पाठ लगभग अपरिवर्तित है
BNS धारा 140(1) अब IPC धारा 364 है
हत्या करने या फिरौती आदि के लिए अपहरण करना।
पुराना कानून
BNS §140(1)
हत्या करने या फिरौती आदि के लिए अपहरण करना।
(1) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है ताकि उसकी हत्या की जा सके या उसे इस प्रकार निपटाया जा सके जिससे उसकी हत्या का खतरा उत्पन्न हो, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक के कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
चित्र।
(क) यदि कोई व्यक्ति भारत से जेड का अपहरण करता है, इस इरादे से या यह जानते हुए कि जेड को किसी मूर्ति को बलि चढ़ाया जा सकता है, तो ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(ख) यदि ए, बी को उसके घर से जबरन ले जाता है या फुसलाकर ले जाता है ताकि बी की हत्या कर सके, तो ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(2) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या अपहरण के बाद उसे हिरासत में रखता है और उसे जान से मारने या चोट पहुँचाने की धमकी देता है, या अपने आचरण से यह उचित आशंका उत्पन्न करता है कि उस व्यक्ति को जान से मार दिया जाएगा या चोट पहुँचाई जाएगी, या सरकार, किसी विदेशी राज्य, अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन या किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य करने या न करने के लिए या फिरौती देने के लिए विवश करने के उद्देश्य से उस व्यक्ति को चोट पहुँचाता है या उसकी मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
(3) जो कोई किसी व्यक्ति को गुप्त रूप से और गलत तरीके से कैद करने के इरादे से उसका अपहरण करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(4) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या उसे अगवा करता है ताकि उस व्यक्ति को गंभीर चोट पहुँचाने, गुलामी करने या किसी व्यक्ति की अप्राकृतिक वासना के अधीन करने के खतरे में डाला जा सके, या यह जानते हुए कि उस व्यक्ति को इस प्रकार अधीन किया जाएगा या उसका इस प्रकार निपटारा किया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
पूरा पढ़ें: BNS §140(1)चित्र।
(क) यदि कोई व्यक्ति भारत से जेड का अपहरण करता है, इस इरादे से या यह जानते हुए कि जेड को किसी मूर्ति को बलि चढ़ाया जा सकता है, तो ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(ख) यदि ए, बी को उसके घर से जबरन ले जाता है या फुसलाकर ले जाता है ताकि बी की हत्या कर सके, तो ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(2) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या अपहरण के बाद उसे हिरासत में रखता है और उसे जान से मारने या चोट पहुँचाने की धमकी देता है, या अपने आचरण से यह उचित आशंका उत्पन्न करता है कि उस व्यक्ति को जान से मार दिया जाएगा या चोट पहुँचाई जाएगी, या सरकार, किसी विदेशी राज्य, अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन या किसी अन्य व्यक्ति को कोई कार्य करने या न करने के लिए या फिरौती देने के लिए विवश करने के उद्देश्य से उस व्यक्ति को चोट पहुँचाता है या उसकी मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
(3) जो कोई किसी व्यक्ति को गुप्त रूप से और गलत तरीके से कैद करने के इरादे से उसका अपहरण करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से सात वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
(4) जो कोई किसी व्यक्ति का अपहरण करता है या उसे अगवा करता है ताकि उस व्यक्ति को गंभीर चोट पहुँचाने, गुलामी करने या किसी व्यक्ति की अप्राकृतिक वासना के अधीन करने के खतरे में डाला जा सके, या यह जानते हुए कि उस व्यक्ति को इस प्रकार अधीन किया जाएगा या उसका इस प्रकार निपटारा किया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
नया कानून
IPC §364
धारा 364 - हत्या करने के लिए व्यपहरण या अपहरण
हत्या करने के लिए व्यपहरण या अपहरण
जो कोई इसलिए किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण करेगा कि ऐसे व्यक्ति की हत्या की जाए या उसको ऐसे व्ययनित किया जाए कि वह अपनी हत्या होने के खतरे में पड़ जाए, वह आजीवन कारावास से या कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
दृष्टांत :
(क) क इस आशय से या यह सम्भाव्य जानते हुए कि किसी देव मूर्ति पर य की बलि चढ़ाई जाए भारत में से य का व्यपहरण करता है । क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।
(ख) ख को उसके गॄह से क इसलिए बलपूर्वक या बहकाकर ले जाता है कि ख की हत्या की जाए । क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।
पूरा पढ़ें: IPC §364जो कोई इसलिए किसी व्यक्ति का व्यपहरण या अपहरण करेगा कि ऐसे व्यक्ति की हत्या की जाए या उसको ऐसे व्ययनित किया जाए कि वह अपनी हत्या होने के खतरे में पड़ जाए, वह आजीवन कारावास से या कठिन कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
दृष्टांत :
(क) क इस आशय से या यह सम्भाव्य जानते हुए कि किसी देव मूर्ति पर य की बलि चढ़ाई जाए भारत में से य का व्यपहरण करता है । क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।
(ख) ख को उसके गॄह से क इसलिए बलपूर्वक या बहकाकर ले जाता है कि ख की हत्या की जाए । क ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है ।
1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।
