पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 244 अब IPC धारा 207 है
संपत्ति की कुर्की या निष्पादन से बचने के लिए उस पर कपटपूर्ण दावा करना।
पुराना कानून
BNS §244
संपत्ति की कुर्की या निष्पादन से बचने के लिए उस पर कपटपूर्ण दावा करना।
जो कोई भी कपटपूर्वक किसी संपत्ति या उसमें निहित किसी हित को स्वीकार करता है, प्राप्त करता है या उस पर दावा करता है, यह जानते हुए कि उसे ऐसी संपत्ति या हित पर कोई अधिकार या वैध दावा नहीं है, या किसी संपत्ति या उसमें निहित किसी हित पर किसी अधिकार के संबंध में कोई छल करता है, इस इरादे से कि उस संपत्ति या उसमें निहित हित को किसी न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा सुनाए गए या सुनाए जाने की संभावना वाले फैसले के तहत, या किसी दीवानी मुकदमे में न्यायालय द्वारा दिए गए या दिए जाने की संभावना वाले निर्णय या आदेश के निष्पादन में जब्त होने से रोका जा सके, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
पूरा पढ़ें: BNS §244नया कानून
IPC §207
धारा 207 - संपत्ति पर उसके समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए कपटपूर्वक दावा
संपत्ति पर उसके समपहरण किए जाने में या निष्पादन में अभिगॄहीत किए जाने से निवारित करने के लिए कपटपूर्वक दावा
जो कोई किसी संपत्ति को, या उसमें के किसी हित को, यह जानते हुए कि ऐसी किसी संपत्ति या हित पर उसका कोई अधिकार या अधिकारपूर्ण दावा नहीं है, कपटपूर्वक प्रतिगॄहीत करेगा, प्राप्त करेगा या उस पर दावा करेगा अथवा किसी संपत्ति या उसमें के किसी हित पर किसी अधिकार के बारे में इस आशय से प्रवंचना करेगा कि तद्द्वारा वह उस संपत्ति या उसमें के हित का ऐसे दंडादेश के अधीन, जो न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा सुनाया जा चुका है या जिसके बारे में वह जानता है कि न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसका सुनाया जाना संभाव्य है, समपहरण के रूप में या जुर्माने के चुकाने के लिए लिया जाना, या ऐसी डिक्री या आदेश के निष्पादन में, जो सिविल वाद में न्यायालय द्वारा दिया गया हो, या जिसके बारे में वह जानता है कि सिविल वाद में न्यायालय द्वारा उसका दिया जाना संभाव्य है, लिया जाना निवारित करे, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
पूरा पढ़ें: IPC §207जो कोई किसी संपत्ति को, या उसमें के किसी हित को, यह जानते हुए कि ऐसी किसी संपत्ति या हित पर उसका कोई अधिकार या अधिकारपूर्ण दावा नहीं है, कपटपूर्वक प्रतिगॄहीत करेगा, प्राप्त करेगा या उस पर दावा करेगा अथवा किसी संपत्ति या उसमें के किसी हित पर किसी अधिकार के बारे में इस आशय से प्रवंचना करेगा कि तद्द्वारा वह उस संपत्ति या उसमें के हित का ऐसे दंडादेश के अधीन, जो न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा सुनाया जा चुका है या जिसके बारे में वह जानता है कि न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसका सुनाया जाना संभाव्य है, समपहरण के रूप में या जुर्माने के चुकाने के लिए लिया जाना, या ऐसी डिक्री या आदेश के निष्पादन में, जो सिविल वाद में न्यायालय द्वारा दिया गया हो, या जिसके बारे में वह जानता है कि सिविल वाद में न्यायालय द्वारा उसका दिया जाना संभाव्य है, लिया जाना निवारित करे, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
