पाठ लगभग अपरिवर्तित है

BNS धारा 121(2) अब IPC धारा 333 है

लोक सेवक को उसके कर्तव्य से विचलित करने के उद्देश्य से जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

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पुराना कानून

BNS §121(2)

लोक सेवक को उसके कर्तव्य से विचलित करने के उद्देश्य से जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना।

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नया कानून

IPC §333

धारा 333 - लोक सेवक को अपने कर्तव्यों से भयोपरत स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना

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1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज मामलों पर पुराना कानून लागू रहता है। यह जानकारी शैक्षिक है, कानूनी सलाह नहीं।