था;
(ग) उन मामलों से निपटना जिनसे उपधारा (2) में उल्लिखित शर्तें संबंधित हैं,
और कंप्यूटर या संचार उपकरण के प्रभारी व्यक्ति या संबंधित गतिविधियों के प्रबंधन (जो भी उपयुक्त हो) और एक विशेषज्ञ द्वारा हस्ताक्षरित होने का दावा करने वाला प्रमाण पत्र, प्रमाण पत्र में उल्लिखित किसी भी मामले का साक्ष्य होगा; और इस उप-धारा के प्रयोजनों के लिए, अनुसूची में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र में किसी मामले को बताने वाले व्यक्ति के सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार बताया जाना पर्याप्त होगा।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,---
(क) किसी कंप्यूटर या संचार उपकरण को सूचना तब दी गई मानी जाएगी जब वह उसे किसी उपयुक्त रूप में दी गई हो और चाहे वह सीधे तौर पर दी गई हो या (मानव हस्तक्षेप के साथ या उसके बिना) किसी उपयुक्त उपकरण के माध्यम से दी गई हो;
(ख) कंप्यूटर आउटपुट को कंप्यूटर या संचार उपकरण द्वारा उत्पादित माना जाएगा, चाहे वह सीधे उसके द्वारा उत्पादित किया गया हो या (मानव हस्तक्षेप के साथ या उसके बिना) किसी उपयुक्त उपकरण या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से, जैसा कि उपधारा (3) के खंड (क) से (ङ) में संदर्भित है।
पूरा पढ़ें: BSA §63(2) उपधारा (1) में कंप्यूटर आउटपुट के संबंध में निर्दिष्ट शर्तें निम्नलिखित होंगी, अर्थात्:---
(क) सूचना युक्त कंप्यूटर आउटपुट उस अवधि के दौरान कंप्यूटर या संचार उपकरण द्वारा उत्पन्न किया गया था, जिस अवधि में कंप्यूटर या संचार उपकरण का उपयोग उस व्यक्ति द्वारा नियमित रूप से की जाने वाली किसी गतिविधि के प्रयोजनों के लिए सूचना बनाने, संग्रहीत करने या संसाधित करने के लिए किया जाता था, जिसका कंप्यूटर या संचार उपकरण के उपयोग पर वैध नियंत्रण था;
(ख) उक्त अवधि के दौरान, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में निहित प्रकार की जानकारी या जिस प्रकार की जानकारी से ऐसी जानकारी प्राप्त की जाती है, उस प्रकार की जानकारी उक्त गतिविधियों के सामान्य क्रम में नियमित रूप से कंप्यूटर या संचार उपकरण में डाली जाती थी;
(ग) उक्त अवधि के अधिकांश भाग के दौरान, कंप्यूटर या संचार उपकरण ठीक से काम कर रहा था, या यदि नहीं, तो उस अवधि के दौरान जब वह ठीक से काम नहीं कर रहा था या बंद था, तो वह स्थिति ऐसी नहीं थी जिससे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या उसकी सामग्री की सटीकता प्रभावित हो; और
(घ) इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में निहित जानकारी उक्त गतिविधियों के सामान्य क्रम में कंप्यूटर या संचार उपकरण में डाली गई ऐसी जानकारी को पुन: प्रस्तुत करती है या उससे प्राप्त की जाती है।
(3) जहाँ किसी अवधि में, उपधारा (2) के खंड (क) में उल्लिखित किसी गतिविधि के प्रयोजनों के लिए सूचना सृजित करने, संग्रहित करने या संसाधित करने का कार्य नियमित रूप से एक या एक से अधिक कंप्यूटरों या संचार उपकरणों के माध्यम से किया जाता था, चाहे--
(क) स्टैंडअलोन मोड में; या
(ख) कंप्यूटर प्रणाली पर; या
(सी) कंप्यूटर नेटवर्क पर; या
(घ) सूचना सृजन को सक्षम करने वाले या सूचना प्रसंस्करण और भंडारण प्रदान करने वाले कंप्यूटर संसाधन पर; या
(ई) किसी मध्यस्थ के माध्यम से,
उस अवधि के दौरान उस उद्देश्य के लिए उपयोग किए गए सभी कंप्यूटर या संचार उपकरणों को इस धारा के प्रयोजनों के लिए एक ही कंप्यूटर या संचार उपकरण माना जाएगा; और इस धारा में कंप्यूटर या संचार उपकरण के संदर्भों को तदनुसार समझा जाएगा।
(4) किसी भी कार्यवाही में, जहाँ इस धारा के आधार पर साक्ष्य के रूप में कोई कथन प्रस्तुत करना वांछित हो, तो इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख के साथ, प्रत्येक बार जब उसे स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा रहा हो, निम्नलिखित में से कोई भी कार्य करने वाला प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) बयान वाले इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पहचान करना और उसे तैयार करने के तरीके का वर्णन करना;
(ख) उस इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख के उत्पादन में शामिल किसी भी उपकरण का ऐसा विवरण देना जो यह दर्शाने के लिए उपयुक्त हो कि इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख उपधारा (3) के खंड (क) से (ङ) में निर्दिष्ट कंप्यूटर या संचार उपकरण द्वारा उत्पादित किया गया था;
(ग) उन मामलों से निपटना जिनसे उपधारा (2) में उल्लिखित शर्तें संबंधित हैं,
और कंप्यूटर या संचार उपकरण के प्रभारी व्यक्ति या संबंधित गतिविधियों के प्रबंधन (जो भी उपयुक्त हो) और एक विशेषज्ञ द्वारा हस्ताक्षरित होने का दावा करने वाला प्रमाण पत्र, प्रमाण पत्र में उल्लिखित किसी भी मामले का साक्ष्य होगा; और इस उप-धारा के प्रयोजनों के लिए, अनुसूची में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र में किसी मामले को बताने वाले व्यक्ति के सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार बताया जाना पर्याप्त होगा।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,---
(क) किसी कंप्यूटर या संचार उपकरण को सूचना तब दी गई मानी जाएगी जब वह उसे किसी उपयुक्त रूप में दी गई हो और चाहे वह सीधे तौर पर दी गई हो या (मानव हस्तक्षेप के साथ या उसके बिना) किसी उपयुक्त उपकरण के माध्यम से दी गई हो;
(ख) कंप्यूटर आउटपुट को कंप्यूटर या संचार उपकरण द्वारा उत्पादित माना जाएगा, चाहे वह सीधे उसके द्वारा उत्पादित किया गया हो या (मानव हस्तक्षेप के साथ या उसके बिना) किसी उपयुक्त उपकरण या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से, जैसा कि उपधारा (3) के खंड (क) से (ङ) में संदर्भित है।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
