पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNSS धारा 119 अब CrPC धारा 105G है
संपत्ति की ज़ब्ती की सूचना।
पुराना कानून
BNSS §119
संपत्ति की ज़ब्ती की सूचना।
(1) यदि धारा 116 के तहत की गई जांच, छानबीन या सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप न्यायालय को यह विश्वास करने का कारण हो कि ऐसी सभी या कोई भी संपत्ति अपराध की आय है, तो वह ऐसे व्यक्ति (जिसे इसके बाद प्रभावित व्यक्ति कहा जाएगा) को नोटिस जारी कर सकता है, जिसमें उसे नोटिस में निर्दिष्ट तीस दिनों की अवधि के भीतर आय, कमाई या परिसंपत्तियों का स्रोत बताने के लिए कहा जाएगा, जिससे या जिसके माध्यम से उसने ऐसी संपत्ति अर्जित की है, वह साक्ष्य जिस पर वह निर्भर करता है और अन्य प्रासंगिक जानकारी और विवरण, और यह कारण बताने के लिए कि ऐसी सभी या कोई भी संपत्ति, जैसा भी मामला हो, अपराध की आय घोषित करके केंद्र सरकार को जब्त क्यों नहीं की जानी चाहिए।
(2) जहाँ उपधारा (1) के अंतर्गत किसी व्यक्ति को दी गई सूचना में किसी संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उस व्यक्ति की ओर से धारित संपत्ति के रूप में निर्दिष्ट किया गया हो, तो सूचना की एक प्रति उस अन्य व्यक्ति को भी तामील की जाएगी।
पूरा पढ़ें: BNSS §119(2) जहाँ उपधारा (1) के अंतर्गत किसी व्यक्ति को दी गई सूचना में किसी संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उस व्यक्ति की ओर से धारित संपत्ति के रूप में निर्दिष्ट किया गया हो, तो सूचना की एक प्रति उस अन्य व्यक्ति को भी तामील की जाएगी।
नया कानून
CrPC §105G
धारा 105G. संपत्ति के समपहरण की सूचना
105G. संपत्ति के समपहरण की सूचना
(1) यदि धारा 105घ के अधीन जांच, अन्वेषण या सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप न्यायालय के पास यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसी सभी संपत्तियां या उनमें से कोई अपराध से अर्जित आय है, तो वह ऐसे व्यक्ति पर (जिसे इसमें इसके पश्चात् प्रभावित व्यक्ति कहा गया है) सूचना की तामील कर सकेगा, जिसके द्वारा उससे यह अपेक्षा की जाएगी कि वह सूचना में विनिर्दिष्ट तीस दिन की अवधि के भीतर आय, उपार्जन या आस्तियों का वह स्रोत बताए, जिसमें से या जिसके माध्यम से उसने ऐसी संपत्ति अर्जित की है, वह साक्ष्य बताए जिस पर वह निर्भर करता है तथा अन्य सुसंगत जानकारी और विशिष्टियां दे, और कारण बताए कि ऐसी सभी संपत्तियों को या उनमें से किसी को, यथास्थिति, अपराध से अर्जित आय घोषित करके केंद्रीय सरकार को समपहृत क्यों न कर दिया जाए।
(2) जहां उपधारा (1) के अधीन किसी व्यक्ति को दी गई सूचना में किसी संपत्ति को ऐसे व्यक्ति की ओर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा धारित के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है, वहां ऐसी सूचना की एक प्रति ऐसे अन्य व्यक्ति पर भी तामील की जाएगी।
पूरा पढ़ें: CrPC §105G(1) यदि धारा 105घ के अधीन जांच, अन्वेषण या सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप न्यायालय के पास यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसी सभी संपत्तियां या उनमें से कोई अपराध से अर्जित आय है, तो वह ऐसे व्यक्ति पर (जिसे इसमें इसके पश्चात् प्रभावित व्यक्ति कहा गया है) सूचना की तामील कर सकेगा, जिसके द्वारा उससे यह अपेक्षा की जाएगी कि वह सूचना में विनिर्दिष्ट तीस दिन की अवधि के भीतर आय, उपार्जन या आस्तियों का वह स्रोत बताए, जिसमें से या जिसके माध्यम से उसने ऐसी संपत्ति अर्जित की है, वह साक्ष्य बताए जिस पर वह निर्भर करता है तथा अन्य सुसंगत जानकारी और विशिष्टियां दे, और कारण बताए कि ऐसी सभी संपत्तियों को या उनमें से किसी को, यथास्थिति, अपराध से अर्जित आय घोषित करके केंद्रीय सरकार को समपहृत क्यों न कर दिया जाए।
(2) जहां उपधारा (1) के अधीन किसी व्यक्ति को दी गई सूचना में किसी संपत्ति को ऐसे व्यक्ति की ओर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा धारित के रूप में विनिर्दिष्ट किया गया है, वहां ऐसी सूचना की एक प्रति ऐसे अन्य व्यक्ति पर भी तामील की जाएगी।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
