किस उपबंध के अधीन: एकीकृत लोकपाल योजना, 2021
भारतीय रिज़र्व बैंक लोकपाल को शिकायत — एकीकृत लोकपाल योजना, 2021
यह प्रारूप अंग्रेज़ी में (English)
खाने भरिए
आप यहाँ जो कुछ भी लिखते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहता है। न कहीं भेजा जाता है, न सहेजा जाता है, न हमें दिखता है। पन्ना बंद करते ही वह मिट जाता है — इसलिए प्रिंट करने से पहले बंद मत कीजिए।
जो खाना खाली छोड़ेंगे, उसकी जगह प्रिंट में एक लकीर छपेगी — उसे हाथ से भरा जा सकता है। खाली फ़ॉर्म प्रिंट करके साथ ले जाना भी ठीक है।
जिस दिन आपने थाने / बैंक को लिखित शिकायत दी थी।
वैसा ही जैसा आधार या पहचान-पत्र पर है।
पूरा नंबर लिखना ज़रूरी नहीं। अंतिम चार अंक पर्याप्त हैं।
इसी नंबर से बैंक पैसे का रास्ता पकड़ता है। ऐप से अक्षर-दर-अक्षर उतारिए।
समय के क्रम में लिखिए: पहले क्या हुआ, फिर क्या। जो याद नहीं है उसका अनुमान मत लगाइए।
दस्तावेज़
सेवा में,
भारतीय रिज़र्व बैंक
केंद्रीकृत रसीद एवं प्रसंस्करण केंद्र (CRPC), चौथा तल, सेक्टर 17, चंडीगढ़ 160017
(ऑनलाइन: cms.rbi.org.in | ईमेल: CRPC@rbi.org.in | टोल-फ़्री: 14448)
विषय: ________________ के विरुद्ध शिकायत — ₹________________ के अनधिकृत लेन-देन पर दिनांक ________________ की मेरी शिकायत का उत्तर न मिलना / असंतोषजनक उत्तर।
किस उपबंध के अधीन: भारतीय रिज़र्व बैंक — एकीकृत लोकपाल योजना, 2021, जो बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35क, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ठ तथा भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धारा 18 के अधीन बनाई गई है।
महोदय/महोदया,
1. शिकायतकर्ता: ________________, निवासी ________________, मोबाइल ________________, ईमेल ________________।
2. जिस बैंक के विरुद्ध शिकायत है: ________________। खाता/कार्ड के अंतिम अंक ________________।
3. शिकायत का आधार: दिनांक ________________ को मेरे खाते से ₹________________ का अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन हुआ। लेन-देन संदर्भ संख्या ________________।
4. तथ्य:
________________
5. मैंने दिनांक ________________ को बैंक को लिखित शिकायत की थी। बैंक की शिकायत संख्या ________________ है। उस शिकायत को किए हुए 30 दिन से अधिक हो चुके हैं और बैंक ने या तो कोई उत्तर नहीं दिया है, या शिकायत अस्वीकार कर दी है, अथवा जो उत्तर दिया है उससे मैं संतुष्ट नहीं हूँ।
6. योजना की शर्तों के अनुसार यह शिकायत तभी ग्रहणीय है जब (क) पहले सम्बद्ध बैंक को शिकायत की गई हो; (ख) उस शिकायत के 30 दिन बीत चुके हों; और (ग) यह शिकायत बैंक के उत्तर की तिथि से एक वर्ष के भीतर की गई हो (उत्तर न मिलने पर, शिकायत की तिथि से एक वर्ष तीस दिन के भीतर)। तीनों शर्तें इस मामले में पूरी होती हैं।
7. वांछित अनुतोष: ₹________________ की राशि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए, तथा हुई असुविधा एवं व्यय के लिए क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
8. यह विषय किसी न्यायालय, अधिकरण अथवा मध्यस्थ के समक्ष लंबित नहीं है और न ही किसी के द्वारा इस पर निर्णय दिया गया है।
भवदीय,
________________
________________
स्थान: ________________
दिनांक: ________________
संलग्नक: साथ लगी सूची के अनुसार।साथ क्या लगाना है
- बैंक को की गई शिकायत की प्रति और उसकी शिकायत संख्या। यह पहली शर्त है — इसके बिना शिकायत ग्रहणीय नहीं है।
- बैंक का उत्तर, यदि मिला हो। न मिला हो तो यह लिखिए कि 30 दिन बीत चुके हैं।
- स्टेटमेंट, जिसमें डेबिट और लेन-देन संदर्भ संख्या दिख रही हो।
- एफ़आईआर अथवा साइबर शिकायत की पावती।
- cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन दाखिल करना तेज़ है; वहाँ मिली शिकायत संख्या सँभालकर रखिए।
