पुराना कानून
BNS §336
जालसाजी।
(1) जो कोई भी जनता या किसी व्यक्ति को हानि या चोट पहुँचाने के इरादे से, या किसी दावे या हक का समर्थन करने के लिए, या किसी व्यक्ति को संपत्ति से वंचित करने के लिए, या किसी स्पष्ट या निहित अनुबंध में प्रवेश करने के लिए, या धोखाधड़ी करने के इरादे से, या धोखाधड़ी करवाए जाने की संभावना से कोई झूठा दस्तावेज़ या झूठा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का कोई भाग बनाता है, वह जालसाजी करता है।
(2) जो कोई जालसाजी करेगा उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी जालसाजी करता है, इस इरादे से कि जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग धोखाधड़ी के उद्देश्य से किया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(4) जो कोई भी जालसाजी करता है, इस इरादे से कि जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड किसी पक्ष की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएगा, या यह जानते हुए कि इसका उपयोग उस उद्देश्य के लिए होने की संभावना है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §336(2) जो कोई जालसाजी करेगा उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी जालसाजी करता है, इस इरादे से कि जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग धोखाधड़ी के उद्देश्य से किया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(4) जो कोई भी जालसाजी करता है, इस इरादे से कि जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड किसी पक्ष की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएगा, या यह जानते हुए कि इसका उपयोग उस उद्देश्य के लिए होने की संभावना है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
नया कानून
IPC §463
धारा 463 - कूटरचना
कूटरचना
जो कोई किसी मिथ्या दस्तावेज या मिथ्या इलैक्ट्रानिक अभिलेख अथवा दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के किसी भाग कोट इस आशय से रचता है कि लोक को या किसी व्यक्ति को नुकसान या क्षति कारित की जाए, या किसी दावे या हक का समर्थन किया जाए, या यह कारित किया जाए कि कोई व्यक्ति संपत्ति अलग करे या कोई अभिव्यक्त या विवक्षित संविदा करे या इस आशय से रचता है कि कपट करे, या कपट किया जा सके, वह कूटरचना करता है ।
पूरा पढ़ें: IPC §463जो कोई किसी मिथ्या दस्तावेज या मिथ्या इलैक्ट्रानिक अभिलेख अथवा दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के किसी भाग कोट इस आशय से रचता है कि लोक को या किसी व्यक्ति को नुकसान या क्षति कारित की जाए, या किसी दावे या हक का समर्थन किया जाए, या यह कारित किया जाए कि कोई व्यक्ति संपत्ति अलग करे या कोई अभिव्यक्त या विवक्षित संविदा करे या इस आशय से रचता है कि कपट करे, या कपट किया जा सके, वह कूटरचना करता है ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
