पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 59 अब IPC धारा 119 है
लोक सेवक द्वारा ऐसे अपराध को अंजाम देने की योजना को छुपाना जिसे रोकना उसका कर्तव्य है।
पुराना कानून
BNS §59
लोक सेवक द्वारा ऐसे अपराध को अंजाम देने की योजना को छुपाना जिसे रोकना उसका कर्तव्य है।
जो कोई लोक सेवक होते हुए, किसी ऐसे अपराध को सुगम बनाने के इरादे से या यह जानते हुए कि ऐसा करने से उस अपराध को सुगम बनाने की संभावना है जिसे रोकना लोक सेवक के रूप में उसका कर्तव्य है, स्वेच्छा से किसी कार्य या चूक द्वारा या एन्क्रिप्शन या किसी अन्य सूचना छिपाने वाले उपकरण के उपयोग द्वारा ऐसे अपराध को करने की योजना के अस्तित्व को छुपाता है, या ऐसी योजना के संबंध में कोई ऐसा बयान देता है जिसे वह जानता है कि वह झूठा है, तो वह,—
(क) यदि अपराध किया जाता है, तो उसे उस अपराध के लिए निर्धारित किसी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की सबसे लंबी अवधि के आधे तक हो सकती है, या उस अपराध के लिए निर्धारित जुर्माने से, या दोनों से; या
(ख) यदि अपराध मृत्युदंड या आजीवन कारावास से दंडनीय हो, तो उसे दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा; या
(ग) यदि अपराध न किया गया हो, तो उसे अपराध के लिए निर्धारित किसी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की सबसे लंबी अवधि के एक-चौथाई तक हो सकती है, या ऐसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा जैसा कि अपराध के लिए निर्धारित है, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
चित्रण ।
पुलिस अधिकारी ए, जो विधिवत रूप से डकैती की सभी योजनाओं की सूचना देने के लिए बाध्य है, और यह जानते हुए कि बी डकैती करने की योजना बना रहा है, जानबूझकर ऐसी सूचना नहीं देता है ताकि अपराध को अंजाम देने में सहायता मिल सके। यहाँ ए ने गैरकानूनी रूप से सूचना न देकर बी की योजना को छिपाया है और इस धारा के प्रावधानों के अनुसार दंडनीय है।
पूरा पढ़ें: BNS §59(क) यदि अपराध किया जाता है, तो उसे उस अपराध के लिए निर्धारित किसी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की सबसे लंबी अवधि के आधे तक हो सकती है, या उस अपराध के लिए निर्धारित जुर्माने से, या दोनों से; या
(ख) यदि अपराध मृत्युदंड या आजीवन कारावास से दंडनीय हो, तो उसे दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा; या
(ग) यदि अपराध न किया गया हो, तो उसे अपराध के लिए निर्धारित किसी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की सबसे लंबी अवधि के एक-चौथाई तक हो सकती है, या ऐसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा जैसा कि अपराध के लिए निर्धारित है, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
चित्रण ।
पुलिस अधिकारी ए, जो विधिवत रूप से डकैती की सभी योजनाओं की सूचना देने के लिए बाध्य है, और यह जानते हुए कि बी डकैती करने की योजना बना रहा है, जानबूझकर ऐसी सूचना नहीं देता है ताकि अपराध को अंजाम देने में सहायता मिल सके। यहाँ ए ने गैरकानूनी रूप से सूचना न देकर बी की योजना को छिपाया है और इस धारा के प्रावधानों के अनुसार दंडनीय है।
नया कानून
IPC §119
धारा 119 - किसी ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना का लोक सेवक द्वारा छिपाया जाना, जिसका निवारण करना उसका कर्तव्य है
किसी ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना का लोक सेवक द्वारा छिपाया जाना, जिसका निवारण करना उसका कर्तव्य है
जो कोई लोक सेवक होते हुए, ऐसे अपराध का, जिसका निवारण करना ऐसे लोक सेवक के नाते उसका कर्तव्य है, किया जाना सुकर बनाने के आशय से, या संभाव्यतः तद्द्वारा सुकर बनाएगा यह जानते हुए,
ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना के अस्तित्व को किसी कार्य या अवैध लोप द्वारा, अथवा गूढ़लेखन या किसी अन्य जानकारी छिपाने वाले साधन के उपयोग द्वारा, स्वेच्छया छिपाएगा, या ऐसी परिकल्पना के बारे में ऐसा व्यपदेशन करेगा जिसका मिथ्या होना वह जानता है,
यदि अपराध कर दिया जाए - तो यदि वह अपराध कर दिया जाए, वह उस अपराध के लिए उपबन्धित भांति के कारावास से, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की दीर्घतम अवधि के आधे भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ;
यदि अपराध मृत्यु इत्यादि से दण्डनीय हो - अथवा, यदि वह अपराध मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय हो, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा ;
यदि अपराध न किया जाए - अथवा, यदि वह अपराध न किया जाए, तो वह उस अपराध के लिए उपबन्धित भांति के कारावास से, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की दीर्घतम अवधि के एक चौथाई भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
दृष्टांत :
क, एक पुलिस आफिसर, लूट करने की उन सब परिकल्पनाओं की, जो उसके ज्ञान में आएं, इत्तिला देने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए, और यह जानते हुए कि ख लूट करने की परिकल्पना कर रहा है, उस अपराध का किया जाना सुकर बनाने के आशय से ऐसी इत्तिला देने का लोप करता है । यहां क ने अवैध लोप द्वारा ख की परिकल्पना के अस्तित्व को छिपाया है, और इस धारा के उपबन्ध के अनुसार दण्ड का भागी है ।
पूरा पढ़ें: IPC §119जो कोई लोक सेवक होते हुए, ऐसे अपराध का, जिसका निवारण करना ऐसे लोक सेवक के नाते उसका कर्तव्य है, किया जाना सुकर बनाने के आशय से, या संभाव्यतः तद्द्वारा सुकर बनाएगा यह जानते हुए,
ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना के अस्तित्व को किसी कार्य या अवैध लोप द्वारा, अथवा गूढ़लेखन या किसी अन्य जानकारी छिपाने वाले साधन के उपयोग द्वारा, स्वेच्छया छिपाएगा, या ऐसी परिकल्पना के बारे में ऐसा व्यपदेशन करेगा जिसका मिथ्या होना वह जानता है,
यदि अपराध कर दिया जाए - तो यदि वह अपराध कर दिया जाए, वह उस अपराध के लिए उपबन्धित भांति के कारावास से, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की दीर्घतम अवधि के आधे भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ;
यदि अपराध मृत्यु इत्यादि से दण्डनीय हो - अथवा, यदि वह अपराध मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय हो, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा ;
यदि अपराध न किया जाए - अथवा, यदि वह अपराध न किया जाए, तो वह उस अपराध के लिए उपबन्धित भांति के कारावास से, जिसकी अवधि ऐसे कारावास की दीर्घतम अवधि के एक चौथाई भाग तक की हो सकेगी, या ऐसे जुर्माने से, जो उस अपराध के लिए उपबन्धित है, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ।
दृष्टांत :
क, एक पुलिस आफिसर, लूट करने की उन सब परिकल्पनाओं की, जो उसके ज्ञान में आएं, इत्तिला देने के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए, और यह जानते हुए कि ख लूट करने की परिकल्पना कर रहा है, उस अपराध का किया जाना सुकर बनाने के आशय से ऐसी इत्तिला देने का लोप करता है । यहां क ने अवैध लोप द्वारा ख की परिकल्पना के अस्तित्व को छिपाया है, और इस धारा के उपबन्ध के अनुसार दण्ड का भागी है ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
