पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 274 अब BNSS धारा 309 है
धारा 274. समन-मामलों और जांचों में अभिलेख
पुराना कानून
CrPC §274
धारा 274. समन-मामलों और जांचों में अभिलेख
274. समन-मामलों और जांचों में अभिलेख
(1) मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारित सब समन-मामलों में, धारा 145 से धारा 148 तक (दोनों सहित) के अधीन सब जांचों में, और धारा 446 के अधीन सब कार्यवाहियों में, जो विचारण के दौरान की गई कार्यवाहियों से भिन्न हैं, मजिस्ट्रेट, ज्यों-ज्यों हर साक्षी की परीक्षा आगे बढ़ती है, त्यों-त्यों न्यायालय की भाषा में साक्ष्य के सार का ज्ञापन तैयार करेगा:
परन्तु यदि मजिस्ट्रेट ऐसा ज्ञापन स्वयं तैयार करने में असमर्थ है तो वह अपनी असमर्थता का कारण अभिलिखित करने के पश्चात्, ऐसा ज्ञापन खुले न्यायालय में लिखित रूप में या अपने श्रुतलेख से तैयार कराएगा।
(2) ऐसा ज्ञापन मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा और अभिलेख का भाग होगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §274(1) मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारित सब समन-मामलों में, धारा 145 से धारा 148 तक (दोनों सहित) के अधीन सब जांचों में, और धारा 446 के अधीन सब कार्यवाहियों में, जो विचारण के दौरान की गई कार्यवाहियों से भिन्न हैं, मजिस्ट्रेट, ज्यों-ज्यों हर साक्षी की परीक्षा आगे बढ़ती है, त्यों-त्यों न्यायालय की भाषा में साक्ष्य के सार का ज्ञापन तैयार करेगा:
परन्तु यदि मजिस्ट्रेट ऐसा ज्ञापन स्वयं तैयार करने में असमर्थ है तो वह अपनी असमर्थता का कारण अभिलिखित करने के पश्चात्, ऐसा ज्ञापन खुले न्यायालय में लिखित रूप में या अपने श्रुतलेख से तैयार कराएगा।
(2) ऐसा ज्ञापन मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा और अभिलेख का भाग होगा।
नया कानून
BNSS §309
समन मामलों और पूछताछों में दर्ज रिकॉर्ड।
(1) मजिस्ट्रेट के समक्ष विचारणित सभी समन मामलों में, धारा 164 से 167 (दोनों सहित) के अंतर्गत सभी जाँचों में, और धारा 491 के अंतर्गत मुकदमे की कार्यवाही के अलावा अन्य सभी कार्यवाहियों में, मजिस्ट्रेट प्रत्येक गवाह की परीक्षा आगे बढ़ने पर न्यायालय की भाषा में साक्ष्य के सार का एक ज्ञापन तैयार करेगा:
बशर्ते कि यदि मजिस्ट्रेट स्वयं ऐसा ज्ञापन तैयार करने में असमर्थ हो, तो वह अपनी असमर्थता का कारण दर्ज करने के बाद, खुले न्यायालय में लिखित रूप में या अपने श्रुतलेख से ऐसा ज्ञापन तैयार करवाएगा।
(2) ऐसा ज्ञापन मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा और अभिलेख का हिस्सा होगा।
पूरा पढ़ें: BNSS §309बशर्ते कि यदि मजिस्ट्रेट स्वयं ऐसा ज्ञापन तैयार करने में असमर्थ हो, तो वह अपनी असमर्थता का कारण दर्ज करने के बाद, खुले न्यायालय में लिखित रूप में या अपने श्रुतलेख से ऐसा ज्ञापन तैयार करवाएगा।
(2) ऐसा ज्ञापन मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा और अभिलेख का हिस्सा होगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
