पुराना कानून
BNS §308 (2)
ज़बरदस्ती वसूली।
(1) जो कोई जानबूझकर किसी व्यक्ति को उस व्यक्ति को या किसी अन्य को चोट पहुँचाने का भय दिलाता है, और इस प्रकार बेईमानी से उस भयभीत व्यक्ति को किसी व्यक्ति को कोई संपत्ति, या मूल्यवान प्रतिभूति, या हस्ताक्षरित या मुहरबंद कोई वस्तु सौंपने के लिए प्रेरित करता है जिसे मूल्यवान प्रतिभूति में परिवर्तित किया जा सकता है, वह जबरन वसूली करता है।
चित्र।
(क) ए, जेड को धमकी देता है कि यदि जेड उसे पैसे नहीं देगा तो वह उसके बारे में मानहानिकारक लेख प्रकाशित कर देगा। इस प्रकार वह जेड को पैसे देने के लिए प्रेरित करता है। ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(ख) ए, जेड को धमकी देता है कि वह जेड के बच्चे को अवैध रूप से कैद में रखेगा, जब तक कि जेड ए को कुछ धनराशि का भुगतान करने के लिए बाध्य करने वाला वचन पत्र पर हस्ताक्षर करके ए को नहीं सौंप देता। जेड उस वचन पत्र पर हस्ताक्षर करके ए को सौंप देता है। ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(ग) ए, जेड को धमकी देता है कि यदि जेड, बी को एक ऐसा बांड लिखकर नहीं देगा जिस पर जेड को दंड के तहत बी को कुछ उपज देने का दायित्व हो, तो वह क्लब के सदस्यों को जेड के खेत में हल चलाने के लिए भेज देगा, और इस प्रकार जेड को बांड पर हस्ताक्षर करने और उसे देने के लिए प्रेरित करता है। ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(घ) ए, जेड को गंभीर चोट का भय दिखाकर बेईमानी से जेड को एक खाली कागज पर हस्ताक्षर करने या अपनी मुहर लगाने के लिए प्रेरित करता है और उसे ए को सौंप देता है। जेड हस्ताक्षर करके कागज ए को सौंप देता है। यहाँ, चूंकि इस प्रकार हस्ताक्षरित कागज को एक मूल्यवान प्रतिभूति में परिवर्तित किया जा सकता है, इसलिए ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(ई) ए, जेड को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के माध्यम से संदेश भेजकर धमकी देता है कि "तुम्हारा बच्चा मेरे कब्जे में है, और अगर तुमने मुझे एक लाख रुपये नहीं भेजे तो उसे मार डाला जाएगा।" इस प्रकार ए, जेड को पैसे देने के लिए प्रेरित करता है। ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(2) जो कोई जबरन वसूली करेगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी जबरन वसूली करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की हानि का भय दिलाता है, या किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की हानि का भय दिलाने का प्रयास करता है, उसे किसी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी जबरन वसूली करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को मृत्यु या गंभीर चोट का भय दिलाता है या दिलाने का प्रयास करता है, उसे सात वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(5) जो कोई किसी व्यक्ति को मृत्यु या गंभीर चोट का भय देकर या किसी अन्य व्यक्ति को मृत्यु का भय देकर जबरन वसूली करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(6) जो कोई भी जबरन वसूली करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को, उस व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध, मृत्युदंड या आजीवन कारावास या दस वर्ष तक के कारावास से दंडनीय अपराध करने या करने का प्रयास करने के आरोप से भयभीत करता है, उसे किसी भी प्रकार के दस वर्ष तक के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी भागी होगा।
(7) जो कोई किसी व्यक्ति को मृत्युदंड, आजीवन कारावास, या दस वर्ष तक के कारावास से दंडनीय किसी अपराध को करने या करने का प्रयास करने, या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसा अपराध करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करने के आरोप से भयभीत करके जबरन वसूली करता है, उसे दस वर्ष तक के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी भागी होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §308 (2)चित्र।
(क) ए, जेड को धमकी देता है कि यदि जेड उसे पैसे नहीं देगा तो वह उसके बारे में मानहानिकारक लेख प्रकाशित कर देगा। इस प्रकार वह जेड को पैसे देने के लिए प्रेरित करता है। ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(ख) ए, जेड को धमकी देता है कि वह जेड के बच्चे को अवैध रूप से कैद में रखेगा, जब तक कि जेड ए को कुछ धनराशि का भुगतान करने के लिए बाध्य करने वाला वचन पत्र पर हस्ताक्षर करके ए को नहीं सौंप देता। जेड उस वचन पत्र पर हस्ताक्षर करके ए को सौंप देता है। ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(ग) ए, जेड को धमकी देता है कि यदि जेड, बी को एक ऐसा बांड लिखकर नहीं देगा जिस पर जेड को दंड के तहत बी को कुछ उपज देने का दायित्व हो, तो वह क्लब के सदस्यों को जेड के खेत में हल चलाने के लिए भेज देगा, और इस प्रकार जेड को बांड पर हस्ताक्षर करने और उसे देने के लिए प्रेरित करता है। ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(घ) ए, जेड को गंभीर चोट का भय दिखाकर बेईमानी से जेड को एक खाली कागज पर हस्ताक्षर करने या अपनी मुहर लगाने के लिए प्रेरित करता है और उसे ए को सौंप देता है। जेड हस्ताक्षर करके कागज ए को सौंप देता है। यहाँ, चूंकि इस प्रकार हस्ताक्षरित कागज को एक मूल्यवान प्रतिभूति में परिवर्तित किया जा सकता है, इसलिए ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(ई) ए, जेड को इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के माध्यम से संदेश भेजकर धमकी देता है कि "तुम्हारा बच्चा मेरे कब्जे में है, और अगर तुमने मुझे एक लाख रुपये नहीं भेजे तो उसे मार डाला जाएगा।" इस प्रकार ए, जेड को पैसे देने के लिए प्रेरित करता है। ए ने जबरन वसूली का अपराध किया है।
(2) जो कोई जबरन वसूली करेगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी जबरन वसूली करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की हानि का भय दिलाता है, या किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की हानि का भय दिलाने का प्रयास करता है, उसे किसी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी जबरन वसूली करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को मृत्यु या गंभीर चोट का भय दिलाता है या दिलाने का प्रयास करता है, उसे सात वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(5) जो कोई किसी व्यक्ति को मृत्यु या गंभीर चोट का भय देकर या किसी अन्य व्यक्ति को मृत्यु का भय देकर जबरन वसूली करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(6) जो कोई भी जबरन वसूली करने के उद्देश्य से किसी व्यक्ति को, उस व्यक्ति या किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध, मृत्युदंड या आजीवन कारावास या दस वर्ष तक के कारावास से दंडनीय अपराध करने या करने का प्रयास करने के आरोप से भयभीत करता है, उसे किसी भी प्रकार के दस वर्ष तक के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी भागी होगा।
(7) जो कोई किसी व्यक्ति को मृत्युदंड, आजीवन कारावास, या दस वर्ष तक के कारावास से दंडनीय किसी अपराध को करने या करने का प्रयास करने, या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसा अपराध करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास करने के आरोप से भयभीत करके जबरन वसूली करता है, उसे दस वर्ष तक के कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी भागी होगा।
नया कानून
IPC §384
धारा 384 - उद्दापन के लिए दंड
उद्दापन के लिए दंड
जो कोई उद्दापन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §384जो कोई उद्दापन करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
