पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BSA धारा 137 अब IEA धारा 132 है
गवाह को इस आधार पर जवाब देने से छूट नहीं दी जा सकती कि जवाब देने से वह खुद अपराध साबित कर देगा।
पुराना कानून
BSA §137
गवाह को इस आधार पर जवाब देने से छूट नहीं दी जा सकती कि जवाब देने से वह खुद अपराध साबित कर देगा।
किसी भी मुकदमे या किसी भी दीवानी या आपराधिक कार्यवाही में विचाराधीन मामले से संबंधित किसी भी मामले के बारे में किसी भी प्रश्न का उत्तर देने से किसी गवाह को इस आधार पर छूट नहीं दी जाएगी कि ऐसे प्रश्न का उत्तर देने से वह गवाह अपराधी साबित होगा, या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपराधी साबित होने की संभावना है, या इससे वह गवाह किसी भी प्रकार के दंड या जुर्माने के लिए उत्तरदायी होगा, या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी होने की संभावना है।
बशर्ते कि ऐसा कोई उत्तर, जिसे किसी गवाह को देने के लिए बाध्य किया जाए, उसे किसी गिरफ्तारी या अभियोजन के अधीन नहीं करेगा, या किसी आपराधिक कार्यवाही में उसके विरुद्ध सिद्ध नहीं होगा, सिवाय ऐसे अभियोजन के जिसमें ऐसे उत्तर द्वारा झूठी गवाही को माफ कर दिया गया हो।
पूरा पढ़ें: BSA §137बशर्ते कि ऐसा कोई उत्तर, जिसे किसी गवाह को देने के लिए बाध्य किया जाए, उसे किसी गिरफ्तारी या अभियोजन के अधीन नहीं करेगा, या किसी आपराधिक कार्यवाही में उसके विरुद्ध सिद्ध नहीं होगा, सिवाय ऐसे अभियोजन के जिसमें ऐसे उत्तर द्वारा झूठी गवाही को माफ कर दिया गया हो।
नया कानून
IEA §132
इस आधार पर कि उत्तर उसे अपराध में फंसाएगा, साक्षी उत्तर देने से क्षम्य न होगा
कोई साक्षी किसी वाद या किसी सिविल या दाण्डिक कार्यवाही में विवाद्यक विषय से सुसंगत किसी विषय के बारे में किए गए किसी प्रश्न का उत्तर देने से इस आधार पर क्षम्य नहीं होगा कि ऐसे प्रश्न का उत्तर ऐसे साक्षी को अपराध में फंसाएगा या उसकी प्रवृत्ति प्रत्यक्षत: या परोक्षत: अपराध में फंसाने की होगी अथवा वह ऐसे साक्षी को किसी किस्म की शास्ति या समपहरण (खो देना ) के लिए उच्छन्न (खुला छोडना) करेगा या इसकी प्रवृत्ति प्रत्यक्षत: या परोक्षत: उच्छन्न करने की होगी :
परन्तुक -
परन्तु ऐसा कोई भी उत्तर, जिसे देने के लिए कोई साक्षी विवश किया जाएगा उसे गिरफ्तारी या अभियोजन के अध्यधीन नहीं करेगा और न ऐसे उत्तर द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने के लिए अभियोजन में के सिवाय वह उसके विरुद्ध किसी दाण्डिक कार्यवाही में साबित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IEA §132परन्तुक -
परन्तु ऐसा कोई भी उत्तर, जिसे देने के लिए कोई साक्षी विवश किया जाएगा उसे गिरफ्तारी या अभियोजन के अध्यधीन नहीं करेगा और न ऐसे उत्तर द्वारा मिथ्या साक्ष्य देने के लिए अभियोजन में के सिवाय वह उसके विरुद्ध किसी दाण्डिक कार्यवाही में साबित किया जाएगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
