पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 449 अब CrPC धारा 409 है
सत्र न्यायाधीशों द्वारा मामलों और अपीलों को वापस लेना।
पुराना कानून
BNSS §449
सत्र न्यायाधीशों द्वारा मामलों और अपीलों को वापस लेना।
(1) सत्र न्यायाधीश अपने अधीनस्थ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से कोई मामला या अपील वापस ले सकता है, या किसी ऐसे मामले या अपील को वापस बुला सकता है जिसे उसने अपने अधीनस्थ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंप दिया है।
(2) अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष मामले की सुनवाई या अपील की सुनवाई शुरू होने से पहले किसी भी समय, सत्र न्यायाधीश किसी भी मामले या अपील को वापस बुला सकता है जिसे उसने किसी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को सौंप दिया है।
(3) जहाँ कोई सत्र न्यायाधीश उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किसी मामले या अपील को वापस लेता है या वापस बुलाता है, तो वह या तो मामले की सुनवाई अपने न्यायालय में कर सकता है या स्वयं अपील की सुनवाई कर सकता है, या इस संहिता के प्रावधानों के अनुसार उसे किसी अन्य न्यायालय को सुनवाई या परीक्षण के लिए सौंप सकता है, जैसा भी मामला हो।
पूरा पढ़ें: BNSS §449(2) अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष मामले की सुनवाई या अपील की सुनवाई शुरू होने से पहले किसी भी समय, सत्र न्यायाधीश किसी भी मामले या अपील को वापस बुला सकता है जिसे उसने किसी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को सौंप दिया है।
(3) जहाँ कोई सत्र न्यायाधीश उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किसी मामले या अपील को वापस लेता है या वापस बुलाता है, तो वह या तो मामले की सुनवाई अपने न्यायालय में कर सकता है या स्वयं अपील की सुनवाई कर सकता है, या इस संहिता के प्रावधानों के अनुसार उसे किसी अन्य न्यायालय को सुनवाई या परीक्षण के लिए सौंप सकता है, जैसा भी मामला हो।
नया कानून
CrPC §409
धारा 409. सेशन न्यायाधीशों द्वारा मामलों और अपीलों का वापस लिया जाना
409. सेशन न्यायाधीशों द्वारा मामलों और अपीलों का वापस लिया जाना
(1) सेशन न्यायाधीश अपने अधीनस्थ किसी सहायक सेशन न्यायाधीश या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से कोई मामला या अपील वापस ले सकेगा, या ऐसा कोई मामला या अपील प्रतिसंहृत कर सकेगा जो उसने उसे सौंपा है।
(2) अपर सेशन न्यायाधीश के समक्ष मामले का विचारण या अपील की सुनवाई प्रारंभ होने से पूर्व किसी भी समय, सेशन न्यायाधीश ऐसा कोई मामला या अपील प्रतिसंहृत कर सकेगा जो उसने किसी अपर सेशन न्यायाधीश को सौंपा है।
(3) जहां सेशन न्यायाधीश उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन कोई मामला या अपील वापस लेता है या प्रतिसंहृत करता है, वहां वह या तो उस मामले का विचारण अपने न्यायालय में कर सकेगा या अपील स्वयं सुन सकेगा, या इस संहिता के उपबंधों के अनुसार उसे, यथास्थिति, विचारण या सुनवाई के लिए किसी अन्य न्यायालय को सौंप सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §409(1) सेशन न्यायाधीश अपने अधीनस्थ किसी सहायक सेशन न्यायाधीश या मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से कोई मामला या अपील वापस ले सकेगा, या ऐसा कोई मामला या अपील प्रतिसंहृत कर सकेगा जो उसने उसे सौंपा है।
(2) अपर सेशन न्यायाधीश के समक्ष मामले का विचारण या अपील की सुनवाई प्रारंभ होने से पूर्व किसी भी समय, सेशन न्यायाधीश ऐसा कोई मामला या अपील प्रतिसंहृत कर सकेगा जो उसने किसी अपर सेशन न्यायाधीश को सौंपा है।
(3) जहां सेशन न्यायाधीश उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन कोई मामला या अपील वापस लेता है या प्रतिसंहृत करता है, वहां वह या तो उस मामले का विचारण अपने न्यायालय में कर सकेगा या अपील स्वयं सुन सकेगा, या इस संहिता के उपबंधों के अनुसार उसे, यथास्थिति, विचारण या सुनवाई के लिए किसी अन्य न्यायालय को सौंप सकेगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
