पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 26 अब IPC धारा 88 है
ऐसा कार्य जिसका उद्देश्य मृत्यु उत्पन्न करना न हो, और जो सद्भावनापूर्वक सहमति से व्यक्ति के हित में किया गया हो।
पुराना कानून
BNS §26
ऐसा कार्य जिसका उद्देश्य मृत्यु उत्पन्न करना न हो, और जो सद्भावनापूर्वक सहमति से व्यक्ति के हित में किया गया हो।
कोई भी ऐसा कार्य, जिसका उद्देश्य मृत्यु उत्पन्न करना न हो, किसी भी ऐसे नुकसान के कारण अपराध नहीं है जो वह किसी ऐसे व्यक्ति को पहुंचा सकता है, या पहुंचाने वाले का इरादा हो सकता है, या जिसके बारे में पहुंचाने वाले को पता हो कि वह नुकसान पहुंचा सकता है, जिसके लाभ के लिए वह कार्य सद्भावनापूर्वक किया गया हो, और जिसने उस नुकसान को सहने या उस नुकसान का जोखिम उठाने के लिए, चाहे स्पष्ट हो या निहित रूप से, सहमति दी हो।
चित्रण ।
सर्जन ए, यह जानते हुए कि एक विशेष ऑपरेशन से जेड की मृत्यु हो सकती है, जो एक दर्दनाक बीमारी से पीड़ित है, लेकिन जेड की मृत्यु का इरादा न रखते हुए और जेड के हित में सद्भावनापूर्वक, जेड की सहमति से उस ऑपरेशन को करता है। ए ने कोई अपराध नहीं किया है।
पूरा पढ़ें: BNS §26चित्रण ।
सर्जन ए, यह जानते हुए कि एक विशेष ऑपरेशन से जेड की मृत्यु हो सकती है, जो एक दर्दनाक बीमारी से पीड़ित है, लेकिन जेड की मृत्यु का इरादा न रखते हुए और जेड के हित में सद्भावनापूर्वक, जेड की सहमति से उस ऑपरेशन को करता है। ए ने कोई अपराध नहीं किया है।
नया कानून
IPC §88
धारा 88 - किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सम्मति से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य जिससे मृत्यु कारित करने का आशय नहीं है
किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सम्मति से सद्भावपूर्वक किया गया कार्य जिससे मृत्यु कारित करने का आशय नहीं है
कोई बात, जो मृत्यु कारित करने के आशय से न की गई हो, किसी ऐसी अपहानि के कारण अपराध नहीं है जो उस बात से किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके फायदे के लिए वह बात सद्भावपूर्वक की जाए और जिसने उस अपहानि को सहने, या उस अपहानि की जोखिम उठाने के लिए चाहे अभिव्यक्त, चाहे विवक्षित सम्मति दे दी हो, कारित हो या कारित करने का कर्ता का आशय हो या कारित होने की संभावयता कर्ता को ज्ञात है ।
द्रष्टांत :
क, एक शल्य चिकित्सक, यह जानते हुए कि एक विशेष शस्त्रकर्म से य को, जो वेदनापूर्ण व्याधि से ग्रस्त है, मृत्यु कारित होने की संभाव्यता है किंतु य की मृत्यु कारित करने का आशय न रखते हुए और सद्भावपूर्वक य के फायदे के आशय से य की सम्मति से य पर वह शस्त्रकर्म कर्ता है । क ने कोई अपराध नहीं किया है ।
पूरा पढ़ें: IPC §88कोई बात, जो मृत्यु कारित करने के आशय से न की गई हो, किसी ऐसी अपहानि के कारण अपराध नहीं है जो उस बात से किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके फायदे के लिए वह बात सद्भावपूर्वक की जाए और जिसने उस अपहानि को सहने, या उस अपहानि की जोखिम उठाने के लिए चाहे अभिव्यक्त, चाहे विवक्षित सम्मति दे दी हो, कारित हो या कारित करने का कर्ता का आशय हो या कारित होने की संभावयता कर्ता को ज्ञात है ।
द्रष्टांत :
क, एक शल्य चिकित्सक, यह जानते हुए कि एक विशेष शस्त्रकर्म से य को, जो वेदनापूर्ण व्याधि से ग्रस्त है, मृत्यु कारित होने की संभाव्यता है किंतु य की मृत्यु कारित करने का आशय न रखते हुए और सद्भावपूर्वक य के फायदे के आशय से य की सम्मति से य पर वह शस्त्रकर्म कर्ता है । क ने कोई अपराध नहीं किया है ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
