पुराना कानून
BNSS §7
क्षेत्रीय विभाजन।
(1) प्रत्येक राज्य सत्र प्रभाग होगा या सत्र प्रभागों से मिलकर बनेगा; और प्रत्येक सत्र प्रभाग, इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, जिला होगा या जिलों से मिलकर बनेगा।
(2) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श करने के बाद, ऐसे प्रभागों और जिलों की सीमाओं या संख्या में परिवर्तन कर सकती है।
(3) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श करने के बाद, किसी जिले को उप-मंडलों में विभाजित कर सकती है और ऐसे उप-मंडलों की सीमाओं या संख्या में परिवर्तन कर सकती है।
(4) इस संहिता के प्रारंभ में किसी राज्य में विद्यमान सत्र प्रभाग, जिले और उप-मंडल इस धारा के अधीन गठित माने जाएंगे।
पूरा पढ़ें: BNSS §7(2) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श करने के बाद, ऐसे प्रभागों और जिलों की सीमाओं या संख्या में परिवर्तन कर सकती है।
(3) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श करने के बाद, किसी जिले को उप-मंडलों में विभाजित कर सकती है और ऐसे उप-मंडलों की सीमाओं या संख्या में परिवर्तन कर सकती है।
(4) इस संहिता के प्रारंभ में किसी राज्य में विद्यमान सत्र प्रभाग, जिले और उप-मंडल इस धारा के अधीन गठित माने जाएंगे।
नया कानून
CrPC §7
धारा 7. प्रादेशिक खंड
7. प्रादेशिक खंड
(1) हर राज्य एक सेशन खंड होगा या उसमें सेशन खंड होंगे; और हर सेशन खंड, इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, एक जिला होगा या उसमें जिले होंगे:
परन्तु हर महानगर क्षेत्र, उक्त प्रयोजनों के लिए, पृथक् सेशन खंड और जिला होगा।
(2) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, ऐसे खंडों और जिलों की सीमाओं में या संख्या में परिवर्तन कर सकेगी।
(3) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, किसी जिले को उपखंडों में विभाजित कर सकेगी और ऐसे उपखंडों की सीमाओं में या संख्या में परिवर्तन कर सकेगी।
(4) इस संहिता के प्रारंभ पर किसी राज्य में विद्यमान सेशन खंड, जिले और उपखंड इस धारा के अधीन बनाए गए समझे जाएंगे।
पूरा पढ़ें: CrPC §7(1) हर राज्य एक सेशन खंड होगा या उसमें सेशन खंड होंगे; और हर सेशन खंड, इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, एक जिला होगा या उसमें जिले होंगे:
परन्तु हर महानगर क्षेत्र, उक्त प्रयोजनों के लिए, पृथक् सेशन खंड और जिला होगा।
(2) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, ऐसे खंडों और जिलों की सीमाओं में या संख्या में परिवर्तन कर सकेगी।
(3) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात्, किसी जिले को उपखंडों में विभाजित कर सकेगी और ऐसे उपखंडों की सीमाओं में या संख्या में परिवर्तन कर सकेगी।
(4) इस संहिता के प्रारंभ पर किसी राज्य में विद्यमान सेशन खंड, जिले और उपखंड इस धारा के अधीन बनाए गए समझे जाएंगे।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
