पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 228 अब CrPC धारा 205 है
मजिस्ट्रेट अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे सकता है।
पुराना कानून
BNSS §228
मजिस्ट्रेट अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे सकता है।
(1) जब भी कोई मजिस्ट्रेट समन जारी करता है, तो वह, यदि उसे ऐसा करने का कारण दिखाई दे, तो अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे सकता है और उसे अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होने की अनुमति दे सकता है।
(2) परन्तु मामले की जाँच करने वाला या मुकदमा चलाने वाला मजिस्ट्रेट, अपने विवेक से, कार्यवाही के किसी भी चरण में, अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश दे सकता है, और यदि आवश्यक हो, तो इस प्रकार की उपस्थिति को पहले से निर्धारित तरीके से लागू कर सकता है।
पूरा पढ़ें: BNSS §228(2) परन्तु मामले की जाँच करने वाला या मुकदमा चलाने वाला मजिस्ट्रेट, अपने विवेक से, कार्यवाही के किसी भी चरण में, अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश दे सकता है, और यदि आवश्यक हो, तो इस प्रकार की उपस्थिति को पहले से निर्धारित तरीके से लागू कर सकता है।
नया कानून
CrPC §205
धारा 205. मजिस्ट्रेट अभियुक्त की वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकेगा
205. मजिस्ट्रेट अभियुक्त की वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकेगा
(1) जब कभी मजिस्ट्रेट समन जारी करता है, तब यदि वह ऐसा करने का कारण देखता है तो वह अभियुक्त की वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकेगा और उसे अपने प्लीडर द्वारा हाजिर होने की अनुज्ञा दे सकेगा।
(2) किंतु मामले की जांच या विचारण करने वाला मजिस्ट्रेट, कार्यवाहियों के किसी भी प्रक्रम में, अपने विवेकानुसार अभियुक्त की वैयक्तिक हाजिरी का निदेश दे सकेगा और यदि आवश्यक हो तो, पूर्वोक्त रीति से ऐसी हाजिरी करा सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §205(1) जब कभी मजिस्ट्रेट समन जारी करता है, तब यदि वह ऐसा करने का कारण देखता है तो वह अभियुक्त की वैयक्तिक हाजिरी से अभिमुक्ति दे सकेगा और उसे अपने प्लीडर द्वारा हाजिर होने की अनुज्ञा दे सकेगा।
(2) किंतु मामले की जांच या विचारण करने वाला मजिस्ट्रेट, कार्यवाहियों के किसी भी प्रक्रम में, अपने विवेकानुसार अभियुक्त की वैयक्तिक हाजिरी का निदेश दे सकेगा और यदि आवश्यक हो तो, पूर्वोक्त रीति से ऐसी हाजिरी करा सकेगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
