पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IEA धारा 38 अब BSA धारा 32 है
विधि की पुस्तकों में अंतर्विष्ट किसी विधि के कथनों की सुसंगति
पुराना कानून
IEA §38
विधि की पुस्तकों में अंतर्विष्ट किसी विधि के कथनों की सुसंगति
जबकि न्यायालय को किसी देश की विधि के बारे में राय बनानी है, तब ऐसी विधि का कोई भी कथन, जो ऐसी किसी पुस्तक में अंतर्विष्ट है, जो ऐसे देश की सरकार के प्राधिकार के अधीन मुद्रित या प्रकाशित और ऐसी किसी विधि को अंतर्विष्ट करने वाली तात्पर्यित है, और ऐसे देश के न्यायालयों के किसी विनिर्णय की कोई रिपोर्ट जो ऐसी व्यवस्थाओं की रिपोर्ट से तात्पर्यित होने वाली किसी पुस्तक में अन्तर्विष्ट है, सुसंगत है ।
पूरा पढ़ें: IEA §38नया कानून
BSA §32
कानून की पुस्तकों में निहित किसी भी कानून से संबंधित कथनों की प्रासंगिकता, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रूप भी शामिल हैं।
जब न्यायालय को किसी देश के कानून के संबंध में कोई राय बनानी होती है, तो उस देश की सरकार के अधिकार के तहत मुद्रित या प्रकाशित किसी पुस्तक में निहित ऐसे कानून का कोई भी कथन, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रूप भी शामिल हैं, और उस देश के न्यायालयों के किसी निर्णय की रिपोर्ट, जो इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रूप में किसी पुस्तक में निहित हो और ऐसे निर्णयों की रिपोर्ट होने का दावा करती हो, प्रासंगिक होती है।
पूरा पढ़ें: BSA §321 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
