पाठ बदला गया है
BNSS धारा 330 अब CrPC धारा 294 है
कुछ दस्तावेजों का कोई औपचारिक प्रमाण नहीं है।
पुराना कानून
BNSS §330
कुछ दस्तावेजों का कोई औपचारिक प्रमाण नहीं है।
(1) जहां अभियोजन पक्ष या आरोपी द्वारा किसी न्यायालय के समक्ष कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया जाता है, तो ऐसे प्रत्येक दस्तावेज का विवरण एक सूची में शामिल किया जाएगा और अभियोजन पक्ष या आरोपी या अभियोजन पक्ष या आरोपी के वकील, यदि कोई हो, को ऐसे दस्तावेजों की आपूर्ति के तुरंत बाद और किसी भी स्थिति में ऐसी आपूर्ति के तीस दिनों से अधिक समय बाद ऐसे प्रत्येक दस्तावेज की प्रामाणिकता को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए कहा जाएगा।
बशर्ते कि न्यायालय अपने विवेकानुसार, लिखित रूप में कारण बताते हुए, समय सीमा में छूट दे सकता है:
इसके अलावा, किसी भी विशेषज्ञ को न्यायालय के समक्ष पेश होने के लिए तब तक नहीं बुलाया जाएगा जब तक कि मुकदमे के किसी भी पक्ष द्वारा ऐसे विशेषज्ञ की रिपोर्ट पर विवाद न किया जाए।
(2) दस्तावेजों की सूची ऐसे प्रारूप में होगी जैसा राज्य सरकार नियमों द्वारा प्रदान करे।
(3) जहाँ किसी दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर कोई विवाद न हो, वहाँ ऐसे दस्तावेज़ को इस संहिता के अंतर्गत किसी जाँच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में उस व्यक्ति के हस्ताक्षर के प्रमाण के बिना साक्ष्य के रूप में पढ़ा जा सकता है जिसके द्वारा उस पर हस्ताक्षर किए जाने का दावा किया जाता है:
बशर्ते कि न्यायालय अपने विवेकानुसार ऐसे हस्ताक्षर को साबित करने की मांग कर सकता है।
पूरा पढ़ें: BNSS §330बशर्ते कि न्यायालय अपने विवेकानुसार, लिखित रूप में कारण बताते हुए, समय सीमा में छूट दे सकता है:
इसके अलावा, किसी भी विशेषज्ञ को न्यायालय के समक्ष पेश होने के लिए तब तक नहीं बुलाया जाएगा जब तक कि मुकदमे के किसी भी पक्ष द्वारा ऐसे विशेषज्ञ की रिपोर्ट पर विवाद न किया जाए।
(2) दस्तावेजों की सूची ऐसे प्रारूप में होगी जैसा राज्य सरकार नियमों द्वारा प्रदान करे।
(3) जहाँ किसी दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर कोई विवाद न हो, वहाँ ऐसे दस्तावेज़ को इस संहिता के अंतर्गत किसी जाँच, परीक्षण या अन्य कार्यवाही में उस व्यक्ति के हस्ताक्षर के प्रमाण के बिना साक्ष्य के रूप में पढ़ा जा सकता है जिसके द्वारा उस पर हस्ताक्षर किए जाने का दावा किया जाता है:
बशर्ते कि न्यायालय अपने विवेकानुसार ऐसे हस्ताक्षर को साबित करने की मांग कर सकता है।
नया कानून
CrPC §294
धारा 294. कुछ दस्तावेजों का औपचारिक रूप से साबित किया जाना आवश्यक नहीं
294. कुछ दस्तावेजों का औपचारिक रूप से साबित किया जाना आवश्यक नहीं
(1) जहां अभियोजन या अभियुक्त द्वारा किसी न्यायालय के समक्ष कोई दस्तावेज फाइल किया जाता है, वहां ऐसे प्रत्येक दस्तावेज की विशिष्टियां एक सूची में सम्मिलित की जाएंगी और अभियोजन या अभियुक्त से, या यथास्थिति, अभियोजन या अभियुक्त के अधिवक्ता से, यदि कोई हो, ऐसे प्रत्येक दस्तावेज की असलियत को स्वीकार या इन्कार करने के लिए कहा जाएगा।
(2) दस्तावेजों की सूची ऐसे प्ररूप में होगी जो राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाए।
(3) जहां किसी दस्तावेज की असलियत विवादित नहीं है, वहां ऐसा दस्तावेज इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में उस व्यक्ति के हस्ताक्षर को साबित किए बिना साक्ष्य में पढ़ा जा सकेगा जिसके द्वारा वह हस्ताक्षरित होना तात्पर्यित है :
परन्तु न्यायालय, अपने विवेकानुसार, ऐसे हस्ताक्षर के साबित किए जाने की अपेक्षा कर सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §294(1) जहां अभियोजन या अभियुक्त द्वारा किसी न्यायालय के समक्ष कोई दस्तावेज फाइल किया जाता है, वहां ऐसे प्रत्येक दस्तावेज की विशिष्टियां एक सूची में सम्मिलित की जाएंगी और अभियोजन या अभियुक्त से, या यथास्थिति, अभियोजन या अभियुक्त के अधिवक्ता से, यदि कोई हो, ऐसे प्रत्येक दस्तावेज की असलियत को स्वीकार या इन्कार करने के लिए कहा जाएगा।
(2) दस्तावेजों की सूची ऐसे प्ररूप में होगी जो राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाए।
(3) जहां किसी दस्तावेज की असलियत विवादित नहीं है, वहां ऐसा दस्तावेज इस संहिता के अधीन किसी जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही में उस व्यक्ति के हस्ताक्षर को साबित किए बिना साक्ष्य में पढ़ा जा सकेगा जिसके द्वारा वह हस्ताक्षरित होना तात्पर्यित है :
परन्तु न्यायालय, अपने विवेकानुसार, ऐसे हस्ताक्षर के साबित किए जाने की अपेक्षा कर सकेगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
