पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 332 अब CrPC धारा 296 है
शपथपत्र पर औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य।
पुराना कानून
BNSS §332
शपथपत्र पर औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य।
(1) किसी ऐसे व्यक्ति का साक्ष्य, जिसका साक्ष्य औपचारिक प्रकृति का हो, शपथपत्र द्वारा दिया जा सकता है और सभी उचित अपवादों के अधीन रहते हुए, इस संहिता के अधीन किसी भी जांच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में पढ़ा जा सकता है।
(2) न्यायालय, यदि उचित समझे, और अभियोजन पक्ष या अभियुक्त के आवेदन पर, किसी भी ऐसे व्यक्ति को उसके हलफनामे में निहित तथ्यों के संबंध में बुलाकर उसकी जांच करेगा।
पूरा पढ़ें: BNSS §332(2) न्यायालय, यदि उचित समझे, और अभियोजन पक्ष या अभियुक्त के आवेदन पर, किसी भी ऐसे व्यक्ति को उसके हलफनामे में निहित तथ्यों के संबंध में बुलाकर उसकी जांच करेगा।
नया कानून
CrPC §296
धारा 296. औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य का शपथपत्र पर दिया जाना
296. औपचारिक प्रकृति के साक्ष्य का शपथपत्र पर दिया जाना
(1) किसी ऐसे व्यक्ति का साक्ष्य, जिसका साक्ष्य औपचारिक प्रकृति का है, शपथपत्र द्वारा दिया जा सकेगा और सभी न्यायोचित अपवादों के अधीन रहते हुए, इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य में पढ़ा जा सकेगा।
(2) न्यायालय, यदि वह ठीक समझे तो, ऐसे किसी व्यक्ति को उसके शपथपत्र में अंतर्विष्ट तथ्यों के बारे में समन कर सकेगा और उसकी परीक्षा कर सकेगा, तथा अभियोजन या अभियुक्त के आवेदन पर ऐसा करेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §296(1) किसी ऐसे व्यक्ति का साक्ष्य, जिसका साक्ष्य औपचारिक प्रकृति का है, शपथपत्र द्वारा दिया जा सकेगा और सभी न्यायोचित अपवादों के अधीन रहते हुए, इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में साक्ष्य में पढ़ा जा सकेगा।
(2) न्यायालय, यदि वह ठीक समझे तो, ऐसे किसी व्यक्ति को उसके शपथपत्र में अंतर्विष्ट तथ्यों के बारे में समन कर सकेगा और उसकी परीक्षा कर सकेगा, तथा अभियोजन या अभियुक्त के आवेदन पर ऐसा करेगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
