पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 426 अब CrPC धारा 385 है
उन अपीलों की सुनवाई की प्रक्रिया जिन्हें संक्षेप में खारिज नहीं किया गया है।
पुराना कानून
BNSS §426
उन अपीलों की सुनवाई की प्रक्रिया जिन्हें संक्षेप में खारिज नहीं किया गया है।
(1) यदि अपीलीय न्यायालय अपील को संक्षेप में खारिज नहीं करता है, तो वह उस समय और स्थान की सूचना देगा जहाँ ऐसी अपील की सुनवाई होगी---
(i) अपीलकर्ता या उसके अधिवक्ता को;
(ii) ऐसे अधिकारी को जिसे राज्य सरकार इस संबंध में नियुक्त करे;
(iii) यदि अपील किसी शिकायत पर दायर मामले में दोषसिद्धि के निर्णय से है, तो शिकायतकर्ता को;
(iv) यदि अपील धारा 418 या धारा 419 के अंतर्गत है, तो अभियुक्त को, और ऐसे अधिकारी, शिकायतकर्ता और अभियुक्त को अपील के आधारों की एक प्रति भी प्रदान करेगा।
(2) अपीलीय न्यायालय तब मामले का अभिलेख मंगवाएगा, यदि ऐसा अभिलेख उस न्यायालय में पहले से उपलब्ध नहीं है, और पक्षों की सुनवाई करेगा:
बशर्ते कि यदि अपील केवल सजा की सीमा या वैधता के संबंध में हो, तो न्यायालय अभिलेख मंगवाए बिना ही अपील का निपटारा कर सकता है।
(3) जहाँ किसी दोषसिद्धि से अपील का एकमात्र आधार सजा की कथित गंभीरता है, वहाँ अपीलकर्ता न्यायालय की अनुमति के बिना किसी अन्य आधार का समर्थन नहीं करेगा या उसके समर्थन में सुनवाई नहीं होगी।
पूरा पढ़ें: BNSS §426(i) अपीलकर्ता या उसके अधिवक्ता को;
(ii) ऐसे अधिकारी को जिसे राज्य सरकार इस संबंध में नियुक्त करे;
(iii) यदि अपील किसी शिकायत पर दायर मामले में दोषसिद्धि के निर्णय से है, तो शिकायतकर्ता को;
(iv) यदि अपील धारा 418 या धारा 419 के अंतर्गत है, तो अभियुक्त को, और ऐसे अधिकारी, शिकायतकर्ता और अभियुक्त को अपील के आधारों की एक प्रति भी प्रदान करेगा।
(2) अपीलीय न्यायालय तब मामले का अभिलेख मंगवाएगा, यदि ऐसा अभिलेख उस न्यायालय में पहले से उपलब्ध नहीं है, और पक्षों की सुनवाई करेगा:
बशर्ते कि यदि अपील केवल सजा की सीमा या वैधता के संबंध में हो, तो न्यायालय अभिलेख मंगवाए बिना ही अपील का निपटारा कर सकता है।
(3) जहाँ किसी दोषसिद्धि से अपील का एकमात्र आधार सजा की कथित गंभीरता है, वहाँ अपीलकर्ता न्यायालय की अनुमति के बिना किसी अन्य आधार का समर्थन नहीं करेगा या उसके समर्थन में सुनवाई नहीं होगी।
नया कानून
CrPC §385
धारा 385. उन अपीलों की सुनवाई के लिए प्रक्रिया जो संक्षेपतः खारिज नहीं की जातीं
385. उन अपीलों की सुनवाई के लिए प्रक्रिया जो संक्षेपतः खारिज नहीं की जातीं
(1) यदि अपील न्यायालय अपील को संक्षेपतः खारिज नहीं करता है, तो वह उस समय और स्थान की, जिस पर ऐसी अपील सुनी जाएगी, सूचना—
(i) अपीलार्थी या उसके प्लीडर को;
(ii) ऐसे अधिकारी को, जिसे राज्य सरकार इस निमित्त नियुक्त करे;
(iii) यदि अपील परिवाद पर संस्थित मामले में दोषसिद्धि के निर्णय से है तो, परिवादी को;
(iv) यदि अपील धारा 377 या धारा 378 के अधीन है तो, अभियुक्त को,
दिलवाएगा, और ऐसे अधिकारी, परिवादी और अभियुक्त को अपील के आधारों की एक प्रति भी देगा।
(2) तब अपील न्यायालय मामले का अभिलेख मंगाएगा, यदि ऐसा अभिलेख उस न्यायालय में पहले से उपलब्ध न हो, और पक्षकारों को सुनेगा:
परन्तु यदि अपील केवल दंडादेश की मात्रा या वैधता के बारे में है, तो न्यायालय अभिलेख मंगाए बिना अपील का निपटारा कर सकेगा।
(3) जहां दोषसिद्धि से अपील का एकमात्र आधार दंडादेश की अभिकथित कठोरता है, वहां अपीलार्थी, न्यायालय की इजाजत के बिना, किसी अन्य आधार का न तो समर्थन करेगा और न उसके समर्थन में सुना जाएगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §385(1) यदि अपील न्यायालय अपील को संक्षेपतः खारिज नहीं करता है, तो वह उस समय और स्थान की, जिस पर ऐसी अपील सुनी जाएगी, सूचना—
(i) अपीलार्थी या उसके प्लीडर को;
(ii) ऐसे अधिकारी को, जिसे राज्य सरकार इस निमित्त नियुक्त करे;
(iii) यदि अपील परिवाद पर संस्थित मामले में दोषसिद्धि के निर्णय से है तो, परिवादी को;
(iv) यदि अपील धारा 377 या धारा 378 के अधीन है तो, अभियुक्त को,
दिलवाएगा, और ऐसे अधिकारी, परिवादी और अभियुक्त को अपील के आधारों की एक प्रति भी देगा।
(2) तब अपील न्यायालय मामले का अभिलेख मंगाएगा, यदि ऐसा अभिलेख उस न्यायालय में पहले से उपलब्ध न हो, और पक्षकारों को सुनेगा:
परन्तु यदि अपील केवल दंडादेश की मात्रा या वैधता के बारे में है, तो न्यायालय अभिलेख मंगाए बिना अपील का निपटारा कर सकेगा।
(3) जहां दोषसिद्धि से अपील का एकमात्र आधार दंडादेश की अभिकथित कठोरता है, वहां अपीलार्थी, न्यायालय की इजाजत के बिना, किसी अन्य आधार का न तो समर्थन करेगा और न उसके समर्थन में सुना जाएगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
