पुराना कानून
BNSS §492
जमानत और बॉन्ड रद्द करना।
धारा 491 के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां इस संहिता के तहत किसी व्यक्ति की किसी मामले में उपस्थिति के लिए कोई बांड या जमानत बांड जारी किया जाता है और शर्त के उल्लंघन के कारण उसे जब्त कर लिया जाता है,---
(क) उस व्यक्ति द्वारा निष्पादित बांड तथा उसके एक या अधिक ज़मानतों द्वारा निष्पादित बांड, यदि कोई हो, तो उस स्थिति में रद्द हो जाएगा; और
(ख) इसके बाद, ऐसे किसी भी व्यक्ति को केवल उसके अपने मुचलके पर रिहा नहीं किया जाएगा, यदि पुलिस अधिकारी या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, जिसके समक्ष मुचलका निष्पादित किया गया था, संतुष्ट हो कि मुचलके से बंधे व्यक्ति द्वारा उसकी शर्त का पालन न करने का कोई पर्याप्त कारण नहीं था।
इस संहिता के अन्य प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उस स्थिति में उसे एक नए व्यक्तिगत बांड पर रिहा किया जा सकता है, जिसकी राशि और बांड एक या एक से अधिक ऐसे जमानतदारों द्वारा निष्पादित किया जाएगा, जैसा कि पुलिस अधिकारी या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, पर्याप्त समझे।
पूरा पढ़ें: BNSS §492(क) उस व्यक्ति द्वारा निष्पादित बांड तथा उसके एक या अधिक ज़मानतों द्वारा निष्पादित बांड, यदि कोई हो, तो उस स्थिति में रद्द हो जाएगा; और
(ख) इसके बाद, ऐसे किसी भी व्यक्ति को केवल उसके अपने मुचलके पर रिहा नहीं किया जाएगा, यदि पुलिस अधिकारी या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, जिसके समक्ष मुचलका निष्पादित किया गया था, संतुष्ट हो कि मुचलके से बंधे व्यक्ति द्वारा उसकी शर्त का पालन न करने का कोई पर्याप्त कारण नहीं था।
इस संहिता के अन्य प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उस स्थिति में उसे एक नए व्यक्तिगत बांड पर रिहा किया जा सकता है, जिसकी राशि और बांड एक या एक से अधिक ऐसे जमानतदारों द्वारा निष्पादित किया जाएगा, जैसा कि पुलिस अधिकारी या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, पर्याप्त समझे।
नया कानून
CrPC §446A
धारा 446A. बंधपत्र और जमानत-बंधपत्र का रद्दकरण
446A. बंधपत्र और जमानत-बंधपत्र का रद्दकरण
धारा 446 के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां इस संहिता के अधीन कोई बंधपत्र किसी मामले में किसी व्यक्ति की हाजिरी के लिए है और वह किसी शर्त के भंग के कारण समपहृत हो जाता है, वहां—
(क) ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बंधपत्र तथा उस मामले में उसके एक या अधिक प्रतिभुओं द्वारा निष्पादित बंधपत्र, यदि कोई हो, रद्द हो जाएगा; और
(ख) तत्पश्चात् ऐसा व्यक्ति उस मामले में केवल अपने बंधपत्र पर नहीं छोड़ा जाएगा, यदि, यथास्थिति, उस पुलिस अधिकारी या न्यायालय का, जिसके समक्ष हाजिर होने के लिए बंधपत्र निष्पादित किया गया था, यह समाधान हो जाता है कि बंधपत्र से आबद्ध व्यक्ति द्वारा उसकी शर्त का पालन करने में असफल रहने के लिए कोई पर्याप्त हेतुक नहीं था:
परन्तु इस संहिता के किसी अन्य उपबंध के अधीन रहते हुए, वह उस मामले में धन की ऐसी रकम का नया वैयक्तिक बंधपत्र तथा ऐसे एक या अधिक प्रतिभुओं का बंधपत्र निष्पादित किए जाने पर छोड़ा जा सकेगा, जिसे, यथास्थिति, पुलिस अधिकारी या न्यायालय पर्याप्त समझे।
पूरा पढ़ें: CrPC §446Aधारा 446 के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां इस संहिता के अधीन कोई बंधपत्र किसी मामले में किसी व्यक्ति की हाजिरी के लिए है और वह किसी शर्त के भंग के कारण समपहृत हो जाता है, वहां—
(क) ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बंधपत्र तथा उस मामले में उसके एक या अधिक प्रतिभुओं द्वारा निष्पादित बंधपत्र, यदि कोई हो, रद्द हो जाएगा; और
(ख) तत्पश्चात् ऐसा व्यक्ति उस मामले में केवल अपने बंधपत्र पर नहीं छोड़ा जाएगा, यदि, यथास्थिति, उस पुलिस अधिकारी या न्यायालय का, जिसके समक्ष हाजिर होने के लिए बंधपत्र निष्पादित किया गया था, यह समाधान हो जाता है कि बंधपत्र से आबद्ध व्यक्ति द्वारा उसकी शर्त का पालन करने में असफल रहने के लिए कोई पर्याप्त हेतुक नहीं था:
परन्तु इस संहिता के किसी अन्य उपबंध के अधीन रहते हुए, वह उस मामले में धन की ऐसी रकम का नया वैयक्तिक बंधपत्र तथा ऐसे एक या अधिक प्रतिभुओं का बंधपत्र निष्पादित किए जाने पर छोड़ा जा सकेगा, जिसे, यथास्थिति, पुलिस अधिकारी या न्यायालय पर्याप्त समझे।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
