किस उपबंध के अधीन: भा.ना.सु.सं. धारा 175(3) (दं.प्र.सं. 156(3))

मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन — भा.ना.सु.सं. धारा 175(3) (दं.प्र.सं. धारा 156(3)), जब पुलिस एफ़आईआर दर्ज न करे

यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)

खाने भरिए

आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।

जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।

वैसा ही जैसा आधार या पहचान-पत्र पर है।

समय के क्रम में लिखिए: पहले क्या हुआ, फिर क्या। जो याद नहीं है उसका अनुमान मत लगाइए।

जिस दिन आपने थाने / बैंक को लिखित शिकायत दी थी।

रजिस्टर्ड डाक की रसीद पर छपी तिथि। यही तिथि न्यायालय देखता है।

दस्तावेज़

साथ क्या लगाना है

  • आवेदक का शपथपत्र, विधिवत सत्यापित। प्रियंका श्रीवास्तव के बाद यह वैकल्पिक नहीं है।
  • संलग्नक-1: थानाध्यक्ष को दी गई भा.ना.सु.सं. धारा 173(1) (दं.प्र.सं. 154(1)) की शिकायत की प्रति और उसकी रसीद।
  • संलग्नक-2: पुलिस अधीक्षक को भेजी गई भा.ना.सु.सं. धारा 173(4) (दं.प्र.सं. 154(3)) की शिकायत की प्रति, डाक रसीद और ट्रैकिंग सहित।
  • संलग्नक-3: वे दस्तावेज़ जिन पर आप निर्भर हैं।
  • अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल कर रहे हैं तो वकालतनामा।
  • जितने विपक्षी हैं उतनी प्रतियाँ, और एक न्यायालय के लिए।