पाठ लगभग अपरिवर्तित है
IEA धारा 126 अब BSA धारा 132 (1) है
वृत्तिक (व्यावसायिक) संसूचनाएँ
पुराना कानून
IEA §126
वृत्तिक (व्यावसायिक) संसूचनाएँ
कोई भी बैरिस्टर, अटर्नी, प्लीडर या वकिल अपने कक्षीकार की अभिव्यक्त सम्मति के सिवाय ऐसी किसी संसूचना को प्रकट करने के लिए, जो उसके बैरिस्टर, अटर्नी, प्लीडर या वकिल की हैसियत में नियोजन के अनुक्रम में या के प्रयोजनार्थ उसके कक्षीकार द्वारा, या की ओर से उसे दी गई हो अथवा किसी दस्तावेज की, जिससे वह अपने वृत्तिक नियोजन के अनुक्रम में या के प्रयोजनार्थ परिचित हो गया है, अन्तर्वस्तु या दशा कथित करने को अथवा किसी सलाह को, जो ऐसे नियोजन के अनुक्रम में या प्रयोजनार्थ उसने अपने कक्षीकार को दी है, प्रकट करने के लिए किसी भी समय अनुज्ञात नहीं किया जाएगा :
परन्तु इस धारा की कोई भी बात निम्नलिखित बात को प्रकटीकरण से संरक्षण न देगी -
१)किसी भी अवैध प्रयोजन को अग्रसर करने में दी गई कोई भी ऐसी संसूचना,
२)ऐसा कोई भी तथ्य जो किसी बैरिस्टर, प्लीडर, अटर्नी या वकील ने अपनी हैसियत में नियोजन के अनुक्रम में संप्रक्षित किया हो, और जिससे दर्शित हो कि उसके नियोजन के प्रारंभ के पश्चात् कोई अपराध या कपट किया गया है ।
यह तत्वहीन है कि ऐसे बैरिस्टर, प्लीडर, अटर्नी या वकील का ध्यान ऐसे तथ्य के प्रति उसके कक्षीकार के द्वारा या की ओर से आकर्षित किया गया था या नहीं ।
स्पष्टीकरण :
इस धारा में कथित बाध्यता नियोजन के अवसित (समाप्त हो जाना ) हो जाने के उपरान्त भी बनी रहती है ।
दृष्टांत :
क) कक्षीकार ऐ, अटर्नी बी से कहता है, मैने कूटरचना की है और में चाहता हूँ कि आप मेरी प्रतिरक्षा करे ।
यह संसूचना प्रकटन से संरक्षित है, क्यों कि ऐसे व्यक्ति की प्रतिरक्षा आपराधिक प्रयोजन नहीं है, जिसका दोषी होना ज्ञात हो ।
ख)कक्षीकार ऐ, अटर्नी बी से कहता है, मै संपत्ति पर कब्जा कूटरचित विलेख के उपयोग द्वारा अभिप्राप्त करना चाहता हूँ और इस आधार पर वाद लेने की मै आपसे प्रार्थना करता हूँ ।
यह संसूचना आपराधिक प्रयोजन के अग्रसर करने में की गई होने से प्रकटन से संरक्षित नहीं है ।
ग)ऐ पर गबन (बेइमान दुर्विनियोग) का आरोप लगाए जोन पर वह अपनी प्रतिरक्षा करने के लिए अटर्नी बी को प्रतिधारित (रखे रहना ) करता है । कार्यवाही के अनुक्रम में बी देखता है कि ए की लेखाबही में यह प्रविष्टि की गई है कि ऐ द्वारा उतनी रकम देनी है जितनी के बारे में अभिकथित है कि उसका गबन किया गया है, जो प्रविष्टि उसके नियोजन के आरंभ के समय उस बही में नहीं थी ।
यह बी द्वारा अपने नियोजन के अनुक्रम में संप्रेक्षित ऐसा तथ्य होने से, जिससे दर्शित होता है कि कपट उस कार्यवाही के प्रारंभ होने के पश्चात् किया गया है, प्रकटन से संरक्षित नहीं है ।
पूरा पढ़ें: IEA §126परन्तु इस धारा की कोई भी बात निम्नलिखित बात को प्रकटीकरण से संरक्षण न देगी -
१)किसी भी अवैध प्रयोजन को अग्रसर करने में दी गई कोई भी ऐसी संसूचना,
२)ऐसा कोई भी तथ्य जो किसी बैरिस्टर, प्लीडर, अटर्नी या वकील ने अपनी हैसियत में नियोजन के अनुक्रम में संप्रक्षित किया हो, और जिससे दर्शित हो कि उसके नियोजन के प्रारंभ के पश्चात् कोई अपराध या कपट किया गया है ।
