पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 262 अब IPC धारा 224 है
धारा 262. किसी व्यक्ति द्वारा विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने मेँ प्रतिरोध या बाधा ।
पुराना कानून
BNS §262
धारा 262. किसी व्यक्ति द्वारा विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने मेँ प्रतिरोध या बाधा ।
262. जो कोई किसी ऐसे अपराध के लिए, जिसका उस पर आरोप हो, या जिसके लिए वह दोषसिद्ध किया गया है, विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने में जानबूझकर प्रतिरोध करता है या अवैध बाधा डालता है, या किसी अभिरक्षा से, जिसमें वह किसी ऐसे अपराध के लिए विधिपूर्वक निरुद्ध हो, निकल भागता है, या निकल भागने का प्रयत्न करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण--इस धारा में उपबंधित दंड, उस दंड के अतिरिक्त है जिससे वह व्यक्ति, जिसे पकड़ा जाना हो, या अभिरक्षा में निरदूध रखा जाना हो, उस अपराध के लिए दंडनीय था, जिसका उस पर आरोप लगाया गया था या जिसके लिए वह दोषसिद्ध किया गया था ।
पूरा पढ़ें: BNS §262स्पष्टीकरण--इस धारा में उपबंधित दंड, उस दंड के अतिरिक्त है जिससे वह व्यक्ति, जिसे पकड़ा जाना हो, या अभिरक्षा में निरदूध रखा जाना हो, उस अपराध के लिए दंडनीय था, जिसका उस पर आरोप लगाया गया था या जिसके लिए वह दोषसिद्ध किया गया था ।
नया कानून
IPC §224
धारा 224 - किसी व्यक्ति द्वारा विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने में प्रतिरोध या बाधा
किसी व्यक्ति द्वारा विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने में प्रतिरोध या बाधा
जो कोई किसी ऐसे अपराध के लिए, जिसका उस पर आरोप हो, या जिसके लिए वह दोषसिद्ध किया गया हो, विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने में साशय प्रतिरोध करेगा या अवैध बाधा डालेगा, या किसी अभिरक्षा से, जिसमें वह किसी ऐसे अपराध के लिए विधिपूर्वक निरुद्ध हो, निकल भागेगा, या निकल भागने का प्रयत्न करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण - इस धारा में उपबंधित दंड उस दंड के अतिरिक्त है जिससे वह व्यक्ति, जिसे पकड़ा जाना हो, या अभिरक्षा में निरुद्ध रखा जाना हो, उस अपराध के लिए दंडनीय था, जिसका उस पर आरोप लगाया गया था या जिसके लिए वह दोषसिद्ध किया गया था ।
पूरा पढ़ें: IPC §224जो कोई किसी ऐसे अपराध के लिए, जिसका उस पर आरोप हो, या जिसके लिए वह दोषसिद्ध किया गया हो, विधि के अनुसार अपने पकड़े जाने में साशय प्रतिरोध करेगा या अवैध बाधा डालेगा, या किसी अभिरक्षा से, जिसमें वह किसी ऐसे अपराध के लिए विधिपूर्वक निरुद्ध हो, निकल भागेगा, या निकल भागने का प्रयत्न करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
स्पष्टीकरण - इस धारा में उपबंधित दंड उस दंड के अतिरिक्त है जिससे वह व्यक्ति, जिसे पकड़ा जाना हो, या अभिरक्षा में निरुद्ध रखा जाना हो, उस अपराध के लिए दंडनीय था, जिसका उस पर आरोप लगाया गया था या जिसके लिए वह दोषसिद्ध किया गया था ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
