पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 82(1) अब IPC धारा 494 है
पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
पुराना कानून
BNS §82(1)
पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
(1) जो कोई भी, पति या पत्नी के जीवित रहते हुए, किसी ऐसे मामले में विवाह करता है जिसमें ऐसा विवाह पति या पत्नी के जीवित रहते हुए होने के कारण अमान्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
अपवाद। ---यह उपधारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती जिसका विवाह किसी सक्षम न्यायालय द्वारा पति या पत्नी के साथ अमान्य घोषित कर दिया गया हो, और न ही ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू होती है जो पूर्व पति या पत्नी के जीवित रहते विवाह करता है, यदि ऐसा पति या पत्नी, पश्चात विवाह के समय, सात वर्षों की अवधि तक लगातार उस व्यक्ति से अनुपस्थित रहा हो, और उस अवधि के दौरान उस व्यक्ति को उसके जीवित होने की कोई सूचना न मिली हो, बशर्ते कि पश्चात विवाह करने वाला व्यक्ति, विवाह होने से पहले, उस व्यक्ति को, जिसके साथ विवाह किया जा रहा है, तथ्यों की वास्तविक स्थिति के बारे में सूचित करे, जहाँ तक कि यह जानकारी उसके पास उपलब्ध हो।
(2) जो कोई उपधारा (1) के तहत अपराध करता है, जिसके साथ पश्चात विवाह किया जाता है, उससे पूर्व विवाह के तथ्य को छुपाते हुए, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §82(1)अपवाद। ---यह उपधारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती जिसका विवाह किसी सक्षम न्यायालय द्वारा पति या पत्नी के साथ अमान्य घोषित कर दिया गया हो, और न ही ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू होती है जो पूर्व पति या पत्नी के जीवित रहते विवाह करता है, यदि ऐसा पति या पत्नी, पश्चात विवाह के समय, सात वर्षों की अवधि तक लगातार उस व्यक्ति से अनुपस्थित रहा हो, और उस अवधि के दौरान उस व्यक्ति को उसके जीवित होने की कोई सूचना न मिली हो, बशर्ते कि पश्चात विवाह करने वाला व्यक्ति, विवाह होने से पहले, उस व्यक्ति को, जिसके साथ विवाह किया जा रहा है, तथ्यों की वास्तविक स्थिति के बारे में सूचित करे, जहाँ तक कि यह जानकारी उसके पास उपलब्ध हो।
(2) जो कोई उपधारा (1) के तहत अपराध करता है, जिसके साथ पश्चात विवाह किया जाता है, उससे पूर्व विवाह के तथ्य को छुपाते हुए, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
नया कानून
IPC §494
पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दोबारा शादी करना।
जो कोई भी, जिसके पति या पत्नी जीवित हों, ऐसे किसी मामले में विवाह करता है जिसमें ऐसा विवाह पति या पत्नी के जीवित रहते हुए होने के कारण अमान्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
अपवाद. —यह धारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती जिसका विवाह सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसे पति या पत्नी के साथ अमान्य घोषित कर दिया गया हो।
और न ही किसी ऐसे व्यक्ति को, जो अपने पूर्व पति या पत्नी के जीवित रहते हुए विवाह करता है, यदि ऐसा पति या पत्नी, बाद के विवाह के समय, उस व्यक्ति से लगातार सात वर्षों तक अनुपस्थित रहा हो, और उस समय के दौरान उस व्यक्ति को उसके जीवित होने की कोई सूचना न मिली हो, बशर्ते कि बाद का विवाह करने वाला व्यक्ति, विवाह होने से पहले, उस व्यक्ति को, जिसके साथ विवाह किया जा रहा है, तथ्यों की वास्तविक स्थिति के बारे में सूचित करेगा, जहाँ तक कि यह उसके ज्ञान में हो।
पूरा पढ़ें: IPC §494अपवाद. —यह धारा ऐसे किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होती जिसका विवाह सक्षम न्यायालय द्वारा ऐसे पति या पत्नी के साथ अमान्य घोषित कर दिया गया हो।
और न ही किसी ऐसे व्यक्ति को, जो अपने पूर्व पति या पत्नी के जीवित रहते हुए विवाह करता है, यदि ऐसा पति या पत्नी, बाद के विवाह के समय, उस व्यक्ति से लगातार सात वर्षों तक अनुपस्थित रहा हो, और उस समय के दौरान उस व्यक्ति को उसके जीवित होने की कोई सूचना न मिली हो, बशर्ते कि बाद का विवाह करने वाला व्यक्ति, विवाह होने से पहले, उस व्यक्ति को, जिसके साथ विवाह किया जा रहा है, तथ्यों की वास्तविक स्थिति के बारे में सूचित करेगा, जहाँ तक कि यह उसके ज्ञान में हो।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
