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धारा 92 - सम्मति के बिना किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य
सम्मति के बिना किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य कोई बात जो किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक यद्यपी, उसकी सम्मति के बिना, की गई है, ऐसी किसी अपहानि के कारण, जो उस बात से उस व्यक्ति को कारित हो जाए, अपराध नहीं है, यदि परिस्थितियां ऐसी हों कि उस व्यक्ति के लिए यह असंभव हो कि वह अपनी…
पूरा पढ़ेंबिना सहमति के किसी व्यक्ति के लाभ के लिए सद्भावनापूर्वक किया गया कार्य।
कोई भी कार्य, सद्भावनापूर्वक किए जाने पर भी, उस व्यक्ति की सहमति के बिना भी, उस व्यक्ति को होने वाली किसी भी हानि के कारण अपराध नहीं है, यदि परिस्थितियाँ ऐसी हों कि उस व्यक्ति के लिए सहमति देना असंभव हो, या यदि वह व्यक्ति सहमति देने में असमर्थ हो, और उसका कोई अभिभावक या अन्य कानूनी रूप से प्रभारी व्यक्ति न हो जिससे…
पूरा पढ़ेंगर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु का कारण बनना, जो कि गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है।
जो कोई भी ऐसी परिस्थितियों में कोई ऐसा कार्य करता है, जिससे मृत्यु होने पर वह गैर इरादतन हत्या का दोषी होगा, और ऐसे कार्य से किसी जीवित अजन्मे बच्चे की मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। चित्रण ए, यह जानते हुए कि उसके…
पूरा पढ़ेंगर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु का कारण बनना, जो कि गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है।
जो कोई भी ऐसी परिस्थितियों में कोई ऐसा कार्य करता है, जिससे मृत्यु होने पर वह गैर इरादतन हत्या का दोषी होगा, और ऐसे कार्य से किसी जीवित अजन्मे बच्चे की मृत्यु का कारण बनता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा। चित्रण। ए, यह जानते हुए कि…
पूरा पढ़ें- IPC §92BNS §30
धारा 92 - सम्मति के बिना किसी व्यक्ति के फायदे के लिए सद्भावपूर्वक किया गया कार्य
बिना सहमति के किसी व्यक्ति के लाभ के लिए सद्भावनापूर्वक किया गया कार्य।
- IPC §316BNS §92
गर्भ में पल रहे शिशु की मृत्यु का कारण बनना, जो कि गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है।
