पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 4 अब BNSS धारा 4 है
धारा 4. भारतीय दंड संहिता और अन्य विधियों के अधीन अपराधों का विचारण
पुराना कानून
CrPC §4
धारा 4. भारतीय दंड संहिता और अन्य विधियों के अधीन अपराधों का विचारण
4. भारतीय दंड संहिता और अन्य विधियों के अधीन अपराधों का विचारण
(1) भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) के अधीन सब अपराधों का अन्वेषण, जांच, विचारण और उनका अन्यथा निपटारा इसमें इसके पश्चात् अंतर्विष्ट उपबंधों के अनुसार किया जाएगा।
(2) किसी अन्य विधि के अधीन सब अपराधों का अन्वेषण, जांच, विचारण और उनका अन्यथा निपटारा उन्हीं उपबंधों के अनुसार किया जाएगा, किन्तु वह ऐसे अपराधों के अन्वेषण, जांच, विचारण या अन्यथा निपटारे की रीति या स्थान का विनियमन करने वाली तत्समय प्रवृत्त किसी अधिनियमिति के अधीन रहेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §4(1) भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) के अधीन सब अपराधों का अन्वेषण, जांच, विचारण और उनका अन्यथा निपटारा इसमें इसके पश्चात् अंतर्विष्ट उपबंधों के अनुसार किया जाएगा।
(2) किसी अन्य विधि के अधीन सब अपराधों का अन्वेषण, जांच, विचारण और उनका अन्यथा निपटारा उन्हीं उपबंधों के अनुसार किया जाएगा, किन्तु वह ऐसे अपराधों के अन्वेषण, जांच, विचारण या अन्यथा निपटारे की रीति या स्थान का विनियमन करने वाली तत्समय प्रवृत्त किसी अधिनियमिति के अधीन रहेगा।
नया कानून
BNSS §4
भारतीय न्याय संहिता, 2023 और अन्य कानूनों के तहत अपराधों का मुकदमा।
(1) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत सभी अपराधों की जांच, पूछताछ, मुकदमा और अन्य प्रकार से निपटारा इसके बाद दिए गए प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
(2) किसी अन्य कानून के तहत सभी अपराधों की जांच, पूछताछ, मुकदमा और अन्य तरीके से निपटारा उसी प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा, लेकिन उस समय लागू किसी भी अधिनियम के अधीन रहते हुए जो ऐसे अपराधों की जांच, पूछताछ, मुकदमा या अन्य तरीके से निपटने के तरीके या स्थान को विनियमित करता हो।
पूरा पढ़ें: BNSS §4(2) किसी अन्य कानून के तहत सभी अपराधों की जांच, पूछताछ, मुकदमा और अन्य तरीके से निपटारा उसी प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा, लेकिन उस समय लागू किसी भी अधिनियम के अधीन रहते हुए जो ऐसे अपराधों की जांच, पूछताछ, मुकदमा या अन्य तरीके से निपटने के तरीके या स्थान को विनियमित करता हो।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
