पुराना कानून
BNS §309 (4)
डकैती।
(1) सभी डकैती में या तो चोरी होती है या जबरन वसूली।
(2) चोरी डकैती है यदि, चोरी करने के उद्देश्य से, या चोरी करते समय, या चोरी से प्राप्त संपत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयास करते समय, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मृत्यु या चोट या गलत तरीके से रोकना, या तत्काल मृत्यु या तत्काल चोट या तत्काल गलत तरीके से रोकने का भय उत्पन्न करता है या करने का प्रयास करता है।
(3) जबरन वसूली डकैती है यदि अपराधी जबरन वसूली करते समय उस व्यक्ति की उपस्थिति में हो जिसे डराया गया है, और उस व्यक्ति को तत्काल मृत्यु, तत्काल चोट, या तत्काल गलत तरीके से रोके जाने का भय देकर जबरन वसूली करता है, और इस प्रकार भय देकर, उस व्यक्ति को उसी समय जबरन वसूली की गई वस्तु सौंपने के लिए प्रेरित करता है।
स्पष्टीकरण। —अपराधी को उपस्थित माना जाता है यदि वह दूसरे व्यक्ति के इतने निकट हो कि उसे तत्काल मृत्यु, तत्काल चोट या तत्काल गलत तरीके से बंधक बनाए जाने का भय हो। उदाहरण।
(क) ए, जेड को पकड़कर रखता है और उसकी सहमति के बिना, उसके कपड़ों से धोखे से उसके पैसे और गहने ले लेता है। यहाँ ए ने चोरी की है और उस चोरी को अंजाम देने के लिए उसने स्वेच्छा से जेड को गलत तरीके से बंधक बनाया है। अतः ए ने डकैती की है।
(ख) ए सड़क पर जेड से मिलता है, पिस्तौल दिखाकर जेड का पर्स मांगता है। परिणामस्वरूप, जेड अपना पर्स दे देता है। यहाँ ए ने जेड को तत्काल चोट पहुँचाने का भय दिखाकर और उसकी उपस्थिति में पर्स छीनकर उससे पर्स वसूला है। अतः ए ने डकैती की है।
(ग) सड़क पर A की मुलाकात Z और उसके बच्चे से होती है। A बच्चे को छीन लेता है और Z को धमकी देता है कि अगर वह अपना पर्स नहीं देगा तो वह उसे खाई में फेंक देगा। Z अपना पर्स दे देता है। यहाँ A ने Z को बच्चे को तुरंत चोट पहुँचाने का भय दिखाकर उससे पर्स छीन लिया है। अतः A ने Z से लूटपाट की है।
(घ) अ, जेड से यह कहकर संपत्ति प्राप्त करता है—"तुम्हारा बच्चा मेरे गिरोह के हाथों में है, और यदि तुम हमें दस हजार रुपये नहीं भेजते हो तो उसे मार डाला जाएगा।" यह जबरन वसूली है और दंडनीय है; लेकिन यह डकैती नहीं है, जब तक कि जेड को उसके बच्चे की तत्काल मृत्यु का भय न दिलाया जाए।
(4) जो कोई डकैती करेगा उसे दस वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा; और यदि डकैती सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच राजमार्ग पर की जाती है, तो कारावास चौदह वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
(5) जो कोई भी डकैती करने का प्रयास करेगा, उसे सात वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(6) यदि कोई व्यक्ति डकैती करते समय या डकैती का प्रयास करते समय स्वेच्छा से चोट पहुँचाता है, तो ऐसा व्यक्ति और डकैती करने या डकैती का प्रयास करने में संयुक्त रूप से शामिल कोई अन्य व्यक्ति आजीवन कारावास या दस वर्ष तक के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §309 (4)(2) चोरी डकैती है यदि, चोरी करने के उद्देश्य से, या चोरी करते समय, या चोरी से प्राप्त संपत्ति को ले जाने या ले जाने का प्रयास करते समय, अपराधी उस उद्देश्य से स्वेच्छा से किसी व्यक्ति को मृत्यु या चोट या गलत तरीके से रोकना, या तत्काल मृत्यु या तत्काल चोट या तत्काल गलत तरीके से रोकने का भय उत्पन्न करता है या करने का प्रयास करता है।
