पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 293 अब BNSS धारा 329 है
धारा 293. कतिपय सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें
पुराना कानून
CrPC §293
धारा 293. कतिपय सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें
293. कतिपय सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें
(1) कोई दस्तावेज, जो ऐसे सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ के, जिसे यह धारा लागू होती है, हस्ताक्षर के अधीन किसी ऐसी बात या वस्तु के बारे में रिपोर्ट होना तात्पर्यित है, जो इस संहिता के अधीन किसी कार्यवाही के अनुक्रम में परीक्षा या विश्लेषण और रिपोर्ट के लिए उसे सम्यक् रूप से भेजी गई है, इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में उपयोग में लाया जा सकेगा।
(2) न्यायालय, यदि वह ठीक समझे तो, ऐसे किसी विशेषज्ञ को उसकी रिपोर्ट की विषय-वस्तु के बारे में समन कर सकेगा और उसकी परीक्षा कर सकेगा।
(3) जहां ऐसा कोई विशेषज्ञ किसी न्यायालय द्वारा समन किया जाता है और वह स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, वहां वह, जब तक कि न्यायालय ने उसे स्वयं उपस्थित होने के लिए अभिव्यक्त रूप से निदेश न दिया हो, अपने साथ काम करने वाले किसी उत्तरदायी अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए प्रतिनियुक्त कर सकेगा, यदि ऐसा अधिकारी मामले के तथ्यों से अवगत है और अपनी ओर से न्यायालय में समाधानप्रद रूप से अभिसाक्ष्य दे सकता है।
(4) यह धारा निम्नलिखित सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों को लागू होती है, अर्थात्:—
(क) सरकार का कोई रासायनिक परीक्षक या सहायक रासायनिक परीक्षक;
(ख) विस्फोटक पदार्थ का मुख्य निरीक्षक;
(ग) अंगुलि-छाप ब्यूरो का निदेशक;
(घ) हैफकिन संस्था, बंबई का निदेशक;
(ङ) किसी केन्द्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला या किसी राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का निदेशक, उप निदेशक या सहायक निदेशक;
(च) सरकार का सीरम-विज्ञानी;
(छ) कोई अन्य सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ, जो इस प्रयोजन के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए।
पूरा पढ़ें: CrPC §293(1) कोई दस्तावेज, जो ऐसे सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ के, जिसे यह धारा लागू होती है, हस्ताक्षर के अधीन किसी ऐसी बात या वस्तु के बारे में रिपोर्ट होना तात्पर्यित है, जो इस संहिता के अधीन किसी कार्यवाही के अनुक्रम में परीक्षा या विश्लेषण और रिपोर्ट के लिए उसे सम्यक् रूप से भेजी गई है, इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में उपयोग में लाया जा सकेगा।
(2) न्यायालय, यदि वह ठीक समझे तो, ऐसे किसी विशेषज्ञ को उसकी रिपोर्ट की विषय-वस्तु के बारे में समन कर सकेगा और उसकी परीक्षा कर सकेगा।
(3) जहां ऐसा कोई विशेषज्ञ किसी न्यायालय द्वारा समन किया जाता है और वह स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, वहां वह, जब तक कि न्यायालय ने उसे स्वयं उपस्थित होने के लिए अभिव्यक्त रूप से निदेश न दिया हो, अपने साथ काम करने वाले किसी उत्तरदायी अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए प्रतिनियुक्त कर सकेगा, यदि ऐसा अधिकारी मामले के तथ्यों से अवगत है और अपनी ओर से न्यायालय में समाधानप्रद रूप से अभिसाक्ष्य दे सकता है।
(4) यह धारा निम्नलिखित सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों को लागू होती है, अर्थात्:—
(क) सरकार का कोई रासायनिक परीक्षक या सहायक रासायनिक परीक्षक;
(ख) विस्फोटक पदार्थ का मुख्य निरीक्षक;
(ग) अंगुलि-छाप ब्यूरो का निदेशक;
(घ) हैफकिन संस्था, बंबई का निदेशक;
(ङ) किसी केन्द्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला या किसी राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का निदेशक, उप निदेशक या सहायक निदेशक;
(च) सरकार का सीरम-विज्ञानी;
(छ) कोई अन्य सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ, जो इस प्रयोजन के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए।
नया कानून
BNSS §329
कुछ सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों की रिपोर्टें।
(1) कोई भी दस्तावेज, जो किसी सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञ द्वारा, जिस पर यह धारा लागू होती है, किसी मामले या वस्तु पर, जिसे इस संहिता के अंतर्गत किसी कार्यवाही में जांच या विश्लेषण तथा रिपोर्ट के लिए विधिवत प्रस्तुत किया गया हो, इस संहिता के अंतर्गत किसी जांच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
(2) न्यायालय, यदि उचित समझे, तो किसी विशेषज्ञ को उसकी रिपोर्ट के विषयवस्तु के संबंध में बुलाकर उसकी जांच कर सकता है।
(3) यदि किसी न्यायालय द्वारा ऐसे किसी विशेषज्ञ को बुलाया जाता है और वह स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, तो जब तक न्यायालय ने उसे स्वयं उपस्थित होने का स्पष्ट निर्देश न दिया हो, वह अपने साथ कार्यरत किसी उत्तरदायी अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए नियुक्त कर सकता है, यदि ऐसा अधिकारी मामले के तथ्यों से परिचित हो और उसकी ओर से न्यायालय में संतोषजनक गवाही दे सके।
(4) यह धारा निम्नलिखित सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों पर लागू होती है, अर्थात्:---
(क) सरकार का कोई भी रसायन परीक्षक या सहायक रसायन परीक्षक;
(ख) विस्फोटक पदार्थों का मुख्य नियंत्रक;
(ग) फिंगरप्रिंट ब्यूरो के निदेशक;
(घ) निदेशक, हैफकीन संस्थान, बॉम्बे;
(ई) केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला या राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक, उप निदेशक या सहायक निदेशक;
(f) सरकार के लिए सीरोलॉजिस्ट;
(जी) इस उद्देश्य के लिए राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट या प्रमाणित कोई अन्य वैज्ञानिक विशेषज्ञ।
पूरा पढ़ें: BNSS §329(2) न्यायालय, यदि उचित समझे, तो किसी विशेषज्ञ को उसकी रिपोर्ट के विषयवस्तु के संबंध में बुलाकर उसकी जांच कर सकता है।
(3) यदि किसी न्यायालय द्वारा ऐसे किसी विशेषज्ञ को बुलाया जाता है और वह स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, तो जब तक न्यायालय ने उसे स्वयं उपस्थित होने का स्पष्ट निर्देश न दिया हो, वह अपने साथ कार्यरत किसी उत्तरदायी अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए नियुक्त कर सकता है, यदि ऐसा अधिकारी मामले के तथ्यों से परिचित हो और उसकी ओर से न्यायालय में संतोषजनक गवाही दे सके।
(4) यह धारा निम्नलिखित सरकारी वैज्ञानिक विशेषज्ञों पर लागू होती है, अर्थात्:---
(क) सरकार का कोई भी रसायन परीक्षक या सहायक रसायन परीक्षक;
(ख) विस्फोटक पदार्थों का मुख्य नियंत्रक;
(ग) फिंगरप्रिंट ब्यूरो के निदेशक;
(घ) निदेशक, हैफकीन संस्थान, बॉम्बे;
(ई) केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला या राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक, उप निदेशक या सहायक निदेशक;
(f) सरकार के लिए सीरोलॉजिस्ट;
(जी) इस उद्देश्य के लिए राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट या प्रमाणित कोई अन्य वैज्ञानिक विशेषज्ञ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
