पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BSA धारा 40 अब IEA धारा 46 है
विशेषज्ञों की राय से संबंधित तथ्य।
पुराना कानून
BSA §40
विशेषज्ञों की राय से संबंधित तथ्य।
जो तथ्य अन्यथा प्रासंगिक नहीं हैं, वे प्रासंगिक हो जाते हैं यदि वे विशेषज्ञों की राय का समर्थन करते हैं या उनसे असंगत हैं, जब ऐसी राय प्रासंगिक हो।
चित्र।
(क) प्रश्न यह है कि क्या 'ए' किसी विशेष विष से विषग्रस्त हुआ था। यह तथ्य प्रासंगिक है कि उस विष से विषग्रस्त अन्य व्यक्तियों ने कुछ ऐसे लक्षण प्रदर्शित किए जिन्हें विशेषज्ञ उस विष के लक्षण होने की पुष्टि या खंडन करते हैं।
(ख) प्रश्न यह है कि क्या किसी बंदरगाह में अवरोध किसी विशेष समुद्री दीवार के कारण उत्पन्न होता है। यह तथ्य प्रासंगिक है कि अन्य बंदरगाह, जो अन्य मामलों में समान रूप से स्थित हैं, लेकिन जहां ऐसी कोई समुद्री दीवार नहीं थी, लगभग एक ही समय में अवरुद्ध होने लगे थे।
पूरा पढ़ें: BSA §40चित्र।
(क) प्रश्न यह है कि क्या 'ए' किसी विशेष विष से विषग्रस्त हुआ था। यह तथ्य प्रासंगिक है कि उस विष से विषग्रस्त अन्य व्यक्तियों ने कुछ ऐसे लक्षण प्रदर्शित किए जिन्हें विशेषज्ञ उस विष के लक्षण होने की पुष्टि या खंडन करते हैं।
(ख) प्रश्न यह है कि क्या किसी बंदरगाह में अवरोध किसी विशेष समुद्री दीवार के कारण उत्पन्न होता है। यह तथ्य प्रासंगिक है कि अन्य बंदरगाह, जो अन्य मामलों में समान रूप से स्थित हैं, लेकिन जहां ऐसी कोई समुद्री दीवार नहीं थी, लगभग एक ही समय में अवरुद्ध होने लगे थे।
नया कानून
IEA §46
विशेषज्ञों की रायों से संबंधित तथ्य
वे तथ्य, जो अन्यथा सुसंगत नहीं है, सुसंगत होते है, यदि वे विशेषज्ञों की रायों का समर्थन करते हो या उनसे असंगत हो जबकि ऐसी रायें सुसंगत हों ।
दृष्टांत :
क)प्रश्न यह है कि क्या ऐ को अमुक विष दिया गया था ।
यह तथ्य सुसंगत है कि अन्य व्यक्तियों में भी, जिन्हें वह विष दिया गया था, अमुक लक्षण प्रकट हुए थे, जिनका उस विष के लक्षण होना विशेषज्ञ प्रतिज्ञात (अभिपुष्ट करना ) या प्रत्याख्यात (इन्कार /अस्वीकार) करते है ।
ख)प्रश्न यह है कि क्या किसी बंदरगाह में काई बाधा अमुक समुद्र-भित्ति से कारित हुई है ।
यह तथ्य सुसंगत है कि अन्य बंदरगाह, जो अन्य दृष्टियों से वैसे ही स्थित थे, किन्तु जहाँ ऐसी समुद्र भित्तियाँ नहीं थीं, लगभग उसी समय बाधित होने लगे थे ।
पूरा पढ़ें: IEA §46दृष्टांत :
क)प्रश्न यह है कि क्या ऐ को अमुक विष दिया गया था ।
यह तथ्य सुसंगत है कि अन्य व्यक्तियों में भी, जिन्हें वह विष दिया गया था, अमुक लक्षण प्रकट हुए थे, जिनका उस विष के लक्षण होना विशेषज्ञ प्रतिज्ञात (अभिपुष्ट करना ) या प्रत्याख्यात (इन्कार /अस्वीकार) करते है ।
ख)प्रश्न यह है कि क्या किसी बंदरगाह में काई बाधा अमुक समुद्र-भित्ति से कारित हुई है ।
यह तथ्य सुसंगत है कि अन्य बंदरगाह, जो अन्य दृष्टियों से वैसे ही स्थित थे, किन्तु जहाँ ऐसी समुद्र भित्तियाँ नहीं थीं, लगभग उसी समय बाधित होने लगे थे ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
