किस उपबंध के अधीन: भा.ना.सु.सं. धारा 528 (दं.प्र.सं. 482)
एफ़आईआर / कार्यवाही रद्द कराने की याचिका की रूपरेखा — भा.ना.सु.सं. धारा 528 (दं.प्र.सं. 482)
यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)
खाने भरिए
आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।
जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।
वैसा ही जैसा आधार या पहचान-पत्र पर है।
जैसे लिखी हैं वैसे ही — '318(4), 61(2) BNS'।
समय के क्रम में लिखिए: पहले क्या हुआ, फिर क्या। जो याद नहीं है उसका अनुमान मत लगाइए।
हर आधार अलग पंक्ति में, क्रमांक सहित। तथ्य लिखिए, विशेषण नहीं।
दस्तावेज़
माननीय उच्च न्यायालय ................................ के समक्ष
आपराधिक विविध याचिका क्रमांक ........ वर्ष ........
________________, निवासी ________________ ...... याचिकाकर्ता
बनाम
1. राज्य, द्वारा थानाध्यक्ष, थाना ________________, ज़िला ________________
2. ________________ (परिवादी) ...... प्रत्यर्थीगण
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 528 के अधीन याचिका
इसके अधीन: भा.ना.सु.सं. धारा 528 — उच्च न्यायालय की अंतर्निहित शक्ति [दं.प्र.सं. धारा 482]; संविधान का अनुच्छेद 226 (जहाँ लागू हो)।
(यह रूपरेखा है। याचिका उच्च न्यायालय के नियमों के प्रारूप में अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल होती है।)
1. याचिकाकर्ता प्रथम सूचना रिपोर्ट क्रमांक ________________ दिनांक ________________, धाराएँ ________________, और उससे उत्पन्न समस्त कार्यवाही को रद्द कराने के लिए यह याचिका प्रस्तुत करता है।
2. तथ्य संक्षेप में:
________________
3. आधार — प्रथम सूचना रिपोर्ट को उसके पूरे रूप में स्वीकार करने पर भी कोई अपराध नहीं बनता / यह दीवानी विवाद को आपराधिक रूप देना है / कार्यवाही दुर्भावना से है / पक्षकारों में समझौता हो गया है (हरियाणा राज्य बनाम भजन लाल, 1992 Supp (1) SCC 335 की श्रेणियाँ; ज्ञान सिंह बनाम पंजाब राज्य, (2012) 10 SCC 303):
________________
4. याचिकाकर्ता ने इसी विषय पर कोई अन्य याचिका दाखिल नहीं की है।
प्रार्थना: (क) उपर्युक्त प्रथम सूचना रिपोर्ट और उससे उत्पन्न समस्त कार्यवाही रद्द की जाए; (ख) याचिका के निपटारे तक याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई दमनात्मक कार्रवाई न की जाए।
याचिकाकर्ता / द्वारा अधिवक्ता
________________
स्थान: ________________
दिनांक: ________________साथ क्या लगाना है
- एफ़आईआर / परिवाद और सभी आदेशों की प्रमाणित प्रति।
- समझौते के आधार पर हो तो समझौता-पत्र और परिवादी का शपथपत्र।
- उच्च न्यायालय के नियमों के अनुसार शपथपत्र, सूची, वकालतनामा और न्यायालय शुल्क।
