पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 473 अब BNSS धारा 519 है
धारा 473. कतिपय दशाओं में परिसीमा-काल का बढ़ाया जाना
पुराना कानून
CrPC §473
धारा 473. कतिपय दशाओं में परिसीमा-काल का बढ़ाया जाना
473. कतिपय दशाओं में परिसीमा-काल का बढ़ाया जाना
इस अध्याय के पूर्वगामी उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी, कोई न्यायालय किसी अपराध का संज्ञान परिसीमा-काल की समाप्ति के पश्चात् भी कर सकेगा, यदि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में उसका यह समाधान हो जाता है कि विलंब का सम्यक् रूप से स्पष्टीकरण कर दिया गया है, अथवा यह कि न्याय के हित में ऐसा करना आवश्यक है।
पूरा पढ़ें: CrPC §473इस अध्याय के पूर्वगामी उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी, कोई न्यायालय किसी अपराध का संज्ञान परिसीमा-काल की समाप्ति के पश्चात् भी कर सकेगा, यदि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में उसका यह समाधान हो जाता है कि विलंब का सम्यक् रूप से स्पष्टीकरण कर दिया गया है, अथवा यह कि न्याय के हित में ऐसा करना आवश्यक है।
नया कानून
BNSS §519
कुछ मामलों में परिसीमा अवधि का विस्तार।
इस अध्याय के पूर्वगामी प्रावधानों में किसी बात के होते हुए भी, कोई भी न्यायालय परिसीमा अवधि समाप्त होने के बाद किसी अपराध का संज्ञान ले सकता है, यदि वह मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से संतुष्ट हो कि विलंब का उचित स्पष्टीकरण दिया गया है या न्याय के हित में ऐसा करना आवश्यक है।
पूरा पढ़ें: BNSS §5191 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