यह तत्वहीन है कि ऐसे बैरिस्टर, प्लीडर, अटर्नी या वकील का ध्यान ऐसे तथ्य के प्रति उसके कक्षीकार के द्वारा या की ओर से आकर्षित किया गया था या नहीं ।
स्पष्टीकरण :
इस धारा में कथित बाध्यता नियोजन के अवसित (समाप्त हो जाना ) हो जाने के उपरान्त भी बनी रहती है ।
दृष्टांत :
क) कक्षीकार ऐ, अटर्नी बी से कहता है, मैने कूटरचना की है और में चाहता हूँ कि आप मेरी प्रतिरक्षा करे ।
यह संसूचना प्रकटन से संरक्षित है, क्यों कि ऐसे व्यक्ति की प्रतिरक्षा आपराधिक प्रयोजन नहीं है, जिसका दोषी होना ज्ञात हो ।
ख)कक्षीकार ऐ, अटर्नी बी से कहता है, मै संपत्ति पर कब्जा कूटरचित विलेख के उपयोग द्वारा अभिप्राप्त करना चाहता हूँ और इस आधार पर वाद लेने की मै आपसे प्रार्थना करता हूँ ।
यह संसूचना आपराधिक प्रयोजन के अग्रसर करने में की गई होने से प्रकटन से संरक्षित नहीं है ।
ग)ऐ पर गबन (बेइमान दुर्विनियोग) का आरोप लगाए जोन पर वह अपनी प्रतिरक्षा करने के लिए अटर्नी बी को प्रतिधारित (रखे रहना ) करता है । कार्यवाही के अनुक्रम में बी देखता है कि ए की लेखाबही में यह प्रविष्टि की गई है कि ऐ द्वारा उतनी रकम देनी है जितनी के बारे में अभिकथित है कि उसका गबन किया गया है, जो प्रविष्टि उसके नियोजन के आरंभ के समय उस बही में नहीं थी ।
यह बी द्वारा अपने नियोजन के अनुक्रम में संप्रेक्षित ऐसा तथ्य होने से, जिससे दर्शित होता है कि कपट उस कार्यवाही के प्रारंभ होने के पश्चात् किया गया है, प्रकटन से संरक्षित नहीं है ।
नया कानून
BSA §132 (1)
पेशेवर संचार।
(1) किसी भी अधिवक्ता को, अपने मुवक्किल की स्पष्ट सहमति के बिना, किसी भी समय, अपने मुवक्किल द्वारा या उसकी ओर से अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवा के दौरान और उसके उद्देश्य से उसे प्राप्त किसी भी संचार का खुलासा करने, या किसी ऐसे दस्तावेज़ की विषयवस्तु या स्थिति बताने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे वह अपनी पेशेवर सेवा के दौरान और उसके उद्देश्य से परिचित हुआ हो, या ऐसी सेवा के दौरान और उसके उद्देश्य से अपने मुवक्किल को दी गई किसी भी सलाह का खुलासा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बशर्ते कि इस खंड में कोई भी बात निम्नलिखित के प्रकटीकरण से सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी--
(क) किसी अवैध उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया गया ऐसा कोई संचार;
(ख) किसी अधिवक्ता द्वारा, अपनी सेवा के दौरान, ऐसा कोई तथ्य देखा गया हो जिससे यह पता चलता हो कि उसकी सेवा शुरू होने के बाद से कोई अपराध या धोखाधड़ी की गई है।
(2) यह अप्रासंगिक है कि उपधारा (1) के परंतुक में निर्दिष्ट अधिवक्ता का ध्यान उसके मुवक्किल द्वारा या उसकी ओर से ऐसे तथ्य की ओर निर्देशित किया गया था या नहीं।
स्पष्टीकरण। --इस खंड में उल्लिखित दायित्व व्यावसायिक सेवा समाप्त होने के बाद भी जारी रहता है।
चित्र।
(क) ए, एक मुवक्किल, बी, एक वकील से कहता है-- "मैंने जालसाजी की है, और मैं चाहता हूँ कि आप मेरा बचाव करें"। चूंकि किसी दोषी व्यक्ति का बचाव करना आपराधिक उद्देश्य नहीं है, इसलिए यह संवाद सार्वजनिक किए जाने से सुरक्षित है।
