पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 178 अब CrPC धारा 159 है
जांच या प्रारंभिक पूछताछ करने का अधिकार।
पुराना कानून
BNSS §178
जांच या प्रारंभिक पूछताछ करने का अधिकार।
धारा 176 के तहत रिपोर्ट प्राप्त होने पर मजिस्ट्रेट जांच का निर्देश दे सकता है, या यदि वह उचित समझे तो तुरंत कार्यवाही शुरू कर सकता है, या अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट को कार्यवाही शुरू करने के लिए नियुक्त कर सकता है, ताकि इस संहिता में दिए गए तरीके से मामले की प्रारंभिक जांच की जा सके, या अन्यथा मामले का निपटारा किया जा सके।
पूरा पढ़ें: BNSS §178नया कानून
CrPC §159
धारा 159. अन्वेषण या प्रारंभिक जांच करने की शक्ति
159. अन्वेषण या प्रारंभिक जांच करने की शक्ति
ऐसा मजिस्ट्रेट, ऐसी रिपोर्ट प्राप्त होने पर, अन्वेषण का निदेश दे सकेगा, या यदि वह ठीक समझे तो, इस संहिता में उपबंधित रीति से मामले की प्रारंभिक जांच करने के लिए या उसे अन्यथा निपटाने के लिए तुरंत स्वयं अग्रसर हो सकेगा, या अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट को अग्रसर होने के लिए प्रतिनियुक्त कर सकेगा।
पूरा पढ़ें: CrPC §159ऐसा मजिस्ट्रेट, ऐसी रिपोर्ट प्राप्त होने पर, अन्वेषण का निदेश दे सकेगा, या यदि वह ठीक समझे तो, इस संहिता में उपबंधित रीति से मामले की प्रारंभिक जांच करने के लिए या उसे अन्यथा निपटाने के लिए तुरंत स्वयं अग्रसर हो सकेगा, या अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट को अग्रसर होने के लिए प्रतिनियुक्त कर सकेगा।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
