पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BSA धारा 88 अब IEA धारा 86 है
विदेशी न्यायिक अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियों के संबंध में अनुमान।
पुराना कानून
BSA §88
विदेशी न्यायिक अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियों के संबंध में अनुमान।
(1) न्यायालय यह मान सकता है कि भारत के बाहर किसी देश के किसी न्यायिक अभिलेख की प्रमाणित प्रति होने का दावा करने वाला कोई दस्तावेज वास्तविक और सटीक है, यदि दस्तावेज को किसी ऐसे तरीके से प्रमाणित किया गया हो जिसे उस देश में या उसके लिए केंद्र सरकार के किसी प्रतिनिधि द्वारा न्यायिक अभिलेखों की प्रतियों के प्रमाणीकरण के लिए उस देश में सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले तरीके के रूप में प्रमाणित किया गया हो।
(2) कोई अधिकारी जो भारत के बाहर किसी क्षेत्र या स्थान के संबंध में, सामान्य खंड अधिनियम, 1897 (10 ऑफ 1897) की धारा 3 के खंड (43) में परिभाषित अनुसार, उस क्षेत्र या स्थान में केंद्रीय सरकार का प्रतिनिधि माना जाएगा।
पूरा पढ़ें: BSA §88(2) कोई अधिकारी जो भारत के बाहर किसी क्षेत्र या स्थान के संबंध में, सामान्य खंड अधिनियम, 1897 (10 ऑफ 1897) की धारा 3 के खंड (43) में परिभाषित अनुसार, उस क्षेत्र या स्थान में केंद्रीय सरकार का प्रतिनिधि माना जाएगा।
नया कानून
IEA §86
विदेशी न्यायिक अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियों के बारे में उपधारणा
न्यायालय यह उपधारित कर सकेगा कि ऐसे किसी देश के, जो भारत का या हर मजेस्टी के अधिक्षेत्रों का भाग नहीं है, किसी न्यायिक अभिलेख की प्रमाणित प्रति होना तात्पर्यित होने वाली कोई दस्तावेज असली और शुद्ध है, यदि उस दस्तावेज का किसी ऐसी रीति से प्रमाणित होना तात्पर्यित हो जिसका, न्यायिक अभिलेखों की प्रतियों के प्रमाणन के लिए उस देश में साधारणत: काम में लाई जाने वाली रीति होना, ऐसे देश में के या के लिए केन्द्रीय सरकार के किसी प्रतिनिधि द्वारा प्रमाणित है ।
जो ऑफिसर ऐसे किसी राज्यक्षेत्र या स्थान के लिए, जो भारत का या हर मजेस्टी के अधिक्षेत्रों का भाग नहीं है, साधारण खण्ड अधिनियम, १८९७ (१८९७ का १०) की धारा ३ के खण्ड (४३) में यथापरिभाषित राजनैतिक अभिकर्ता है, वह इस धारा के प्रयोजनों के लिए, उस देश में और के लिए, जिसमें वह राज्यक्षेत्र या स्थान समाविष्ट है, केन्द्रीय सरकार का प्रतिनिधि समझा जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IEA §86जो ऑफिसर ऐसे किसी राज्यक्षेत्र या स्थान के लिए, जो भारत का या हर मजेस्टी के अधिक्षेत्रों का भाग नहीं है, साधारण खण्ड अधिनियम, १८९७ (१८९७ का १०) की धारा ३ के खण्ड (४३) में यथापरिभाषित राजनैतिक अभिकर्ता है, वह इस धारा के प्रयोजनों के लिए, उस देश में और के लिए, जिसमें वह राज्यक्षेत्र या स्थान समाविष्ट है, केन्द्रीय सरकार का प्रतिनिधि समझा जाएगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
