पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 342(1) अब IPC धारा 475 है
धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए प्रयुक्त जालसाजी उपकरण या चिह्न, या जालसाजी चिह्नित सामग्री का कब्ज़ा।
पुराना कानून
BNS §342(1)
धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों को प्रमाणित करने के लिए प्रयुक्त जालसाजी उपकरण या चिह्न, या जालसाजी चिह्नित सामग्री का कब्ज़ा।
(1) जो कोई भी किसी सामग्री पर या उसके सार में, धारा 338 में वर्णित किसी दस्तावेज़ को प्रमाणित करने के उद्देश्य से प्रयुक्त किसी चिह्न या चिन्ह की नकल करता है, इस इरादे से कि ऐसे चिह्न या चिन्ह का उपयोग उस सामग्री पर पहले से या बाद में बनाए जाने वाले किसी दस्तावेज़ को प्रामाणिकता का आभास देने के उद्देश्य से किया जाएगा, या जो ऐसे इरादे से अपने कब्जे में ऐसी कोई सामग्री रखता है जिस पर या जिसके सार में ऐसा चिह्न या चिन्ह नकल किया गया हो, उसे आजीवन कारावास या सात वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(2) जो कोई भी धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों के अलावा किसी अन्य दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को प्रमाणित करने के उद्देश्य से प्रयुक्त किसी भी उपकरण या चिह्न को किसी भी सामग्री पर या उसके सार में इस इरादे से अंकित करता है कि ऐसे उपकरण या चिह्न का उपयोग उस सामग्री पर पहले से या बाद में अंकित किए जाने वाले किसी भी दस्तावेज को प्रामाणिकता का आभास देने के उद्देश्य से किया जाएगा, या जो ऐसे इरादे से किसी ऐसी सामग्री को अपने कब्जे में रखता है जिस पर या जिसके सार में ऐसा कोई उपकरण या चिह्न अंकित किया गया है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §342(1)(2) जो कोई भी धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों के अलावा किसी अन्य दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को प्रमाणित करने के उद्देश्य से प्रयुक्त किसी भी उपकरण या चिह्न को किसी भी सामग्री पर या उसके सार में इस इरादे से अंकित करता है कि ऐसे उपकरण या चिह्न का उपयोग उस सामग्री पर पहले से या बाद में अंकित किए जाने वाले किसी भी दस्तावेज को प्रामाणिकता का आभास देने के उद्देश्य से किया जाएगा, या जो ऐसे इरादे से किसी ऐसी सामग्री को अपने कब्जे में रखता है जिस पर या जिसके सार में ऐसा कोई उपकरण या चिह्न अंकित किया गया है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
नया कानून
IPC §475
धारा 475 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
जो कोई किसी पदार्थ के ऊपर, या उसके उपादान में, किसी ऐसी अभिलक्षणा या चिह्न की, जिसे इस संहिता की धारा 467 में वर्णित किसी दस्तावेज के अधिप्रमाणीकरण के प्रयोजन के लिए, उपयोग में लाया जाता हो, कूटकॄति यह आशय रखते हुए बनाएगा कि ऐसी अभिलक्षणा या ऐसे चिह्न की, ऐसे पदार्थ पर उस समय कूटरचित की जा रही या उसके पश्चात् कूटरचित की जाने वाली किसी दस्तावेज को अधिप्रमाणीकॄत का आभास प्रदान करने के प्रयोजन से उपयोग में लाया जाएगा या जो ऐसे आशय से कोई ऐसा पदार्थ अपने कब्जे में रखेगा, जिस पर या जिसके उपादान में ऐसी अभिलक्षणा को या ऐसे चिह्न की कूटकॄति बनाई गई हो, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §475जो कोई किसी पदार्थ के ऊपर, या उसके उपादान में, किसी ऐसी अभिलक्षणा या चिह्न की, जिसे इस संहिता की धारा 467 में वर्णित किसी दस्तावेज के अधिप्रमाणीकरण के प्रयोजन के लिए, उपयोग में लाया जाता हो, कूटकॄति यह आशय रखते हुए बनाएगा कि ऐसी अभिलक्षणा या ऐसे चिह्न की, ऐसे पदार्थ पर उस समय कूटरचित की जा रही या उसके पश्चात् कूटरचित की जाने वाली किसी दस्तावेज को अधिप्रमाणीकॄत का आभास प्रदान करने के प्रयोजन से उपयोग में लाया जाएगा या जो ऐसे आशय से कोई ऐसा पदार्थ अपने कब्जे में रखेगा, जिस पर या जिसके उपादान में ऐसी अभिलक्षणा को या ऐसे चिह्न की कूटकॄति बनाई गई हो, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