(3) जबरन वसूली डकैती है यदि अपराधी जबरन वसूली करते समय उस व्यक्ति की उपस्थिति में हो जिसे डराया गया है, और उस व्यक्ति को तत्काल मृत्यु, तत्काल चोट, या तत्काल गलत तरीके से रोके जाने का भय देकर जबरन वसूली करता है, और इस प्रकार भय देकर, उस व्यक्ति को उसी समय जबरन वसूली की गई वस्तु सौंपने के लिए प्रेरित करता है।
स्पष्टीकरण। —अपराधी को उपस्थित माना जाता है यदि वह दूसरे व्यक्ति के इतने निकट हो कि उसे तत्काल मृत्यु, तत्काल चोट या तत्काल गलत तरीके से बंधक बनाए जाने का भय हो। उदाहरण।
(क) ए, जेड को पकड़कर रखता है और उसकी सहमति के बिना, उसके कपड़ों से धोखे से उसके पैसे और गहने ले लेता है। यहाँ ए ने चोरी की है और उस चोरी को अंजाम देने के लिए उसने स्वेच्छा से जेड को गलत तरीके से बंधक बनाया है। अतः ए ने डकैती की है।
(ख) ए सड़क पर जेड से मिलता है, पिस्तौल दिखाकर जेड का पर्स मांगता है। परिणामस्वरूप, जेड अपना पर्स दे देता है। यहाँ ए ने जेड को तत्काल चोट पहुँचाने का भय दिखाकर और उसकी उपस्थिति में पर्स छीनकर उससे पर्स वसूला है। अतः ए ने डकैती की है।
(ग) सड़क पर A की मुलाकात Z और उसके बच्चे से होती है। A बच्चे को छीन लेता है और Z को धमकी देता है कि अगर वह अपना पर्स नहीं देगा तो वह उसे खाई में फेंक देगा। Z अपना पर्स दे देता है। यहाँ A ने Z को बच्चे को तुरंत चोट पहुँचाने का भय दिखाकर उससे पर्स छीन लिया है। अतः A ने Z से लूटपाट की है।
(घ) अ, जेड से यह कहकर संपत्ति प्राप्त करता है—"तुम्हारा बच्चा मेरे गिरोह के हाथों में है, और यदि तुम हमें दस हजार रुपये नहीं भेजते हो तो उसे मार डाला जाएगा।" यह जबरन वसूली है और दंडनीय है; लेकिन यह डकैती नहीं है, जब तक कि जेड को उसके बच्चे की तत्काल मृत्यु का भय न दिलाया जाए।
(4) जो कोई डकैती करेगा उसे दस वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा; और यदि डकैती सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच राजमार्ग पर की जाती है, तो कारावास चौदह वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
(5) जो कोई भी डकैती करने का प्रयास करेगा, उसे सात वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा दी जाएगी और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(6) यदि कोई व्यक्ति डकैती करते समय या डकैती का प्रयास करते समय स्वेच्छा से चोट पहुँचाता है, तो ऐसा व्यक्ति और डकैती करने या डकैती का प्रयास करने में संयुक्त रूप से शामिल कोई अन्य व्यक्ति आजीवन कारावास या दस वर्ष तक के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
नया कानून
IPC §392
धारा 392 - लूट के लिए दण्ड
लूट के लिए दण्ड
जो कोई लूट करेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा, और यदि लूट राजमार्ग पर सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच की जाए, तो कारावास चौदह वर्ष तक का हो सकेगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §392जो कोई लूट करेगा, वह कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा, और यदि लूट राजमार्ग पर सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच की जाए, तो कारावास चौदह वर्ष तक का हो सकेगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
