पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 459 अब BNSS धारा 505 है
धारा 459. नाशवान संपत्ति बेचने की शक्ति
पुराना कानून
CrPC §459
धारा 459. नाशवान संपत्ति बेचने की शक्ति
459. नाशवान संपत्ति बेचने की शक्ति
यदि ऐसी संपत्ति के कब्जे का हकदार व्यक्ति अज्ञात या अनुपस्थित है और वह संपत्ति शीघ्र और प्राकृतिक क्षय के अधीन है, या यदि वह मजिस्ट्रेट जिसे उसके अभिग्रहण की रिपोर्ट दी गई है, यह राय रखता है कि उसका विक्रय स्वामी के फायदे के लिए होगा, या यह कि ऐसी संपत्ति का मूल्य पांच सौ रुपए से कम है, तो मजिस्ट्रेट किसी भी समय उसे बेचे जाने का निदेश दे सकेगा; और धारा 457 तथा धारा 458 के उपबंध, जहां तक साध्य हो, ऐसे विक्रय के शुद्ध आगमों को लागू होंगे।
पूरा पढ़ें: CrPC §459यदि ऐसी संपत्ति के कब्जे का हकदार व्यक्ति अज्ञात या अनुपस्थित है और वह संपत्ति शीघ्र और प्राकृतिक क्षय के अधीन है, या यदि वह मजिस्ट्रेट जिसे उसके अभिग्रहण की रिपोर्ट दी गई है, यह राय रखता है कि उसका विक्रय स्वामी के फायदे के लिए होगा, या यह कि ऐसी संपत्ति का मूल्य पांच सौ रुपए से कम है, तो मजिस्ट्रेट किसी भी समय उसे बेचे जाने का निदेश दे सकेगा; और धारा 457 तथा धारा 458 के उपबंध, जहां तक साध्य हो, ऐसे विक्रय के शुद्ध आगमों को लागू होंगे।
नया कानून
BNSS §505
नाशवान संपत्ति बेचने का अधिकार।
यदि ऐसी संपत्ति पर अधिकार प्राप्त व्यक्ति अज्ञात हो या अनुपस्थित हो तथा संपत्ति शीघ्र और स्वाभाविक रूप से क्षय होने की संभावना हो, या यदि जिस मजिस्ट्रेट को इसकी जब्ती की सूचना दी गई है, वह यह मानता हो कि इसकी बिक्री स्वामी के हित में होगी, या ऐसी संपत्ति का मूल्य दस हजार रुपये से कम है, तो मजिस्ट्रेट किसी भी समय इसे बेचने का निर्देश दे सकता है; और धारा 503 और 504 के प्रावधान, यथासंभव, ऐसी बिक्री से प्राप्त शुद्ध धनराशि पर लागू होंगे।
पूरा पढ़ें: BNSS §5051 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