(ख) ए, एक मुवक्किल, बी, एक वकील से कहता है-- "मैं एक जाली दस्तावेज़ का उपयोग करके संपत्ति पर कब्ज़ा प्राप्त करना चाहता हूँ, जिसके आधार पर मैं आपसे मुकदमा करने का अनुरोध करता हूँ।" यह संचार, आपराधिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया गया है, इसलिए इसे प्रकटीकरण से सुरक्षा प्राप्त नहीं है।
(ग) गबन के आरोप में ए ने अपना बचाव करने के लिए बी नामक एक वकील को नियुक्त किया। कार्यवाही के दौरान, बी ने देखा कि ए की खाता बही में गबन की गई राशि के लिए ए को आरोपित करते हुए एक प्रविष्टि की गई है, जो बी द्वारा पेशेवर सेवा शुरू करने के समय खाता बही में नहीं थी। चूंकि बी ने अपनी सेवा के दौरान इस तथ्य को देखा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कार्यवाही शुरू होने के बाद से धोखाधड़ी की गई है, इसलिए इसे खुलासा करने से छूट नहीं है।
(3) इस धारा के प्रावधान दुभाषियों और अधिवक्ताओं के क्लर्कों या कर्मचारियों पर लागू होंगे।
पूरा पढ़ें: BSA §132 (1)बशर्ते कि इस खंड में कोई भी बात निम्नलिखित के प्रकटीकरण से सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी--
(क) किसी अवैध उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया गया ऐसा कोई संचार;
(ख) किसी अधिवक्ता द्वारा, अपनी सेवा के दौरान, ऐसा कोई तथ्य देखा गया हो जिससे यह पता चलता हो कि उसकी सेवा शुरू होने के बाद से कोई अपराध या धोखाधड़ी की गई है।
(2) यह अप्रासंगिक है कि उपधारा (1) के परंतुक में निर्दिष्ट अधिवक्ता का ध्यान उसके मुवक्किल द्वारा या उसकी ओर से ऐसे तथ्य की ओर निर्देशित किया गया था या नहीं।
स्पष्टीकरण। --इस खंड में उल्लिखित दायित्व व्यावसायिक सेवा समाप्त होने के बाद भी जारी रहता है।
चित्र।
(क) ए, एक मुवक्किल, बी, एक वकील से कहता है-- "मैंने जालसाजी की है, और मैं चाहता हूँ कि आप मेरा बचाव करें"। चूंकि किसी दोषी व्यक्ति का बचाव करना आपराधिक उद्देश्य नहीं है, इसलिए यह संवाद सार्वजनिक किए जाने से सुरक्षित है।
(ख) ए, एक मुवक्किल, बी, एक वकील से कहता है-- "मैं एक जाली दस्तावेज़ का उपयोग करके संपत्ति पर कब्ज़ा प्राप्त करना चाहता हूँ, जिसके आधार पर मैं आपसे मुकदमा करने का अनुरोध करता हूँ।" यह संचार, आपराधिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया गया है, इसलिए इसे प्रकटीकरण से सुरक्षा प्राप्त नहीं है।
(ग) गबन के आरोप में ए ने अपना बचाव करने के लिए बी नामक एक वकील को नियुक्त किया। कार्यवाही के दौरान, बी ने देखा कि ए की खाता बही में गबन की गई राशि के लिए ए को आरोपित करते हुए एक प्रविष्टि की गई है, जो बी द्वारा पेशेवर सेवा शुरू करने के समय खाता बही में नहीं थी। चूंकि बी ने अपनी सेवा के दौरान इस तथ्य को देखा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कार्यवाही शुरू होने के बाद से धोखाधड़ी की गई है, इसलिए इसे खुलासा करने से छूट नहीं है।
(3) इस धारा के प्रावधान दुभाषियों और अधिवक्ताओं के क्लर्कों या कर्मचारियों पर लागू होंगे।
IEA धारा 126 इन धाराओं से भी मेल खाती है
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
