पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 314 अब CrPC धारा 279 है
अभियुक्त या उसके वकील को साक्ष्यों की व्याख्या करने का अधिकार।
पुराना कानून
BNSS §314
अभियुक्त या उसके वकील को साक्ष्यों की व्याख्या करने का अधिकार।
(1) जब भी कोई साक्ष्य ऐसी भाषा में दिया जाए जिसे अभियुक्त न समझता हो, और वह स्वयं न्यायालय में उपस्थित हो, तो उसे खुले न्यायालय में उसकी समझ में आने वाली भाषा में अनुवाद किया जाएगा।
(2) यदि वह किसी अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होता है और साक्ष्य न्यायालय की भाषा के अलावा किसी अन्य भाषा में दिया जाता है, और अधिवक्ता उसे समझ नहीं पाता है, तो उस साक्ष्य का उस भाषा में अधिवक्ता को अनुवाद किया जाएगा।
(3) जब दस्तावेजों को औपचारिक प्रमाण के उद्देश्य से प्रस्तुत किया जाता है, तो न्यायालय के विवेक पर होगा कि वह उनमें से जितना आवश्यक प्रतीत हो, उसकी व्याख्या करे।
पूरा पढ़ें: BNSS §314(2) यदि वह किसी अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होता है और साक्ष्य न्यायालय की भाषा के अलावा किसी अन्य भाषा में दिया जाता है, और अधिवक्ता उसे समझ नहीं पाता है, तो उस साक्ष्य का उस भाषा में अधिवक्ता को अनुवाद किया जाएगा।
(3) जब दस्तावेजों को औपचारिक प्रमाण के उद्देश्य से प्रस्तुत किया जाता है, तो न्यायालय के विवेक पर होगा कि वह उनमें से जितना आवश्यक प्रतीत हो, उसकी व्याख्या करे।
नया कानून
CrPC §279
धारा 279. अभियुक्त या उसके प्लीडर के लिए साक्ष्य का विवर्तन
279. अभियुक्त या उसके प्लीडर के लिए साक्ष्य का विवर्तन
(1) जब कभी कोई साक्ष्य ऐसी भाषा में दिया जाता है जिसे अभियुक्त नहीं समझता और वह न्यायालय में स्वयं उपस्थित है, तब वह उसे खुले न्यायालय में ऐसी भाषा में विवर्तित किया जाएगा जिसे वह समझता है।
(2) यदि वह प्लीडर द्वारा हाजिर होता है और साक्ष्य न्यायालय की भाषा से भिन्न ऐसी भाषा में दिया जाता है जिसे प्लीडर नहीं समझता, तो वह ऐसे प्लीडर के लिए उस भाषा में विवर्तित किया जाएगा।
(3) जब दस्तावेजें औपचारिक सबूत के प्रयोजन के लिए पेश की जाती हैं, तब उनमें से जितना विवर्तित करना आवश्यक प्रतीत हो उतने को विवर्तित करना न्यायालय के विवेकाधीन होगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §279(1) जब कभी कोई साक्ष्य ऐसी भाषा में दिया जाता है जिसे अभियुक्त नहीं समझता और वह न्यायालय में स्वयं उपस्थित है, तब वह उसे खुले न्यायालय में ऐसी भाषा में विवर्तित किया जाएगा जिसे वह समझता है।
(2) यदि वह प्लीडर द्वारा हाजिर होता है और साक्ष्य न्यायालय की भाषा से भिन्न ऐसी भाषा में दिया जाता है जिसे प्लीडर नहीं समझता, तो वह ऐसे प्लीडर के लिए उस भाषा में विवर्तित किया जाएगा।
(3) जब दस्तावेजें औपचारिक सबूत के प्रयोजन के लिए पेश की जाती हैं, तब उनमें से जितना विवर्तित करना आवश्यक प्रतीत हो उतने को विवर्तित करना न्यायालय के विवेकाधीन होगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
