पाठ लगभग अपरिवर्तित है
CrPC धारा 201 अब BNSS धारा 224 है
धारा 201. उस मजिस्ट्रेट द्वारा प्रक्रिया जो मामले का संज्ञान करने के लिए सक्षम नहीं है
पुराना कानून
CrPC §201
धारा 201. उस मजिस्ट्रेट द्वारा प्रक्रिया जो मामले का संज्ञान करने के लिए सक्षम नहीं है
201. उस मजिस्ट्रेट द्वारा प्रक्रिया जो मामले का संज्ञान करने के लिए सक्षम नहीं है
यदि परिवाद ऐसे मजिस्ट्रेट से किया जाता है जो अपराध का संज्ञान करने के लिए सक्षम नहीं है, तो वह—
(क) यदि परिवाद लिखित रूप में है तो, उसे इस आशय के पृष्ठांकन सहित उचित न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने के लिए लौटा देगा;
(ख) यदि परिवाद लिखित रूप में नहीं है तो, परिवादी को उचित न्यायालय के पास जाने का निदेश देगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §201यदि परिवाद ऐसे मजिस्ट्रेट से किया जाता है जो अपराध का संज्ञान करने के लिए सक्षम नहीं है, तो वह—
(क) यदि परिवाद लिखित रूप में है तो, उसे इस आशय के पृष्ठांकन सहित उचित न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने के लिए लौटा देगा;
(ख) यदि परिवाद लिखित रूप में नहीं है तो, परिवादी को उचित न्यायालय के पास जाने का निदेश देगा।
नया कानून
BNSS §224
मजिस्ट्रेट द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया मामले का संज्ञान लेने के लिए सक्षम नहीं है।
यदि शिकायत ऐसे मजिस्ट्रेट के समक्ष की जाती है जो अपराध का संज्ञान लेने के लिए सक्षम नहीं है, तो वह निम्नलिखित कार्य करेगा:—
(क) यदि शिकायत लिखित में है, तो उसे उचित न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए इस आशय के पृष्ठांकन के साथ लौटा दें;
(ख) यदि शिकायत लिखित में न हो, तो शिकायतकर्ता को उचित न्यायालय में निर्देशित करें।
पूरा पढ़ें: BNSS §224(क) यदि शिकायत लिखित में है, तो उसे उचित न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए इस आशय के पृष्ठांकन के साथ लौटा दें;
(ख) यदि शिकायत लिखित में न हो, तो शिकायतकर्ता को उचित न्यायालय में निर्देशित करें।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
