पाठ बदला गया है
BNSS धारा 184 अब CrPC धारा 164A Medical examination of victim of rape है
बलात्कार पीड़िता की चिकित्सा जांच।
पुराना कानून
BNSS §184
बलात्कार पीड़िता की चिकित्सा जांच।
(1) जहां बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के अपराध की जांच के दौरान, जिस महिला के साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया है या बलात्कार का प्रयास किया गया है, उसकी चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा जांच कराने का प्रस्ताव हो, तो ऐसी जांच सरकार या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा संचालित अस्पताल में कार्यरत पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा की जाएगी और ऐसे व्यवसायी की अनुपस्थिति में, ऐसी महिला या उसकी ओर से ऐसी सहमति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सहमति से किसी अन्य पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा की जाएगी और ऐसी महिला को ऐसे अपराध के घटित होने से संबंधित सूचना प्राप्त होने के चौबीस घंटे के भीतर ऐसे पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के पास भेजा जाएगा।
(2) पंजीकृत चिकित्सक, जिसके पास ऐसी महिला को भेजा जाता है, वह बिना विलंब किए उसकी जांच करेगा और अपनी जांच की रिपोर्ट तैयार करेगा जिसमें निम्नलिखित विवरण होंगे, अर्थात्:—
(i) महिला का नाम और पता तथा उस व्यक्ति का नाम और पता जिसके द्वारा उसे लाया गया था;
(ii) महिला की आयु;
(iii) महिला के शरीर से डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए ली गई सामग्री का विवरण;
(iv) महिला के शरीर पर चोट के निशान, यदि कोई हों;
(v) महिला की सामान्य मानसिक स्थिति; और
(vi) अन्य महत्वपूर्ण विवरण उचित विस्तार से।
(3) रिपोर्ट में प्रत्येक निष्कर्ष के लिए स्पष्ट कारण बताए जाएंगे।
(4) रिपोर्ट में विशेष रूप से यह दर्ज किया जाएगा कि ऐसी परीक्षा के लिए महिला या उसकी ओर से ऐसी सहमति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सहमति प्राप्त कर ली गई थी।
(5) परीक्षा के प्रारंभ और समापन का सटीक समय भी रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा।
(6) पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी सात दिनों की अवधि के भीतर रिपोर्ट जांच अधिकारी को भेजेगा, जो उसे धारा 193 में निर्दिष्ट मजिस्ट्रेट को उस धारा की उपधारा (6) के खंड (क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों के भाग के रूप में भेजेगा।
(7) इस धारा में ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया है जिससे महिला की सहमति के बिना या उसकी ओर से ऐसी सहमति देने के लिए सक्षम किसी व्यक्ति की सहमति के बिना किसी भी परीक्षा को वैध माना जाए।
स्पष्टीकरण। —इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "परीक्षा" और "पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी" के वही अर्थ होंगे जो क्रमशः धारा 51 में उन्हें दिए गए हैं।
पूरा पढ़ें: BNSS §184(2) पंजीकृत चिकित्सक, जिसके पास ऐसी महिला को भेजा जाता है, वह बिना विलंब किए उसकी जांच करेगा और अपनी जांच की रिपोर्ट तैयार करेगा जिसमें निम्नलिखित विवरण होंगे, अर्थात्:—
(i) महिला का नाम और पता तथा उस व्यक्ति का नाम और पता जिसके द्वारा उसे लाया गया था;
(ii) महिला की आयु;
(iii) महिला के शरीर से डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए ली गई सामग्री का विवरण;
(iv) महिला के शरीर पर चोट के निशान, यदि कोई हों;
(v) महिला की सामान्य मानसिक स्थिति; और
(vi) अन्य महत्वपूर्ण विवरण उचित विस्तार से।
(3) रिपोर्ट में प्रत्येक निष्कर्ष के लिए स्पष्ट कारण बताए जाएंगे।
(4) रिपोर्ट में विशेष रूप से यह दर्ज किया जाएगा कि ऐसी परीक्षा के लिए महिला या उसकी ओर से ऐसी सहमति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सहमति प्राप्त कर ली गई थी।
(5) परीक्षा के प्रारंभ और समापन का सटीक समय भी रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा।
(6) पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी सात दिनों की अवधि के भीतर रिपोर्ट जांच अधिकारी को भेजेगा, जो उसे धारा 193 में निर्दिष्ट मजिस्ट्रेट को उस धारा की उपधारा (6) के खंड (क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों के भाग के रूप में भेजेगा।
(7) इस धारा में ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया है जिससे महिला की सहमति के बिना या उसकी ओर से ऐसी सहमति देने के लिए सक्षम किसी व्यक्ति की सहमति के बिना किसी भी परीक्षा को वैध माना जाए।
स्पष्टीकरण। —इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "परीक्षा" और "पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी" के वही अर्थ होंगे जो क्रमशः धारा 51 में उन्हें दिए गए हैं।
नया कानून
CrPC §164A Medical examination of victim of rape
धारा 164A. बलात्संग की पीड़िता की चिकित्सीय परीक्षा
164A. बलात्संग की पीड़िता की चिकित्सीय परीक्षा
