किस उपबंध के अधीन: भा.ना.सु.सं. धारा 173(1) (दं.प्र.सं. 154(1)) + सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

Complaint to the Cyber Cell — to get an FIR registered for online fraud

यह प्रारूप हिंदी में

खाने भरिए

आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।

जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।

वैसा ही जैसा आधार या पहचान-पत्र पर है।

समय के क्रम में लिखिए: पहले क्या हुआ, फिर क्या। जो याद नहीं है उसका अनुमान मत लगाइए।

पूरा नंबर लिखना ज़रूरी नहीं। अंतिम चार अंक पर्याप्त हैं।

इसी नंबर से बैंक पैसे का रास्ता पकड़ता है। ऐप से अक्षर-दर-अक्षर उतारिए।

दस्तावेज़

साथ क्या लगाना है

  • cybercrime.gov.in की शिकायत पावती अथवा 1930 पर की गई शिकायत की संख्या का प्रिंट।
  • बैंक स्टेटमेंट, जिसमें वह डेबिट और उसकी UTR/RRN संख्या दिख रही हो।
  • तिथि और समय सहित स्क्रीनशॉट — चैट, पेमेंट स्क्रीन, और वह ऐप या वेबसाइट।
  • बैंक के एसएमएस और ईमेल, तथा कॉल लॉग। इनमें से कुछ भी मत मिटाइए।
  • पहचान-पत्र की छायाप्रति और पासबुक या चेक के पन्ने की प्रति।
  • दो प्रतियाँ ले जाइए — एक पर मुहर लगवाकर अपने पास रखिए। वही आपकी रसीद है।