किस उपबंध के अधीन: भा.ना.सु.सं. धारा 480 / 483 (दं.प्र.सं. 437 / 439)
नियमित ज़मानत का आवेदन — भा.ना.सु.सं. धारा 480 / 483 (दं.प्र.सं. 437 / 439)
यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)
खाने भरिए
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जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।
जैसे: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट; सत्र न्यायाधीश; अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय।
जैसे लिखी हैं वैसे ही — '318(4), 61(2) BNS'।
जिस दिन मजिस्ट्रेट ने पहली बार हिरासत में भेजा। यही दिन गिनती का पहला दिन है।
समय के क्रम में लिखिए: पहले क्या हुआ, फिर क्या। जो याद नहीं है उसका अनुमान मत लगाइए।
दस्तावेज़
न्यायालय श्रीमान ________________ (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट / सत्र न्यायाधीश), ________________
ज़मानत आवेदन क्रमांक ........ वर्ष ........
________________ ...... आवेदक / अभियुक्त
बनाम
राज्य, द्वारा थानाध्यक्ष, थाना ________________ ...... प्रत्यर्थी
प्रथम सूचना रिपोर्ट क्रमांक ________________ दिनांक ________________, थाना ________________
धाराएँ: ________________
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 480 / 483 के अधीन ज़मानत का आवेदन
इसके अधीन: भा.ना.सु.सं. धारा 480 (मजिस्ट्रेट के समक्ष) या धारा 483 (सत्र न्यायालय / उच्च न्यायालय के समक्ष) [1 जुलाई 2024 को लंबित मामलों में दं.प्र.सं. धारा 437 / 439]; संविधान का अनुच्छेद 21।
आवेदक सविनय निवेदन करता है:
1. आवेदक को उपर्युक्त प्रथम सूचना रिपोर्ट में दिनांक ________________ को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया और तब से वह अभिरक्षा में है।
2. आवेदक निर्दोष है और उसे झूठा फँसाया गया है। मामले के तथ्य संक्षेप में:
________________
3. ज़मानत के आधार:
(क) अन्वेषण के लिए आवेदक की अभिरक्षा अब आवश्यक नहीं; साक्ष्य मुख्यतः दस्तावेज़ी है और पुलिस के पास है।
(ख) आवेदक का स्थायी निवास ________________ है; उसके भागने की कोई आशंका नहीं।
(ग) आवेदक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है / इतिहास का विवरण: ........
(घ) आवेदक साक्षियों को प्रभावित नहीं करेगा और न्यायालय द्वारा लगाई गई हर शर्त का पालन करेगा।
(ङ) ज़मानत नियम है, जेल अपवाद (सतेंदर कुमार अंतिल बनाम सी.बी.आई., (2022) 10 SCC 51)।
4. इसी मामले में आवेदक का कोई अन्य ज़मानत आवेदन किसी न्यायालय में लंबित या निरस्त नहीं है / विवरण: ........
प्रार्थना: अतः प्रार्थना है कि आवेदक को उचित शर्तों पर ज़मानत पर छोड़े जाने का आदेश दिया जाए।
आवेदक / द्वारा अधिवक्ता
________________
स्थान: ________________
दिनांक: ________________साथ क्या लगाना है
- एफ़आईआर और रिमांड आदेश की प्रति।
- मजिस्ट्रेट ने ज़मानत नामंज़ूर की हो तो उस आदेश की प्रमाणित प्रति — सत्र न्यायालय में धारा 483 का आवेदन उसी के साथ।
- पुराने मामलों और पहले के ज़मानत आवेदनों की सूची — छिपाना ज़मानत रद्द होने का कारण बनता है।
- निवास, रोज़गार और परिवार का प्रमाण; प्रतिभू (जमानतदार) तैयार रखिए।