(1) जहां, उस प्रक्रम के दौरान जब बलात्संग करने या बलात्संग करने का प्रयत्न करने का कोई अपराध अन्वेषण के अधीन है, यह प्रस्थापित किया जाता है कि उस स्त्री के, जिसके साथ बलात्संग किया जाना या बलात्संग किए जाने का प्रयत्न किया जाना अभिकथित है, शरीर की किसी चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा परीक्षा कराई जाए, वहां ऐसी परीक्षा सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा चलाए जा रहे किसी अस्पताल में नियोजित रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा और ऐसे व्यवसायी की अनुपस्थिति में किसी अन्य रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा, ऐसी स्त्री की या उसकी ओर से ऐसी सम्मति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सम्मति से की जाएगी और ऐसी स्त्री ऐसे अपराध के किए जाने से संबंधित इत्तिला प्राप्त होने के समय से चौबीस घंटे के भीतर ऐसे रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी के पास भेजी जाएगी।
(2) वह रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी, जिसके पास ऐसी स्त्री भेजी जाती है, विलंब किए बिना, उसके शरीर की परीक्षा करेगा और अपनी परीक्षा की एक रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसमें निम्नलिखित विशिष्टियां दी जाएंगी, अर्थात्:—
(i) स्त्री का और उस व्यक्ति का, जिसके द्वारा वह लाई गई थी, नाम और पता;
(ii) स्त्री की आयु;
(iii) डी.एन.ए. प्रोफाइलिंग के लिए स्त्री के शरीर से ली गई सामग्री का वर्णन;
(iv) स्त्री के शरीर पर क्षति के चिह्न, यदि कोई हों;
(v) स्त्री की साधारण मानसिक दशा; और
(vi) युक्तियुक्त विस्तार से अन्य तात्त्विक विशिष्टियां।
(3) रिपोर्ट में उन कारणों का ठीक-ठीक कथन किया जाएगा, जिनके आधार पर प्रत्येक निष्कर्ष निकाला गया है।
(4) रिपोर्ट में विनिर्दिष्ट रूप से यह अभिलिखित किया जाएगा कि ऐसी परीक्षा के लिए उस स्त्री की या उसकी ओर से ऐसी सम्मति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सम्मति अभिप्राप्त कर ली गई थी।
(5) परीक्षा के प्रारंभ और समाप्ति का ठीक-ठीक समय भी रिपोर्ट में अभिलिखित किया जाएगा।
(6) रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी, विलंब किए बिना, रिपोर्ट को अन्वेषण अधिकारी को भेजेगा, जो उसे धारा 173 में निर्दिष्ट मजिस्ट्रेट को उस धारा की उपधारा (5) के खंड (क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों के भाग के रूप में भेजेगा।
(7) इस धारा की कोई बात उस स्त्री की या उसकी ओर से ऐसी सम्मति देने के लिए सक्षम किसी व्यक्ति की सम्मति के बिना की गई किसी परीक्षा को विधिपूर्ण बनाने वाली नहीं समझी जाएगी।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए, 'परीक्षा' और 'रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी' के वही अर्थ होंगे, जो धारा 53 में हैं।
पूरा पढ़ें: CrPC §164A Medical examination of victim of rape(1) जहां, उस प्रक्रम के दौरान जब बलात्संग करने या बलात्संग करने का प्रयत्न करने का कोई अपराध अन्वेषण के अधीन है, यह प्रस्थापित किया जाता है कि उस स्त्री के, जिसके साथ बलात्संग किया जाना या बलात्संग किए जाने का प्रयत्न किया जाना अभिकथित है, शरीर की किसी चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा परीक्षा कराई जाए, वहां ऐसी परीक्षा सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा चलाए जा रहे किसी अस्पताल में नियोजित रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा और ऐसे व्यवसायी की अनुपस्थिति में किसी अन्य रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा, ऐसी स्त्री की या उसकी ओर से ऐसी सम्मति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सम्मति से की जाएगी और ऐसी स्त्री ऐसे अपराध के किए जाने से संबंधित इत्तिला प्राप्त होने के समय से चौबीस घंटे के भीतर ऐसे रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी के पास भेजी जाएगी।
(2) वह रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी, जिसके पास ऐसी स्त्री भेजी जाती है, विलंब किए बिना, उसके शरीर की परीक्षा करेगा और अपनी परीक्षा की एक रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसमें निम्नलिखित विशिष्टियां दी जाएंगी, अर्थात्:—
(i) स्त्री का और उस व्यक्ति का, जिसके द्वारा वह लाई गई थी, नाम और पता;
(ii) स्त्री की आयु;
(iii) डी.एन.ए. प्रोफाइलिंग के लिए स्त्री के शरीर से ली गई सामग्री का वर्णन;
(iv) स्त्री के शरीर पर क्षति के चिह्न, यदि कोई हों;
(v) स्त्री की साधारण मानसिक दशा; और
(vi) युक्तियुक्त विस्तार से अन्य तात्त्विक विशिष्टियां।
(3) रिपोर्ट में उन कारणों का ठीक-ठीक कथन किया जाएगा, जिनके आधार पर प्रत्येक निष्कर्ष निकाला गया है।
(4) रिपोर्ट में विनिर्दिष्ट रूप से यह अभिलिखित किया जाएगा कि ऐसी परीक्षा के लिए उस स्त्री की या उसकी ओर से ऐसी सम्मति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सम्मति अभिप्राप्त कर ली गई थी।
(5) परीक्षा के प्रारंभ और समाप्ति का ठीक-ठीक समय भी रिपोर्ट में अभिलिखित किया जाएगा।
(6) रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी, विलंब किए बिना, रिपोर्ट को अन्वेषण अधिकारी को भेजेगा, जो उसे धारा 173 में निर्दिष्ट मजिस्ट्रेट को उस धारा की उपधारा (5) के खंड (क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों के भाग के रूप में भेजेगा।
(7) इस धारा की कोई बात उस स्त्री की या उसकी ओर से ऐसी सम्मति देने के लिए सक्षम किसी व्यक्ति की सम्मति के बिना की गई किसी परीक्षा को विधिपूर्ण बनाने वाली नहीं समझी जाएगी।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए, 'परीक्षा' और 'रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी' के वही अर्थ होंगे, जो धारा 53 में हैं।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
