अपराध जाँचक
कोई धारा चुनिए — जमानतीय है या नहीं, संज्ञेय है या नहीं, कौन-सा न्यायालय।
- प्रकाशित
- 8522
- जमानतीय
- 6196
- अजमानतीय
- 1830
- संज्ञेय
- 2552
- अधिनियम
- 3166
10 परिणाम
यह सूची CSV में डाउनलोड करें- 5वेश्यावृत्ति के लिए व्यक्ति को उपाप्त करना, उत्प्रेरित करना या ले जानाThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · 14 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयसत्र न्यायालय
- 6जिस परिसर में वेश्यावृत्ति की जाती है उसमें किसी व्यक्ति को निरुद्ध करनाThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · 10 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयसत्र न्यायालय
- 7सार्वजनिक स्थानों में या उनके आसपास वेश्यावृत्तिThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · 10 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयसत्र न्यायालय
- 9अभिरक्षा में के व्यक्ति को विलुब्ध करनाThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · 10 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयसत्र न्यायालय
- 3वेश्यागृह चलाने या परिसर का वेश्यागृह के रूप में उपयोग किए जाने देने के लिए दंडThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · 5 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 4वेश्यावृत्ति के उपार्जन पर जीवन निर्वाह करने के लिए दंडThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · 2 वर्षअजमानतीयसंज्ञेयप्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- 8वेश्यावृत्ति के प्रयोजन के लिए विलुब्ध करना या याचना करनाThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · 1 वर्षजमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 21संरक्षा गृहThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · 1 वर्षजमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 18वेश्यागृह को बंद करना और अपराधियों को परिसर से बेदखल करनाThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · जुर्माना ₹500जमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
- 20वेश्या को किसी स्थान से हटाया जानाThe Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 · जुर्माना ₹200जमानतीयसंज्ञेयकोई भी मजिस्ट्रेट
कौन-सी संहिता लागू होगी?
प्रक्रिया: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद दर्ज हर मामले पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता लागू है; उस दिन पहले से लंबित अन्वेषण, जाँच या विचारण दंड प्रक्रिया संहिता के अधीन चलता रहता है (भा.ना.सु.सं. धारा 531(2)(क))। अपराध: 1 जुलाई 2024 को या उसके बाद किया गया कृत्य भारतीय न्याय संहिता के अधीन, उससे पहले का भारतीय दंड संहिता के अधीन।
